चुनावी डायरी
पीएम की मां के बाद अब तेजस्वी की पत्नी से अपशब्द की राजनीति
- राजद की विधायक के पति ने अपने दल के नेता तेजस्वी यादव की पत्नी को जर्सी गाय कहा।
- बयान पर राजद बोली- राजबल्लभ यादव को भाजपा में लालू के खिलाफ बोलने को आगे किया।
नवादा | राजेश प्रसाद
पिछले नौ साल से बलात्कार के केस में जेल में बंद नवादा के विधायक रहे राजबल्लभ यादव 22 दिन पहले ही जेल से छूटे और एक महिला विरोधी बयान देकर चर्चा में आ गए हैं। राजबल्लभ यादव ने तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री को ‘जर्सी गाय’ कह दिया जो मूल रूप से ईसाई हैं।
यह कहते हुए पूर्व विधायक ने उसी पार्टी के खिलाफ तेवर दिखा दिए, जिसके टिकट से उनकी पत्नी विभा देवी वर्तमान विधायक हैं। राज बल्लभ यादव के बयान को जिला राजद ने महिलाओं के खिलाफ घृणित मानसिकता वाला बताया है। गौरतलब है कि इस समय पीएम मोदी की दिवंगत मां को अपशब्द कहे जाने का मुद्दा खुद पीएम के पीड़ा जाहिर करने के बाद से जोर पकड़ रहा है और एनडीए ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए इसी सप्ताह बिहार बंद बुलाया था। ऐसे में राज बल्लभ यादव का तेजस्वी की पत्नी के खिलाफ दिया बयान ‘पलटवार’ के तौर पर भी देखा जा रहा है।
‘सिर्फ वोट के लिए जाति की राजनीति, जर्सी गाय ले आए’
नवादा के नारदीगंज प्रखंड में रविवार को एक जनसभा संबोधित करते हुए राजबल्लभ यादव ने लालू यादव व तेजस्वी की पार्टी पर वोट लेने के लिए जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- ‘वोट लेने के लिए तेजस्वी यादव जाति की बात करते हैं लेकिन शादी तो किसी और जाति में की। अगर किसी यादव की बेटी से तेजस्वी ने शादी की होती तो यादव समाज की किसी लड़की का भला होता। क्या जरूरत थी हरियाणा-पंजाब से लाने की। कोई जर्सी गाय लाए हैं।’ कभी लालू यादव के खास रहे पूर्व विधायक राजबल्लभ यहीं नहीं रुके, उन्होंने तेजप्रताप का नाम लिए बिना कहा कि ‘एक ने किया भी तो भगा दिया।’
लालू ने बहू का नाम बदलकर रखा था राजश्री यादव
तेजस्वी यादव की पत्नी का मूल नाम रेचल गोडिन्हो है और वे हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। दोनों बचपन के दोस्त थे, वे एक विमान कंपनी में काम करती थीं और प्रेम विवाह किया। शुरूआत में इस रिश्ते को लेकर लालू असहज थे पर कहा जाता है कि मुलायम सिंह यादव की मध्यस्था से परिवार ने रिश्ता मंजूर कर लिया। लालू यादव ने अपनी बहू का नाम राजश्री यादव रख दिया था। परिवार की तरफ से यह तर्क दिया गया कि ‘रेचल गोडिन्हो’ नाम बोलने में कठिनाई होती है, इसलिए भारतीय संस्कृति के अनुरूप नया नाम दिया गया। सोशल मीडिया पर उन्हें अक्सर ‘बिहार की भाभी’ कहा जाता है और उनकी सादगी व सुंदरता की काफी तारीफ होती है। तेजस्वी और राजश्री के एक बेटी और एक बेटा है।
नवादा की राजनीति का अहम हिस्सा रहे हैं राजबल्लभ यादव
नवादा में यादव व भूमिहार का सपोर्ट लंबे समय से राजबल्लभ के पास रहा है जो राजद का यहां प्रतिनिधित्व करते आए हैं। 2016 में रेप के केस में नीतीश सरकार ने इन्हें जेल भेजा था, तब राजद ने पार्टी से निष्कासित कर दिया। हालांकि इनकी पत्नी को टिकट दिया था। 2023 के विधान परिषद व 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजबल्लभ ने पार्टी से अपने भाई के लिए टिकट की मांग की, पार्टी के न मानने के बाद दोनों के बीच दूरी बढ़ती चली गई।
