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दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कल से आज तक क्या-क्या हुआ?

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लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट को दर्शाता एक मैप।
लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट को दर्शाता एक मैप।

नई दिल्ली |

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम को कार में हुए जोरदार धमाके से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि बाकी मौतें इलाज के दौरान हुई हैं। सोमवार (10 नवंबर) शाम करीब 6:52 बजे हुए इस धमाके में घायल हुए लोगों को रात साढ़े 11 बजे तक अस्पताल पहुंचाया जाता रहा। अब तक करीब 24 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

 

ट्रैफिक सिग्नल पर चलती कार में धमाका
गृह मंत्री ने घटना के दो घंटे बाद मीडिया के सामने कहा कि लाल किला की सुभाष मार्ग ट्रैफिक लाइट (Subhash Marg Traffic Signal) पर एक धीमी गति से चलती सफेद रंग की हुंडई i20 कार (Hyundai i20 Car) में धमाका हुआ। जिससे रोड पर मौजूद बाकी गाड़ियां और लोग भी हताहत हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना तीव्र था कि उसकी आवाज़ चार किलोमीटर दूर आईटीओ (ITO) और सिविल लाइंस (Civil Lines) तक सुनी गई। धमाके के बाद पूरा इलाका दहशत से भर गया और बाजारों में अफरा-तफरी मच गई।

 

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: जांच NIA को सौंपी गई

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency – NIA) को सौंप दी है।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “यह एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मामला है।NIA अब धमाके की पूरी साजिश, फंडिंग और नेटवर्क का पता लगाएगी।”गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एफएसएल को NIA को सभी प्राथमिक सबूत (evidence) सौंपने के निर्देश दिए हैं।

 

पीएम बोले- षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज दो दिन की भूटान यात्रा पर गए हैं, वहां से उन्होंने कहा-

“मैं भारी मन से यहां आया हूं, कल दिल्ली में भयावह घटना ने सबका मन व्यथित कर दिया है। षड्यंत्रकारी को बख्शा नहीं जाएगा, पूरा देश पीड़ितों के साथ खड़ा है।”

इससे पहले घटना के बाद मोदी ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “दिल्ली में हुए विस्फोट की खबर से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। ”

 

फॉरेंसिक रिपोर्ट: हाई-ग्रेड विस्फोटक का इस्तेमाल

फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि कार में अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) जैसे हाई-ग्रेड विस्फोटक (High-Grade Explosive) का इस्तेमाल हुआ था। इस विस्फोटक का उपयोग आम तौर पर मिलिट्री-ग्रेड ब्लास्ट में किया जाता है।विस्फोट से कार के परखच्चे 250 मीटर दूर तक जा गिरे, जबकि आसपास की गाड़ियों में भी आग फैल गई। कार की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर बरामद कर लिया गया है, जिसके आधार पर पुलिस ने कार का पूरा रूट ट्रेस किया है।

 

कार का 11 घंटे का सफर — फरीदाबाद से लाल किला तक

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार का पूरा 11 घंटे का ट्रैवल रूट (Travel Route) ट्रेस कर लिया है:

1. सुबह 7:30 AM: कार को पहली बार फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल (Asian Hospital) के पास देखा गया।

2. सुबह 8:13 AM: कार ने बदरपुर टोल प्लाजा (Badarpur Toll Plaza) पार कर दिल्ली में प्रवेश किया।

3. सुबह 8:20 AM: कार को ओखला इंडस्ट्रियल एरिया (Okhla Industrial Area) के पास पेट्रोल पंप पर देखा गया।

4. दोपहर 3:19 PM: कार लाल किला पार्किंग एरिया (Red Fort Parking Area) में दाखिल हुई।

5. शाम 6:22 PM: कार पार्किंग से बाहर निकली।

6. शाम 6:52 PM: चलती कार में भीषण विस्फोट (Massive Explosion) हुआ।

पुलिस ने CCTV फुटेज और ANPR कैमरों की मदद से कार की हर मूवमेंट को ट्रैक किया है।

 

