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नया नियम: अब LPG Gas सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर जरूरी

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LPG सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लाया गया है। (तस्वीर - विकिमीडिया)

नई दिल्ली | पेट्रोलियम मंत्रालय ने जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अनिवार्य अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है।

यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू है। यानी अब दो रिफिल की बुकिंग/डिलीवरी के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य है।

सरकार ने तेल रिफ़ाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू इस्तेमाल के लिए देने का आदेश जारी किया है।

इसे लेकर सरकार का कहना है कि यह क़दम मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के कारण ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं और एलपीजी की कमी को देखते हुए उठाया गया है।

मिनिस्ट्री ऑफ़ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने ट्वीट करके कहा कि सरकार ने घरों में एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है।

साथ ही कहा है कि इंपोर्टेड एलपीजी से होने वाली गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे ज़रूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके अलावा, अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों में एलपीजी सप्लाई से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।

यह समिति रेस्तरां, होटल और अन्य उद्योगों की ओर से आने वाले अनुरोधों पर फै़सला करेगी।

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US-Isreal-Iran War (Day-8) : ईरानी सेना बोली- युद्ध छह महीने भी चला तो डटकर लड़ेंगे

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नई दिल्ली |

ईरान में तेज भंडार कॉम्प्लेक्स पर हमले के बाद वहां के मानवाधिकार संगठन रेड क्रेसेंट ने एसिड रेन की चेतावनी दी है।

रेड क्रेसेंट के हवाले से बीबीसी ने कहा है कि “तेल के गोदामों में धमाके से बड़ी मात्रा में ज़हरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फ़र और नाइट्रोजन ऑक्साइड हवा और बादलों में चले जाते हैं। अगर बारिश होती है तो यह बारिश बहुत ख़तरनाक होती है और इसमें तेज़ एसिडिक गुण होता है।”

रेड क्रेसेंट ने कहा, “एसिड रेन होने पर स्किन में जलन और फेफड़ों को गंभीर नुक़सान हो सकता है।” इस संगठन ने स्थानीय लोगों को अम्लीय वर्षा से सतर्क रहने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। लोगों को कहा गया है कि आवश्यक न हो तो लोग घरों से बाहर न निकलें।

 ईरानी सेना बोली- युद्ध छह महीने भी चला तो डटकर लड़ेंगे

ईरान ने कहा है कि उसकी सेना इतनी काबिल हैं कि अगर यह युद्ध इसी रफ्तार से अगले छह महीने भी चले तो वे डटकर सामने करेंगी।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGS) के प्रवक्ता मोहम्मद नैनी ने यह दावा फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी से किया है। उन्होंने यह भी कहा- ” ईरान ने अमेरिका और इजरायल के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं और अब तक अभियानों में इस्तेमाल की गई मिसाइलें ज़्यादातर पहली और दूसरी पीढ़ी की हैं।

साथ ही उनका कहना है कि युद्ध के अगले चरण में ज़्यादा एडवांस और कम इस्तेमाल की जाने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईरान में अब तक 1300 लोगों की मौत, दस हजार विस्थापित

अलजजीरा का दावा है कि आठ दिन से जारी युद्ध में अब तक ईरान के 1300 लोगों की जान चली गई है और करीब 10 हजार लोग विस्थापित हो गए हैं। बता दें कि यह कतर सरकार की ओर से फंडिंड न्यूज मीडिया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है।

 

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प. बंगाल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बोलीं- ‘ममता मेरी छोटी बहन पर शायद मुझसे नाराज़ हैं’

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भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु (Photo - presidentofindia.com)
भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु (Photo - presidentofindia.com)

नई दिल्ली | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में कहा कि ‘शायद ममता बनर्जी मुझसे नाराज़ हैं।’ पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ़्रेंस में राष्ट्रपति मुर्मु ने ऐसा कहा। वे इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची थीं।

उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जतायी कि उनके राज्य आगमन पर उन्हें रिसीव करने मुख्यमंत्री या राज्य के अन्य प्रमुख प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। साथ ही उन्होंने आयोजन स्थल के चुनाव को लेकर भी राज्य प्रशासन पर सवाल करते हुए कहा कि अगर यह उनके बताए स्थान पर रखा जाता तो बड़ी संख्या में आदिवासी पहुंच पाते।

“प्रशासन को लगा कोई नहीं आएगा..राष्ट्रपति बस लौट जाएंगी”