पीएम की रैली में मौजूद रहकर दिए थे बगावत के संकेत
हाल में राजद विधायक विभा यादव ने पार्टी को बगावत के संकेत दिए जब वे गया जी जिले में हुई पीएम मोदी की रैली के दौरान मंच पर दिखी थीं। इसके बाद से ही विभा देवी व उनके पति राजबल्लभ यादव के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। रिहाई के तुरंत बाद राजबल्लभ यादव ने तेजस्वी यादव की पत्नी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करके भाजपा से संभावित मिलाप के संकेत दे दिए हैं।
चुनौती देने को जदयू से यादव नेता को तोड़ा
राजबल्लभ के बदले तेवरों को देखते हुए जुलाई में राजद ने भी राजनीतिक पैंतरा दिखाया। 20 साल से नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में रहे नवादा के बाहूबली नेता कौशल यादव को तोड़कर वापस पार्टी में शामिल करा लिया, जिनकी यादव के साथ मुसलमानों के बीच पैठ बतायी जाती है। ऐसे में नवादा जिले में दो यादव नेताओं के जरिए राजद-जदयू-भाजपा राजनीति की बिसात पर खेल रही है। रविवार को राजबल्लभ के बयान पर कौशल यादव ने प्रेसवार्ता करके कड़ी आपत्ति जतायी और कहा कि तीस साल से लालू यादव ने जिसे विधायक-मंत्री बनाए रखा, उसे भाजपा लालू यादव के खिलाफ ही आगे कर रही है।
नवादा की छात्रा को घर बुलाकर रेप का आरोप
राजबल्लभ के ऊपर जिस नाबालिग से बलात्कार का आरोप है, वह 6 फरवरी, 2016 का मामला है। नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 साल की लड़की बिहारशरीफ नगर इलाके में किराये के घर में रहकर पढ़ाई करती थी। आरोप है कि उसे एक सहेली व उसकी मां ने एक बर्थडे पार्टी में चलने को कहा, किशोरी के राजी हो जाने पर वे दोनों उसे नवादा के विधायक राजबल्लभ के मकान पर पहुंचा गईं। वहां राजवल्लभ ने लड़की के साथ कथित रूप से रेप किया। यह भी आरोप है कि अगले दिन 7 फरवरी को सहेली ने किशोरी को उसके घर बिहारशरीफ छोड़ा। उसे 30 हजार रुपए दिए और मुंह बंद करने की धमकी दी, लेकिन लड़की चुप नहीं रही। 9 फरवरी को उसने बिहारशरीफ के एक थाने में एफआईआर दर्ज करा दी।
चुनावी डायरी
RJD में नए युग की शुरुआत: तेजस्वी यादव बनाए गए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष
- लालू यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, आज जारी कार्यकारिणी बैठक में ऐलान हुआ।
लालू यादव के निर्देश पर आया प्रस्ताव
अब पार्टी में क्या होगी तेजस्वी की भूमिका
प्रतिक्रियाएं – किसने क्या कहा ?
राजद बोली- एक नए दौर की शुरूआत
“एक नए युग का शुभारंभ! श्री @yadavtejashwi जी बनाए गए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष!”
रोहिणी आचार्य बोलीं- कटपुतली बना शहजादा
“सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और ” गिरोह – ए – घुसपैठ ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक ..”
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दी बधाई
“श्री तेजस्वी यादव जी को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई!”
