रिपोर्टर की डायरी
रील बनाने के लिए लड़के बन गए पुलिस वाले, ट्रक ड्राइवरों को रोककर परेशान करते धरे गए
- बिहार के रोहतास जिले में पुलिस वर्दी पहनकर, नकली हथियार लेकर रील बनाई।
- नकली पुलिस वाले ट्रकों को रोकते और लोगों को परेशान करके वीडियो बनाते।
- रोहतास पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया, लकड़ी के हथियार बरामद।
सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव
बिहार में रील बनाने का फितूर युवाओं पर इस कदर चढ़ा है कि सासाराम जिले में पुलिस की वर्दी में रील बनाते हुए युवा धरे गए हैं। बिहार पुलिस की असली वर्दी पहनकर ये युवा पुलिसकर्मी बनकर सड़क पर चलते ट्रकों को रोककर ड्राइवरों को हड़काते थे। सरकारी हथियारों की नकल वाले हथियार लेकर अपराधी को गिरफ्तार करने का एक्ट तक कर रहे थे। इस तरह के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला रोहतास जिले के डेहरी मुफस्सिल थाना का है, जहां की पुलिस ने दो वीडियो क्रिएटर व उनके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पुलिस की वर्दी पहले कुछ लोग बिना नंबर प्लेट की वाली एक स्कॉर्पियो गाड़ी बैठकर शहर में घूम रहे हैं और सड़क पर आने जाने वाले लोगों को रोककर उनका वीडियो बना रहे हैं। इस पर मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची व त्वरित कार्रवाई के दौरान इन सभी को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए युवकों में रोहतास जिले के शत्रुघन कुमार, शंभू बिगहा के राहुल कुमार, इसी एरिया के शशि कुमार व औरंगाबाद जिले के प्रिंस कुमार शामिल हैं। पकड़े गए दो युवकों ने बिहार पुलिस की असली वर्दी पहनी हुई थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब असली वर्दी पहने नकली पुलिस की गाड़ी चेक की तो बड़ी मात्रा में नकली हथियार बरामद हुए। स्कॉर्पियो के अंदर से लोहे और लकड़ी से बने 2 रायफल, 6 नकली पिस्टल, दो सेट कॉम्बैट वर्दी, पिट्ठू बैग, कैप बरामद किए गए हैं। एएसपी ने बताया कि कुछ हथियार लकड़ी और कुछ प्लास्टिक से बनाए गए थे। इस केस में पुलिस यह भी छानबीन करेगी कि कहीं ये युवक गिरोह बनाकर ठगी के लिए तो ऐसा नहीं कर रहे थे या सिर्फ यह रील बनाने तक सीमित था।
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Inside Story : गिरफ्तारी से 3 दिन पहले पप्पू यादव ने कहा था- ‘NEET छात्रा के परिवार से मिलेंगी प्रियंका गांधी’; दिल्ली में आज है बड़ा प्रदर्शन
- पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 31 साल पुराने केस में गिरफ्तार किया।
पटना | हमारे संवाददाता
पूर्णिया के सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी होने के बाद बिहार में यह चर्चा जोरों पर है कि उनकी गिरफ्तारी भले अदालती फरमान पर हुई हो पर इसके पीछे नीट छात्रा हत्याकांड है। इस बीच सांसद पप्पू यादव का तीन फरवरी को दिया गया एक बयान दोबारा चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीट आकांक्षी छात्रा (Aspirent) के साथ हुए रेप व हत्या मामले में उन्होंने प्रियंका गांधी से बात की है और वे आने वाले दिनों में पीड़ित परिवार से मिलेंगी।
माना जा रहा है कि पप्पू यादव इस मामले को जिस जोर से उठा रहे थे, उससे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार दवाब में आ रही थी। सांसद पप्पू यादव ने संसद में भी नीट छात्रा की हत्या का मामला उठाया था और वे इसे बिहार के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उठाने लगे थे।
दिल्ली के बड़े प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे पप्पू यादव
आज (8 feb) इसी मामले में नई दिल्ली में एक प्रदर्शन भी रखा गया है जिसमें पप्पू यादव को हिस्सा लेना था। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जहानाबाद से मृत लड़की के माता-पिता दिल्ली रवाना हो गए हैं। दैनिक भास्कर ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सांसद पप्पू यादव दिल्ली से पटना शुक्रवार को इसी मामले में आए थे। उन्हें शनिवार को अदालत में उपस्थित होना था और उसके अगले दिन वे पीड़ित परिवार को अपने साथ दिल्ली लेकर जाने वाले थे जहां एक बड़ा प्रदर्शन जंतर-मंतर पर रविवार को होना है।
