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रिपोर्टर की डायरी

Bihar : कैसी शराबबंदी! नशे में स्टेडियम पहुंच गए प्रखंड प्रमुख, मारपीट की.. पुलिस हिरासत में रात गुजारी

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जलालगढ़ प्रखंड प्रमुख (बाये), नशे में स्टेडियम में मारपीट करने का वीडियो वायरल हो रहा है।
जलालगढ़ प्रखंड प्रमुख (बाये), नशे में स्टेडियम में मारपीट करने का वीडियो वायरल हो रहा है।
  • बिहार में शराबबंदी सिर्फ कागज पर सफल, प्रखंड प्रमुख नशे में गिरफ्तार।
  • पूर्णिया जिले के जलालपुर प्रखंड प्रमुख ने नशे में एक युवक से मारपीट की।
  • पहले भी शराब के नशे में ग्रामीणों से झगड़ा करने का आरोप लगा था।

पूर्णिया | पंकज कुमार नायक

बिहार में आम लोगों को शराबबंदी के नाम पर प्रताड़ित करने के तमाम मामले हर रोज सामने आते हैं, पर राज्य में जारी शराबबंदी के बाद भी नेता व रसूखदारों को बड़ी आसानी से शराब मिल रही है और उनके ऊपर पुलिस कोई बड़ी कार्रवाई भी नहीं कर पाती है। पूर्णिया जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें शराब के नशे में स्टेडियम पहुंच गए प्रखंड प्रमुख ने वहां दौड़ रहे एक युवक से मारपीट की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उत्पाद पुलिस ने जब जांच की तो उनके शरीर में 87% अल्कोहल पाया गया।

नशे में स्टेडियम पहुंचे, दौड़ रहे युवक को पीटा

यह पूरा मामला पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर उर्फ भिखारी यादव से जुड़ा है। डगरूआ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने नशे में मारपीट करने के मामले में प्रखंड प्रमुख की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रखंड प्रमुख कुछ युवकों के साथ हाथापाई करते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत मुखिया के प्रतिनिधि राजकुमार दास की ओर से पुलिस को की गई थी।

प्रखंड प्रमुख की शिकायत करने वाले की भी जांच

माना जा रहा है कि शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों राजनीति से जुड़े होने के चलते उत्पाद पुलिस ने दोनों की अल्कोहल जांच करायी। उत्पाद पुलिस के मुताबिक, जांच में शिकायतकर्ता की शरीर मेें अल्कोहल नहीं मिली जबकि प्रखंड प्रमुख शराब पिये पाए गए।

हवालात में गुजरी रात, आज फेसबुक लाइव करेंगे प्रखंड प्रमुख

चूंकि प्रखंड प्रमुख के शरीर से शराब की मात्रा मिली है इसलिए उन्हें दो हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। 9 फरवरी तक जुर्माना राशि भरने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी इसलिए प्रखंड प्रमुख को पुलिस हिरासत में ही रात गुजारनी पड़ी।

प्रखंड प्रमुख ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर अपना पक्ष रखने की घोषणा की है।

प्रखंड प्रमुख ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर अपना पक्ष रखने की घोषणा की है।

इस पूरे मामले में हो रही जगहंसाई के बाद प्रखंड प्रमुख ने फेसबुक पर पोस्ट किया है कि उनके खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं, वे इस मामले में आज शाम को लाइव आकर अपना पक्ष रखेंगे।

पहले भी नशे में झगड़ा किया

मुखिया प्रतिनिधि का यह भी आरोप है कि प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर ने पहले भी शराब पीने के बाद कुछ ग्रामीणों से झगड़ा किया था जिसका वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि इस मामले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है।

अब देखना होगा कि यह मामला पूर्णिया जिले की राजनीति मेें क्या मोड़ लाता है, पर इस घटना ने यह तो एक बार फिर से साबित कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल है।

(इस मामले पर निखिल किशोर का जवाब आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा)

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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सहरसा(बिहार): टेंपो से एक्सीडेंट के बाद ग्रामीणों ने ड्राइवर को तीन दिन तक बंधक बनाया, छुड़ाने आई पुलिस पर भी गुस्सा फूटा

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ग्रामीणों के साथ झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
ग्रामीणों के साथ झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
  • सहरसा जिले में टेंपो की टक्कर से छह लोग हो गए थे घायल।
  • ड्राइवर को तीन दिनों तक बंधक बनाया, छुड़ाने आई पुलिस पर हमला।
  • थानाप्रभारी व कई पुलिसकर्मी गंभीर रुप से घायल हो गए।