चुनावी डायरी
RJD की राष्ट्रीय बैठक से ठीक पहले ‘एक्टिव’ हुए तेजस्वी यादव; कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के संकेत, बहन रोहिणी आचार्य ने फिर खोला मोर्चा
- राजद की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक आज पटना के मौर्य होटल में हो रही।
नई दिल्ली|
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से लंबी चुप्पी साधे राजद नेता तेजस्वी यादव अपने पुराने तेवर में लौटे और राज्य में हो रही अपराध की घटनाओं पर सीधे पीएम मोदी से सवाल किया है। राजद कार्यालय में कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार में देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री लगातार दौरा कर रहे थे पर नीट छात्रा के साथ हुए अपराध पर उनके एक ट्वीट तक नहीं हुआ। तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि बजट सेशन के बाद वे हर जिले का दौरा करके जनता व पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।
गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के जरिए राज्य में एक्टिव हैं, और तेजस्वी की चुप्पी के चलते राजद पर सक्रियता से जुड़े सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, तेजस्वी ने अपने तीखे तेवर राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के ठीक एक दिन पहले दिया। माना जा रहा है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि इस सुगबुगाहट के बीच उनकी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने फिर से ट्वीट करके अपनी नाराजगी जता दी है।
नई कार्यकारिणी 6 माह पहले बनी, अब हो रही पहली बैठक
तेजस्वी यादव लगातार कहते आ रहे हैं कि बिहार के चुनाव में लोक हार गया और तंत्र की जीत हो गई, यही बात उन्होंने 24 जनवरी को भी दोहराई। मगर बात अगर पार्टी के अंदर के लोकतंत्र की करें तो हाल इतना खराब है कि पार्टी की नई कार्यकारिणी छह महीने पहले गठित (5 जुलाई, 2025) हो चुकी है मगर उसकी पहली बैठक अब होने जा रही है। इसको लेकर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन का तर्क है कि कार्यकारिणी बनने के बाद विधानसभा चुनाव होने के चलते पार्टी की कोई बड़ी बैठक नहीं हो पाई थी इसलिए नए साल में 25 जनवरी को पार्टी की कार्यकारिणी की पहली बैठक होगी।
एजेंडा – चुनावी हार की समीक्षा होगी
पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की करारी हार के कारणों और आगे की रणनीति पर भी मंथन होगा।
- राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 85 सदस्य शामिल होंगे।
- सभी राज्यों के राजद के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहेंगे
- सभी विधायक, सांसद, राज्यसभा सांसद एवं विधान पार्षद शामिल होंगे।
- राजद के विशेष आमंत्रित सदस्य व 200 बड़े नेता शामिल होंगे।
साल 2028 तक राजद के अध्यक्ष रहेंगे लालू यादव
बीते साल 5 जुलाई में राजद के राष्ट्रीय परिषद का खुला अधिवेशन हुआ था, तब मांग उठी थी कि तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया जाए क्योंकि लालू यादव की तबीयत खराब रहने लगी है। हालांकि इन मांगों को दरकिनार करके लालू यादव ने अगले तीन साल (2025-28) के लिए पार्टी के अध्यक्ष पद को अपने पास ही रखा और कार्यकारी अध्यक्ष किसी को नहीं बनाया। हालांकि तब उन्होंने तेजस्वी यादव के काम की तारीफ करके यह संकेत दे दिए थे कि बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी।
तेजस्वी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के संकेत
नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से ठीक पहले तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के संकेत मिलने लगे हैं। तेजस्वी भी दोबारा एक्टिव हो गए हैं। हालांकि इस मामले में आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा है कि तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर अभी कोई राजनीतिक प्रस्ताव नहीं आया है। रविवार को होने वाली बैठक में कोई इस तरह का प्रस्ताव आएगा तो उसपर विचार किया जा सकता है।
‘परिवार-पार्टी के बीच समन्वय के लिए लालू जरूरी’ – विशेषज्ञ
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस तरह लालू यादव के परिवार में बिखराव है, ऐसे में पार्टी का पूरा नियंत्रण वे तेजस्वी यादव को नहीं देना चाहते। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप पहले ही पार्टी से निष्कासित हैं और नई राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव भी लड़ चुके हैं। दूसरी ओर, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार तेजस्वी यादव के खिलाफ बयान देती आ रही हैं। ऐसे में लालू यादव का पार्टी की धुरी बने रहना समय की जरूरत है।