राहुल-प्रियंका ने गिरफ्तारी की आलोचना की
वहीं, सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद 7 फरवरी को राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके इसकी आलोचना। LOP राहुल गांधी ने कहा कि “नीतीश सरकार ने यह गिरफ्तारी इसलिए करवाई क्योंकि इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव मजबूती से खड़े हुए थे।” प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं। इस केस में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव जी की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है।”
तेजस्वी ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा
इससे पहले नीट आकांक्षी छात्रा की मौत का मामला बिहार विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया था। तब उन्होंने बिहार में हुईं कई प्रमुख घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से पूछा था कि क्या ये कानून का राज है?
पटना पुलिस ने एक और केस लगाया
सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान हुए हंगामे को लेकर पटना पुलिस ने सांसद व उनके समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर केस दर्ज किया है। पूर्णियां सांसद को बेऊर जेल के अंदर प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद वापस PMCH भेज दिया गया। उनके मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
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बिहार: इंटर का पेपर देकर लौटे लड़का-लड़की एकसाथ मिले तो समाज के ठेकेदारों ने लड़की को मार डाला; लड़के के साथ भी बर्बरता
- लड़की मुस्लिम थी और लड़का हिन्दू, रात में दोनों को मारा-पीटा।
- लड़की को पीटकर मार डाला, फंदे पर लटका दिया, लड़का बच गया।
बेतिया | मनोज कुमार
हाल में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि दो नाबालिग अगर अपनी सहमति से संबंध बनाते हैं तो उन्हें कानून को सुरक्षा देनी चाहिए, यह उनकी व्यक्तिगत पसंद व स्वतंत्रता का मामला है। भले सुप्रीम कोर्ट कितने भी प्रगतिशील कदम उठा ले मगर जमीन पर हालात नहीं बदल रहे हैं। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में दो नाबालिग लड़के-लड़की को समाज के तथाकथित ठेकेदारों ने पकड़कर बेइज्जत किया और दोनों की इतनी पिटाई लगाई कि लड़की की मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने लड़की के शव को फंदे पर लटका दिया।
दूसरी ओर, नाबालिग लड़के के बाल काटकर जूते-चप्पल की माला पहनाकर उसे पीटा और गांव भर में घुमाया गया। इस पूरी हैवानियत को अंजाम देने वाले लोग इसका वीडियो भी बनाते रहे जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लड़की की मौत होने के बाद जाकर पुलिस को घटना का पता लग पाया। पीड़ित किशोर की हालत अभी स्थिर बतायी जा रही है। इस पूरे मामले में किशोरी के माता-पिता की शिकायत पर उसके चाचा समेत दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि समाज की हैवानियत के चलते मारी गई किशोरी व उसका दोस्त दोनों इंटर के विद्यार्थी थे और घटना के दिन पेपर देकर लौटे थे। मृतक लड़की मुस्लिम समाज से है और लड़का हिन्दू है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि गांव में एक शादी के दौरान हो रहे शोर-शराबे के दौरान दोनों मिले, जिसके बाद गांव के लोगों ने लड़के को पकड़ लिया, फिर लड़की को उसके घर से जबरन बुलाकर ले गए और सार्वजनिक रूप से मारा-पीटा और बेइज्जत किया।