सहरसा | मुकेश कुमार सिंह

साल 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर दिन औसतन 1264 रोड एक्सीडेंट होते हैं और हर दिन ऐसे हादसों में जान गंवाने वालो की संख्या 462 है। फिर भी रोड दुर्घटनाएं रोकने व ट्रैफिक के नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकारें इस ओर कोई कड़ा कदम उठा रही हैं, जिससे आम लोग कानून अपने हाथ में ले लेते हैं।

बिहार के सहरसा जिले में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया जब एक टेंपो की टक्कर से 6 लोगों के घायल होने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने टेंपो ड्राइवर को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस मामले की सूचना मिलने पर जब पुलिस उसे छुड़ाने पहुंची तो गुस्साए लोगों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया जिसमें थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रुप से घायल हो गए। हालांकि टेंपो चालक को पुलिस ने सुरक्षित छुड़ा लिया।

टेंपो चालक विकास को पुलिस ने सुरक्षित छुड़ाया।

टेंपो चालक विकास को पुलिस ने सुरक्षित छुड़ाया।

यह पूरा मामला सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र के बिनटोली गांव का है। छह फरवरी को हुए रोड एक्सीडेंट के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने टेंपो चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई करने के बाद उसे बंधक बनाकर अपने कब्जे में रखा।
घटना के तीसरे दिन 9 फरवरी को पुलिस अपनी टीम के साथ बिनटोली गांव पहुंची और बंधक बनाए गए युवक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया।

ग्रामीणों ने रास्ते में लकड़िया डालकर कई जगहों पर अवरोधक लगा दिए और टेंपो चालक को बचाने आई पुलिस दल पर हमला करने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठे हो गए।

इसी दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। ग्रामीण बंधक बनाए गए युवक को पुलिस के हवाले करने का विरोध करने लगे और जब पुलिस उसे अपने साथ ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने युवक को जबरन छुड़ाने की कोशिश की। स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई और देखते ही देखते आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

इस हमले में पतरघट थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही कई अन्य पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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बिहार: स्पेशल बच्चों ने स्टेडियम में दिखाया दम, ADM ने आंखों पर पट्टी बांधकर खेला क्रिकेट

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दौड़ प्रतियोगिता में दौड़ती स्पेशल खिलाड़ी।
दौड़ प्रतियोगिता में दौड़ती स्पेशल खिलाड़ी।
  • मुंगेर में एक दिवसीय जिला स्तरीय दिव्यांग खेल-कूद प्रतियोगिता हुई।
  • 9 फरवरी को हुई प्रतियोगिता में 80 स्पेशल बच्चों ने भाग लिया।
  • एसडीएम ने आंखों पर पट्टी बांधकर खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला।

मुंगेर | प्रशांत कुमार सिंह

बिहार के मुंगेर में 9 फरवरी का दिन विकलांग बच्चों के लिए रोमांचकारी रहा। पोलो मैदान में विशेष क्षमता वाले इन बच्चों ने एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए मौजूद एडीएम मनोज कुमार ने आंखों पर पट्टी बांधकर दिव्यांग खिलाड़ियों के साथ बैट-बॉल खेली, जो उनके लिए यादगार लम्हा बन गया।

आंखों पर पट्टी क्रिकेट खेलते बांधकर खेलते एसडीएम ।

आंखों पर पट्टी क्रिकेट खेलते बांधकर खेलते एसडीएम ।

मुंगेर में हुई प्रतियोगिता में 80 स्पेशल खिलाड़ियों ने भाग लिया जिसमें अलग-अलग कैटेगरी में 22 खिलाड़ी जीते हैं जो अब डिवीजन स्तर पर खेलेंगे।

दृष्टिहीन श्रेणी के खिलाड़ियों ने क्रिकेट व फुटबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जिसमें चार लड़कियां व चार लड़कियां जीतकर अगले स्तर की प्रतियोगिता के लिए चुने गए।

उद्घाटन समारोह के दौरान मौजूद विशेष खिलाड़ी।

उद्घाटन समारोह के दौरान मौजूद विशेष खिलाड़ी।

एथलेटिक्स में शारीरिक, मानसिक, दृष्टिहीन व मूक बधिर बच्चों ने भाग लिया। अलग-अलग शारीरिक चुनौतियों वाले इन खिलाड़ियों वाले इन खिलाड़ियों को मैदान पर दमखम व अनुशासन देखते ही बना।