शहर में हाई अलर्ट, कई जगह चेकिंग शुरू

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में हाई अलर्ट (High Alert) जारी कर दिया है। लाल किला, जामा मस्जिद, आईटीओ, राजीव चौक और दिल्ली गेट इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मेट्रो स्टेशनों पर बैग और गाड़ियों की चेकिंग तेज कर दी गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और ATS की टीमें 100 से ज्यादा CCTV फुटेज और ‘डंप डेटा’ खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमाके से पहले या बाद में कोई संदिग्ध व्यक्ति वहां मौजूद था या नहीं।

 

संभावित लक्ष्य क्या था?

अभी तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोटक से भरी कार का असली निशाना (Actual Target) क्या था। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि कार की धीमी गति (slow speed) से यह इशारा मिलता है कि ड्राइवर शायद किसी विशिष्ट स्थान की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही विस्फोट हो गया।

राजधानी में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की बड़ी बैठक

घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) की मौजूदगी में गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, IB और RAW के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में दिल्ली और NCR में
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का निर्णय लिया गया।

 

धमाके की गूंज से शीशे टूट गए थे, इतने कॉल हुए कि नेटवर्क जाम  

विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। लाल किला, दरियागंज, कनॉट प्लेस (CP), आईटीओ और राजीव चौक जैसे इलाकों में कई बाजार एहतियातन बंद करा दिए गए। मेट्रो सेवाएं (Metro Services) कुछ देर के लिए रोक दी गईं। लाल मंदिर और मेट्रो स्टेशन के शीशे टूट गए। सुरक्षा कारणों से लाल किला, दिल्ली गेट,ITO और राजीव चौक स्टेशन पर ट्रेनें अस्थायी रूप से बंद रहीं। धमाके के तुरंत बाद मोबाइल नेटवर्क जाम (Network Jam) हो गया, लोग अपने घरवालों को फोन करने लगे, जिससे कॉल्स कनेक्ट नहीं हो पा रहीं थीं। पुलिस को पहले एक घंटे में 200 से ज्यादा कॉल्स मिलीं।

 

आग बुझाने में 37 मिनट लगे थे 

धमाके की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Department) की 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शाम 7:29 बजे तक, यानी धमाके के करीब 37 मिनट बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। घटनास्थल से कार के टुकड़े, धातु के हिस्से और एक जले हुए मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

 


written by Mahak Arora

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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PU Election : पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में NSUI की बड़ी जीत

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पटना |

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ (PUSU) चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है। 

पटना यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष और महासचिव पद पर NSUI के कैंडिडेट की जीत हुई है। NSUI के शांतनु शेखर नए छात्र अध्यक्ष और खुशी महासचिव बनीं हैं। निर्दलीय उम्मीदवार सिफत फैज उपाध्यक्ष चुनी गई हैं। जबकि ABVP को संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष पद पर जीत मिली है। ABVP के अभिषेक शर्मा को संयुक्त सचिव व हर्षवर्धन को पटना यूनिवर्सिटी का कोषाध्यक्ष चुना गया है।

विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के लिए चुनाव रिजल्ट 28 फरवरी को जारी हुए हैं। चुनाव में 37.84% वोटिंग हुई, सबसे ज्यादा वोट पटना लॉ कॉलेज (50.66%) में पड़े। सबसे कम वोटिंग बीएन कॉलेज(21.2%) में दर्ज की गई।

अध्यक्ष पद पर बड़े अंतर से जीत

अध्यक्ष बने शांतनु शेखर ने छात्र जदयू के प्रिंस कुमार को 1496 वोटों से हराया। शांतनु को 2896, जबकि प्रिंस को 1400 वोट मिले।