इस बेहद गंभीर घटना पर बेतिया पुलिस का रवैया भी सवालों के घेरे में है, इस घटना को लेकर मीडिया के पूछने पर बेतिया पुलिस अधीक्षक शौर्य सुमन ने कहा कि किशोरी के साथ लोगों ने मारपीट की, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। जबकि लड़की की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट में खुद पुलिस ने लिखा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि मारने के बाद लड़की को फंदे पर लटका दिया गया।
यह पूरा मामला नवगछिया ब्लॉक के शिकारपुर थाना क्षेत्र का है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, 6 जनवरी की शाम को गांव के कुछ लोगों ने लड़की व लड़के को एकसाथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था। इसके बाद लड़की के चाचा व गांव के और लोगोें ने मिलकर लड़की व लड़के को खूब पीटा, लड़की की मां का कहना है कि उनकी बेटी को एक कमरे में बंद करके मर जाने तक पीटा गया। फिर फंदे पर उसकी लाश लटका दी गई। लड़की की मां का कहना है कि उनके देवर ने ही इस पूरे मामले में मुख्य भूमिका निभाई। लड़की के पिता का भी कहना है कि उनकी बेटी का कत्ल हुआ और उन्हें इंसाफ चाहिए।
किशोरी के शव का पोस्टमार्टम बेतिया जीएमसीएच में किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी चाचा को हिरासत में लिया गया है। किशोरी के पिता ने आवेदन देकर आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोग रात में एक लड़के को लेकर उनके घर आए और सोई हुई बेटी को जबरन ले गए और पिटाई कर उसकी हत्या कर दी।
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बेगूसराय : कई पीढ़ियों से जहां रह रहे, वो जमीन अवैध अतिक्रमण बता दी, अब कहां जाएंगे 150 महादलित परिवार?
- बेगूसराय के बरियाही गांव के महादलित परिवार बेघर होने की कगार पर।
- जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण बताकर 150 परिवारों को नोटिस भेजा।
- आठ फरवरी तक खाली करने का अल्टीमेटम, कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं।
(नोट – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)
बेगूसराय | धनंजय झा
बिहार में अवैध अतिक्रमण हटाने की ड्राइव चलाई जा रही है, जिसमें वैकल्पिक इंतजाम न किए जाने के बड़ी संख्या में गरीब लोग बेघर हो चुके हैं। इसी कड़ी में बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट के एक गांव के 150 महादलित परिवारों का भविष्य अधर में फंस गया है।
पुलिस प्रशासन की ओर से नोटिस जारी करके उस जमीन को सरकारी बताया गया है और सभी परिवारों को आठ जनवरी तक जगह खाली करने को बोला गया है। इससे परेशान 150 महादलित परिवारों के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम को ज्ञापन देकर मांग की कि उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
चकिया थाना क्षेत्र के बरियाही गांव के पीड़ित परिवारों का कहना है कि उनका परिवार करीब 50 साल से इसी जमीन पर रहता आ रहा है, हालांकि इन परिवारों में से कम परिवारों के पास ही सरकारी कागज हैं।
पर चूंकि उनकी दो से तीन पीढ़ियां इसी जमीन पर रहती आ रही हैं, उनके पास न तो इतना रुपया है और न ही कोई जमीन है कि वे दूसरी जगह पर बस सके। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें बिना किसी इंतजाम के बेघर न किया जाए। पीड़ित परिवारों ने कहा कि एक तरफ सरकार महादलितों को बसाने की बात करती है और दूसरी ओर उन्हें बेघर किया जा रहा है जो बड़ी नाइंसाफी है।
आपको बता दें कि हाल ही में बेगूसराय जिला प्रशासन ने सिमरिया क्षेत्र के बरियाही गांव और आसपास के इलाकों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर अभियान चलाया है। सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया। पर इस पूरी कार्रवाई में वे लोग सबसे ज्यादा प्रताड़ित हो रहे हैं जो सामाजिक रुप से पहले से हाशिये पर जीते आए हैं।
अब देखना होगा कि आठ फरवरी को होने वाली बुलडोजर की कार्रवाई रुकती है या फिर इन गरीबों को फिर अपनी किस्मत के सहारे जीना पड़ेगा।
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