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हंगरी में अजेय माने जाने वाले विक्टर ओरबान का शासन 16 साल बाद समाप्त

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हंगरी के पीएम विक्टर ओबरान ने 12 अप्रैल को हुए आम चुनाव में अपना वोट डाला, उनकी पार्टी की अप्रत्याशित हार हुई है।
हंगरी के पीएम विक्टर ओबरान ने 12 अप्रैल को हुए आम चुनाव में अपना वोट डाला, उनकी पार्टी की अप्रत्याशित हार हुई है। (Photo credit- FB/OrbánViktor)
  • अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी नेताओं ने हंगरी के पीएम के लिए प्रचार किया था।

नई दिल्ली | यूरोपीय देश हंगरी (Hungary) में अजेय माने जाने वाले विक्टर ओरबान (Viktor Orban) का शासन 16 साल के बाद खत्म हो गया है।

12 अप्रैल को हंगरी में हुए आम चुनाव में रिकॉर्ड 77.8% मतदान पड़ा और जनता ने एक बड़े बदलाव के पक्ष में फैसला सुनाया है।

विक्टर ओरबान को ट्रंप का समर्थक माना जाता है और उनके शासन में हंगरी के यूरोपीय संघ से संबंध तनावपूर्ण थे। ट्रंप के करीबी नेताओं ने ओरबान के लिए प्रचार तक किया था।

व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान (Photo credit- Orbán Viktor FB)

पिछले साल अमेरिका गए हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान को रूसी गैस खरीदने की छूट मिली थी।
(Photo credit- Orbán Viktor FB)

दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने लंबे समय बाद एकजुटता दिखाते हुए लोकतंत्र की बहाली की थीम पर प्रचार किया। पीटर मग्यार के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ने जनता का विश्वास जीता है।

दो-तिहाई बहुमत के करीब विपक्षी गठबंधन

हंगरी की 199 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 100 सीटों की आवश्यकता होती है। क़रीब 98% वोट गिने जा चुके हैं और विपक्षी दल बहुमत के करीब पहुंच गया है।

विपक्षी गठबंधन के नेता पीटर मग्यार ने विक्टर को हराया। (Photo Credit - FB/Peter Magyar)

विपक्षी गठबंधन के नेता पीटर मग्यार ने विक्टर को हराया। (Photo Credit – FB/Peter Magyar)

पीटर मग्यार (Peter Magyar) के नेतृत्व वाली विपक्षी ‘तिस्ज़ा पार्टी’ (Tisza Party) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 138 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह दो-तिहाई बहुमत के करीब है।

वहीं, विक्टर ओरबान की पार्टी (Fidesz-KDNP) महज़ 55-57 सीटों पर सिमट गई है।

‘विक्टर ओरबान ने फोन पर बधाई दी’

‘तिस्ज़ा पार्टी’ के नेता पीटर मग्यार ने अपने समर्थकों के बीच जोश में कहा- “हमने मिलकर हंगरी की सरकार गिरा दी।”

उन्होंने यह भी बताया कि विक्टर ओरबान ने उनको फ़ोन कर जीत की बधाई दी।

दूसरी ओर, ओरबान ने अपने समर्थकों से कहा, “नतीजे स्पष्ट और दर्दनाक हैं। हमें 25 लाख लोगों का धन्यवाद करना चाहिए जिन्होंने हमारा साथ दिया।”

ट्रंप के नेताओं ने ओरबान के लिए प्रचार किया

ओरबान की पार्टी रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की मदद के खिलाफ थी। उसने ‘राष्ट्रीय संप्रभुता’, ‘प्रवास (Immigration) का विरोध’ और ‘पारंपरिक मूल्यों’ के नाम पर प्रचार किया था।

खास बात यह रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी नेताओं ने भी ओरबान के पक्ष में जमकर रैलियां की थीं।

विपक्ष ने लोकतंत्र की बहाली पर प्रचार किया

पीटर मग्यार ने ‘भ्रष्टाचार के अंत’, ‘लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली’ और ‘यूरोपीय संघ (EU) के साथ बेहतर संबंधों’ को मुख्य मुद्दा बनाया। उन्होंने ओरबान सरकार पर रूस के प्रति झुकाव रखने का आरोप लगाया था।

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