उपाध्यक्ष बनीं सिफत फैज ने छात्र जदयू के आयुष हर्ष को 65 वोटों से हरा दिया। सिफत को 1571, जबकि आयुष को 1503 वोट मिले।

महासचिव बनीं खुशी ने छात्र राजद के प्रत्यूष राज को 553 वोटों से हराया है। खुशी को 2164, जबकि प्रत्यूष को 1611 वोट मिले।

संयुक्त सचिव बने अभिषेक कुमार ने एनएसयूआई के एमडी मोनावर आजम को 392 वोटों से हराया है। अभिषेक को 2143, जबकि मोनावार को 1751 वोट मिले।

ABVP ने फिर गंवाया अध्यक्ष पद

2025 में ABVP ने छात्रसंघ चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 13 साल बाद इसे हासिल किया था। इसके साथ ही उसकी प्रत्याशी मैथिली मृणालिनी (ABVP) पटना यूनिवर्सिटी की पहली महिला प्रेसिडेंट भी बनी थीं। पर एक साल बार फिर से अध्यक्ष पद की दौड़ से ABVP बाहर हो गया। इस पद के लिए अंतिम मुकाबला NSUI और छात्र JDU के बीच हुआ। 

यूपी-एमपी में दबदबा, फिर बिहार में क्यों कमजोर ABVP

  • क्षेत्रीय राजनीति का असर: बिहार में RJD, JD(U) और NSUI जैसी स्थानीय ताकतें मजबूत हैं। ABVP को “BJP की छात्र शाखा” के तौर पर देखा जाता है, जिससे कुछ छात्रों में दूरी रहती है।
  • महिला और इंडिपेंडेंट कैंडिडेट का उदय: 2025 में मैथिली मृणालिनी की जीत के बाद भी 2026 में NSUI ने महिलाओं और युवा मुद्दों (जैसे कैंपस सेफ्टी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टेटस) पर बेहतर कैंपेन किया।
  • स्थानीय मुद्दों पर फोकस: NSUI ने कैंपस में लड़कियों की सुरक्षा, प्लेसमेंट और एकेडमिक रिफॉर्म्स पर जोर दिया, जबकि ABVP को “राष्ट्रीय मुद्दों” पर ज्यादा फोकस करने का आरोप लगा।
  • वोट बंटवारा: RJD, JD(U) और इंडिपेंडेंट्स के बीच वोट बंटने से NSUI को फायदा हुआ। ABVP को सिर्फ एक सीट मिली, जबकि 2025 में भी वह बहुमत नहीं बना पाया था।

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दुनिया गोल

Breaking News : अमेरिका-इजरायल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, सरकारी मीडिया ने पुष्टि की

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अयातुल्ला अली ख़ामेनेई

नई दिल्ली |

अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने रविवार सुबह (1 march) इसकी पुष्टि की है।

इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू के मारे जाने की भी खबर है।

आयतुल्लाह खामेनेई ने 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक इमाम खुमैनी की मौत के बाद से 37 साल तक ईरान और मुस्लिम उम्मत का नेतृत्व किया, अब उनकी हत्या के बाद ईरान में यह स्थान खाली हो गया है, देखना होगा कि उनका उत्तराधिकारी किसे बनाया जाता है। 

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का दावा किया था।

बता दें कि इजरायल-अमेरिका की ओर से शनिवार को शुरू किए गए हवाई हमलों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों को निशाना बनाया गया, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है।

ईरानी सेना ने खामेनेई की शहादत के बाद “खतरनाक अभियान” की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।

ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक

उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस्लामिक क्रांति के नेता खामनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा – इससे ईरानी राष्ट्र उनकी राह पर चलने के लिए और अधिक दृढ़ होगा।

ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।

ईरान में अब तक 200 से ज्यादा मौतें

ईरान के एक गैर-सरकारी मानवतावादी संगठन ‘ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी’ का कहना है कि इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 छात्राएं घायल हैं।

