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चुनावी डायरी

रोहतास में अमित शाह : चुनौतीपूर्ण डेहरी सीट पर मजबूती का संदेश देंगे

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गृहमंत्री अमित शाह (साभार- इंटरनेट)

रोहतास | अमित कुमार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 18 सितंबर को रोहतास जिले के डेहरी पहुंचेंगे। यह दौरा भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डेहरी विधानसभा सीट एक हॉट सीट बन चुकी है, जहाँ पार्टी को कड़ी चुनौती मिल रही है। डेहरी से ही विपक्षी नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की थी, जो भाजपा के लिए वोटर बेस को कमजोर करने का संकेत देता है। शाह का यह दौरा 11 जिलों के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के रूप में होगा, जो पार्टी को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर फोकस करेगा। लेकिन सवाल उठता है कि रोहतास के इस प्रमुख जिले में बड़े नेता क्यों आ रहे हैं? आइए, डेहरी विधानसभा की चुनौतीपूर्ण स्थिति और शाह के दौरे के महत्व को समझते हैं।

डेहरी विधानसभा: भाजपा के लिए कांटे की टक्कर

डेहरी विधानसभा सीट रोहतास जिले की एक महत्वपूर्ण सीट है, जो 1951 से अस्तित्व में है। यह औद्योगिक क्षेत्र (मिल, घी इकाइयाँ, प्लास्टिक पाइप, बल्ब और जूते-चप्पल का उत्पादन) होने के बावजूद ग्रामीण-शहरी मिश्रित मतदाता (65.27% ग्रामीण, 34.73% शहरी) वाली है। अनुसूचित जाति 16.91% और मुस्लिम 10.6% मतदाता हैं, जो वोटिंग पैटर्न को प्रभावित करते हैं।

बीजेपी का प्रत्याशी मात्र 464 वोटों से हारा था

चुनावी इतिहास में कांग्रेस ने 5 बार, आरजेडी ने 4 बार जीत हासिल की है। सोशलिस्ट पार्टी (1952), प्रजा सोशलिस्ट पार्टी (1957), जनता दल, और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 2-2 बार सफलता पाई। 1985 में आखिरी बार कांग्रेस जीती थी। भाजपा की पहली जीत 2019 के उपचुनाव में हुई, जब आरजेडी के मोहम्मद इलियास हुसैन को अयोग्य घोषित किया गया था। लेकिन 2020 में आरजेडी के फतेह बहादुर सिंह ने भाजपा के सत्यनारायण सिंह को मात्र 464 वोटों के अंतर से हराकर सीट पर कब्जा जमाया। 2015 और 2020 में आरजेडी की लगातार जीत ने भाजपा के लिए चुनौती खड़ी की है।

पवन सिंह की पत्नी लड़ सकती हैं चुनाव 

2025 में डेहरी हॉट सीट बनेगी, क्योंकि भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने काराकाट या डेहरी से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। ज्योति ने फरवरी 2025 में कहा था कि वे जनसंपर्क कर रही हैं और पार्टी का फैसला होने पर मैदान में उतरेंगी। पवन सिंह की लोकप्रियता (2024 लोकसभा में काराकाट से 2.78 लाख वोट) से आरजेडी को फायदा हो सकता है, जो भाजपा के लिए खतरा है। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार भी वोट बांट सकते हैं। भाजपा को पिछड़ी जातियों (कुशवाहा, यादव) और मुस्लिम वोटों पर निर्भर रहना पड़ेगा, लेकिन आरजेडी की मजबूत पकड़ और 2020 की मामूली हार से चुनौती बढ़ गई है।

रोहतास में भाजपा को मजबूत करने का प्रयास

18 सितंबर को अमित शाह डेहरी में दो सत्रों में बैठक करेंगे, जो सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी। पहले सत्र में रोहतास जिले के वर्तमान-पूर्व सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, महामंत्री शामिल होंगे। दूसरे सत्र में 11 जिलों (रोहतास सहित आसपास के) के कार्यकर्ता भाग लेंगे। यह बैठक स्वर्गीय इंजीनियर ललन सिंह स्पोर्टिंग क्लब में होगी। तैयारी जोरों पर है। मंगलवार को जिला प्रशासन और भाजपा नेताओं ने हेलीपैड व कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। भाजपा महामंत्री ने कहा कि शाह का आगमन कार्यकर्ताओं में उत्साह लाएगा और चुनावी रणनीति को मजबूत करेगा।

रोहतास में बड़े नेता क्यों आ रहे हैं?

रोहतास भाजपा का मजबूत गढ़ है, लेकिन डेहरी में आरजेडी की पकड़ और ज्योति सिंह की संभावित उम्मीदवारी से चुनौती बढ़ गई है। शाह का दौरा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने, वोटर बेस मजबूत करने और NDA की एकता दिखाने का प्रयास है। डेहरी से राहुल-तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत ने विपक्ष को मजबूती दी है, जबकि भाजपा को 2020 की हार से सबक लेना होगा।

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