दृष्टि बधिर कैटेगरी में पहला स्थान लायी खिलाड़ी सोनाली कुमारी।

दृष्टि बधिर कैटेगरी में पहला स्थान लायी खिलाड़ी सोनाली कुमारी।

इस प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़ की ब्लांइड कैटेगरी में पहला स्थान पाने वाली दृष्टि-बाधित खिलाड़ी सोनाली कुमारी अपनी जीत पर बेहद खुश दिखीं। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार की ‘मेडल लाओ और नौकरी पाओ’ योजना के जरिए वे नौकरी पा सकेंगी और अपनी अलग पहचान बना सकेंगी। उनकी अगली तैयारी 11 फरवरी को डिवीजन स्तर की प्रतियोगिता को लेकर है जो 11 फरवरी को होनी है। इसके बाद 14 व 15 फरवरी को पटना में राज्य स्तरीय दिव्यांग खेल के लिए पूरे बिहार के स्पेशल खिलाड़ी जुटाएंगे।


 

डिवीजन स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं-

मानसिक दिव्यांगता (छात्राएं)

  1. रूपा कुमारी
  2. पूजा कुमारी
  3. सोनल कुमारी

मानसिक दिव्यांगता (छात्र)

  1. अमन कुमार
  2. औरंगजेब
  3. अंकुश कुमार
  4. अणेव कुमार झा

मूक बधिर (छात्र) 

  1. अंकित कुमार
  2. पिंटू कुमार
  3. प्रशांत कुमार
  4. अभिनव राज

दृष्टिबाधित (छात्राएं)

  1. खुशी कुमारी
  2. सोनाली कुमारी
  3. भारती कुमारी
  4. संध्या कुमारी

दृष्टिबाधित (छात्र)

  1. गणपत कुमार
  2. मनीष कुमार
  3. अभिजीत कुमार
  4. उत्तम कुमार

शारीरिक दिव्यांग (छात्राएं)

  1. रमिला कुमारी
  2. मीरा कुमारी
  3. गतिभिका राज
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रील बनाने के लिए लड़के बन गए पुलिस वाले, ट्रक ड्राइवरों को रोककर परेशान करते धरे गए

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पुलिस की वर्दी में रील बनाते युवक।
पुलिस की वर्दी में रील बनाते युवक।
  • बिहार के रोहतास जिले में पुलिस वर्दी पहनकर, नकली हथियार लेकर रील बनाई।
  • नकली पुलिस वाले ट्रकों को रोकते और लोगों को परेशान करके वीडियो बनाते।
  • रोहतास पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया, लकड़ी के हथियार बरामद।

सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव

बिहार में रील बनाने का फितूर युवाओं पर इस कदर चढ़ा है कि सासाराम जिले में पुलिस की वर्दी में रील बनाते हुए युवा धरे गए हैं। बिहार पुलिस की असली वर्दी पहनकर ये युवा पुलिसकर्मी बनकर सड़क पर चलते ट्रकों को रोककर ड्राइवरों को हड़काते थे। सरकारी हथियारों की नकल वाले हथियार लेकर अपराधी को गिरफ्तार करने का एक्ट तक कर रहे थे। इस तरह के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह मामला रोहतास जिले के डेहरी मुफस्सिल थाना का है, जहां की पुलिस ने दो वीडियो क्रिएटर व उनके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पुलिस की वर्दी पहले कुछ लोग बिना नंबर प्लेट की वाली एक स्कॉर्पियो गाड़ी बैठकर शहर में घूम रहे हैं और सड़क पर आने जाने वाले लोगों को रोककर उनका वीडियो बना रहे हैं। इस पर मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची व त्वरित कार्रवाई के दौरान इन सभी को गिरफ्तार कर लिया।

डेहरी एएसपी अतुलेश झा

डेहरी एएसपी अतुलेश झा

पकड़े गए युवकों में रोहतास जिले के शत्रुघन कुमार, शंभू बिगहा के राहुल कुमार, इसी एरिया के शशि कुमार व औरंगाबाद जिले के प्रिंस कुमार शामिल हैं। पकड़े गए दो युवकों ने बिहार पुलिस की असली वर्दी पहनी हुई थी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने जब असली वर्दी पहने नकली पुलिस की गाड़ी चेक की तो बड़ी मात्रा में नकली हथियार बरामद हुए। स्कॉर्पियो के अंदर से लोहे और लकड़ी से बने 2 रायफल, 6 नकली पिस्टल, दो सेट कॉम्बैट वर्दी, पिट्ठू बैग, कैप बरामद किए गए हैं। एएसपी ने बताया कि कुछ हथियार लकड़ी और कुछ प्लास्टिक से बनाए गए थे। इस केस में पुलिस यह भी छानबीन करेगी कि कहीं ये युवक गिरोह बनाकर ठगी के लिए तो ऐसा नहीं कर रहे थे या सिर्फ यह रील बनाने तक सीमित था।

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