इतिहास – लालू को कभी रास नहीं आया कार्यकारी अध्यक्ष
पार्टी के इतिहास की बात करें तो राजद के अस्तित्व में आने के ठीक बाद एक मौका आया जब लालू यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना पड़ा। 1997 में बिहार में लालू यादव के नेतृत्व में जनता दल की सरकार थी। तब चारा घोटाले में लालू का नाम आने के बाद सरकार और संगठन की कमान छोड़ने का दबाव उनपर बना। तब लालू ने जनता दल से अलग होकर ‘राष्ट्रीय जनता दल’ (RJD) बनाया और पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया। साथ ही, अपने करीबी रंजन यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। पर कुछ ही दिन के बाद रंजन यादव पर राबड़ी देवी को सत्ता से हटाने की रणनीति बनाने के आरोप लगे, इसकी भनक लगते ही लालू ने उनके अधिकार वापस ले लिए।
‘लालूवाद को नष्ट-करने वालो के हाथ में पार्टी की असली कमान’
रविवार को होने जा रही पार्टी की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से ठीक पहले लालू यादव की दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट करके तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों के ऊपर वार किया है। रविवार सुबह आए उनके लंबे ट्वीट में कहा गया है कि पार्टी को ‘तहस-नहस’ करने वालो के हाथ में इसकी असली कमान है और ये लोग पार्टी को नष्ट करने के ‘टास्क’ में काफी हद तक सफल हो चुके हैं। गौरतलब है कि नवंबर में रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया था कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें उनके भाई व उनके दो दोस्तों ने मिलकर घर से निकाल दिया था।
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बिहार : दही-चूड़ा के बहाने फिर बेटे तेज प्रताप से फिर जुड़ रही लालू परिवार के रिश्तों की डोर
नई दिल्ली|
लालू यादव और उनके परिवार की बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ टूट गए रिश्तों की डोर दोबारा जुड़ती नजर आई है। मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप ने चूड़ा भोज का आयोजन करके परिवार को निमंत्रण भेजा, जिसमें लालू यादव ने शामिल होकर पारिवारिक जुड़ाव का संकेत दिया है।
हालांकि तेजस्वी यादव न्यौते के बाद भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस बारे में पूछे जाने पर तेज प्रताप ने कोई नाराजगी नहीं दिेखाई, बल्कि यह कहकर बात टाल दी कि ‘तेजस्वी छोटे भाई हैं, देरी से सोकर उठते हैं।’ इस पूरे घटनाक्रम से साफ संकेत मिला है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद आखिर यह बर्फ पिघल रही है।
गौरतलब है कि लालू यादव ने बड़े बेटे की गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें पार्टी और परिवार से अलग कर दिया था।
तेज प्रताप बोले- पिता का आशीर्वाद मिला
दही-चूड़ा कार्यक्रम के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक ही सोफे पर बैठे नजर आए। लालू प्रसाद के भोज में आने के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे पिता का आशीर्वाद मिला है।” साथ ही बोले कि “बिहार के गवर्नर भी आएं थे, उन्होंने भी आशीर्वाद दिया है. बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हुए कुछ नया काम करना है।”
एक दिन पहले घर जाकर न्यौता दिया था
13 जनवरी को तेज प्रताप ने अपने एक्स हैंडिल से भाई तेजस्वी यादव और मां राबड़ी देवी को दही-चूड़ा के आयोजन का निमंत्रण देते हुए तस्वीरें साझा की थीं, जिसने लोगों को चौंका दिया। तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी के घर पहुंचे थे, वहां अपनी भतीजी के साथ भी उन्होंने एक फोटो खिंचवाया।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भी शामिल हुए
तेज प्रताप के इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद शामिल हुए। साथ ही, विपक्षी दल भाजपा के प्रमुख नेता व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि एक दिन पहले डिप्टी सीएम सिन्हा के आवास पर दही-चूड़ा का आयोजन था, जिसमें तेजप्रताप शामिल हुए थे।
लालू के साले बोले- परिवार एक है, कोई दूरी नहीं
लालू यादव के अलावा तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में उनके बड़े मामा प्रभुनाथ यादव भी पहुंचे। उन्होंने कहा, “राज्यपाल और लालू जी ने आशीर्वाद दिए हैं, आज से दिन शुभ होने वाला है, परिवार एक है, कोई दूरी नहीं है।” वह बोले कि हमने अपने भगिना को आशीर्वाद दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी बड़ी बात कही कि तेज प्रताप यादव बहुत आगे जाने वाले हैं। दोनों भाई एक साथ हैं। सारे मामा का आशीर्वाद है।
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