ईरान का पलटवार- 9 देशों पर हमले

अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं।  कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

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Breaking News : शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया बरी, CBI कोर्ट बोली- आरोप साबित नहीं

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अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को लंबे समय तक ऐसे केस में जेल में रहना पड़ा जो झूठा साबित हुआ है।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को लंबे समय तक ऐसे केस में जेल में रहना पड़ा जो झूठा साबित हुआ है।
  • दिल्ली की शराब नीति को घोटाला बताते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था।

नई दिल्ली|

शराब घोटाला केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश देते हुए कहा कि इनके खिलाफ शराब घोटाले से जुड़े आरोप साबित नहीं हुए क्योंकि इसको लेकर कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

बता दें कि मनीष सिसोदिया उस वक्त दिल्ली के आबकारी मंत्री भी थे और उन्हें सबसे पहले इस कथित घोटाले में जेल भेजा गया था। यह वही कथित घोटाला है, जिसके चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को जेल से सरकार चलानी पड़ी थी। फिर बाद में उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव हार गई थी। इस हार के पीछे शराब घोटाले के चलते केजरीवाल के खिलाफ बनी पब्लिक ओपीनियन को बड़ी वजह माना जाता है।

बता दें कि शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था। ED ने उन्हें 21 मार्च, 2024 को अरेस्ट किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने जेल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई, 2024 को जमानत मिली थी।

दूसरी ओर, तत्कालीन आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया को इस केस के चलते करीब 530 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। दिल्ली के शिक्षा मंत्री के तौर पर बनी उनकी छवि को इस कथित घोटाले ने काफी नुकसान पहुंचाया।

भावुक हुए केजरीवाल, सिसोदिया बोले- हम कट्टर ईमानदार

इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और बोले कि साबित हो गया कि हमारे ऊपर लगाया गया इल्जाम फर्जी था। उनके साथी व सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’ इस मामले में आज शाम चार बजे अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

फैसले के खिलाफ CBI जाएगी हाईकोर्ट

समाचार एजेंसी ANI ने सोर्स के आधार पर दावा किया है कि राऊज एवेन्यू कोर्ट में चले केस में हार के बाद CBI ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

शराब नीति पर क्या आरोप लगे जो फर्जी निकले?

  • दिल्ली शराब नीति (2021-22) का उद्देश्य निजी फर्मों और उद्यम कंपनियों को खुदरा शराब क्षेत्र में लाना था। केजरीवाल सरकार का कहना था कि इसके जरिए उत्पाद शुल्क और खुदरा शराब क्षेत्र में सुधार होगा, यह भी कहा गया कि इससे राजस्व में 9,500 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।  
  • इसको लेकर तत्कालीन विपक्षी दल कांग्रेस व भाजपा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसे ‘शराब घोटाला’ कहा था। आप पर आरोप लगा कि इस नीति के जरिए लाइसेंस शुल्क में छूट और कमी करके निजी क्षेत्र के मालिकों और शेयरधारकों को लाभ पहुंचाया गया।  
  • नीति लागू होने के बाद, इसमें “कई करोड़ के घोटाले” के आरोप लगाते हुए कई शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से एक शिकायत जून 2022 में दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई।
  • जुलाई 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने शराब नीति के निर्माण में प्रक्रियात्मक उल्लंघनों की रिपोर्ट सक्सेना को सौंपी, जिन्होंने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
  • इन कथित उल्लंघनों में विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में उपराज्यपाल की भूमिका को दरकिनार करना शामिल था। इस रिपोर्ट में सरकारी खजाने को 580 करोड़ रुपये तक के नुकसान का आरोप लगाया गया था।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक अन्य जांच में आरोप लगाया गया कि शराब नीति, शराब थोक विक्रेताओं को 12% का गारंटीकृत लाभ मार्जिन देगी, जिसके बदले में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों को 6% रिश्वत दी जाएगी।
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