राष्ट्रपति मुर्मु दार्जलिंग जिले के गोशाईपुर में हुई अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ़्रेंस में पहुंचीं, फिर सिलीगुड़ी उपमंडल के बिधान नगर गईं जहां उन्होंने यह बयान दिया। यह पहली बार है जब राष्ट्रपति मुर्मु की ओर से किसी भी राज्य सरकार को लेकर नाराजगी जतायी गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिधान नगर में कहा,

“आज अंतरराष्ट्रीय संथाल परिषद का सम्मेलन था, जब मैं इसे (गोशाईपुर में) अटेंड करके यहां आई तो मुझे लगा कि अगर यह सम्मेलन यहां होता तो बेहतर होता क्योंकि यह इलाक़ा बहुत बड़ा है। मुझे समझ नहीं आया कि प्रशासन ने क्या सोचकर ऐसा किया। उन्होंने मुझसे कहा कि वह छोटी जगह है, लेकिन मुझे लगता है यहां आसानी से पांच लाख लोग इकट्ठा हो सकते थे। मुझे बहुत दुख है कि यहां के लोग सम्मेलन तक नहीं पहुंच पाए क्योंकि यह बहुत दूर रखा गया था। शायद प्रशासन को लगा कि कोई नहीं आएगा और राष्ट्रपति बस लौट जाएंगी।

राष्ट्रपति बोलीं- सीएम ममता मिलने नहीं आईं

इतना ही नहीं, राष्ट्रपति मुर्मु ने यह भी कहा कि “अगर राष्ट्रपति कहीं जाती हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्री को भी आना चाहिए लेकिन वह नहीं आईं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं, ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, छोटी बहन। पता नहीं, शायद वह मुझसे नाराज़ हैं।”

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नेपाल आम चुनाव : Gen Z आंदोलन के नेता बालेन शाह के नए पीएम बनने का रास्ता साफ

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बालेन शाह के रैप ने युवाओं को सरकार से सवाल पूछने को प्रेरित किया और वे जेन जी आंदोलन के दौरान प्रमुख नेतृत्वकर्ता बन गए थे।बालेन शाह के रैप ने युवाओं को सरकार से सवाल पूछने को प्रेरित किया और वे जेन जी आंदोलन के दौरान प्रमुख नेतृत्वकर्ता बन गए थे।
  • बालेन शाह ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को 49,614 वोटों से मात दी है।

नई दिल्ली | नेपाल के वोटरों ने लंबे समय तक हावी रही पुरानी राजनीतिक पार्टियों को खारिज कर दिया है। नेपाल में हुए आम चुनाव में सिर्फ तीन साल पुरानी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इस जनादेश ने RSP के नेता बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया है जो पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ता थे।  

नेपाल चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, RSP ने अब तक 98 सीटें जीत ली हैं, जबकि 27 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी।

5 मार्च को हुए आम चुनाव में कुल 122 राजनीतिक दल और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। जे़न जी आंदोलन के बाद हो रहे आम चुनाव में आठ लाख नए वोटर शामिल हुए हैं।

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल की जनता को शांतिपूर्ण आम चुनावों के लिए बधाई दी है और कहा है कि भारत अपने पड़ोसी देश में बनने जा रही नई सरकार के साथ करीबी से मिलकर काम करेगा।

बालेन शाह (फोटो – एक्स)

बालेन ने पूर्व पीएम ओली को बड़े अंतर से हराया

नेपाल में पीएम बनने जा रहे 35 वर्षीय बालेन्द्र उर्फ ‘बालेन’ शाह की बात करें तो वे एक रैपर रह चुके हैं और काठमांडू के पूर्व मेयर हैं। ज़ेन जी आंदोलन के समय उनके रैप के जरिए युवाओं ने सरकार से खूब सवाल पूछे थे।
इस चुनाव में बालेन शाह की सीधी लड़ाई पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से है। झापा-5 सीट पर बालेन शाह को 68,348 वोट मिले जबकि ओली को केवल 18,734 वोट प्राप्त हुए। इस तरह बालेन शाह ने पूर्व पीएम ओली को 49,614 वोटों से मात दी है। जबकि इस सीट से ओली छह बार के सांसद रह चुके हैं। 

नेपाली कांग्रेस कम सीटों पर सिमटी

नेपाली चुनाव आयोग के मुताबिक, नेपाल की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक नेपाली कांग्रेस को सिर्फ 14 सीटों पर जीत मिली है और वह तीन सीटों पर आगे चल रही है। वर्तमान मतगणना में यह दूसरे नंबर की पार्टी बनने की ओर है, हालांकि दोनों दलों की सीटों में बहुत अंतर है।
यह नतीजा भारत में भी बारीकी से देखा जा रहा है, जहां नेपाल की राजनीतिक दिशा, क्षेत्रीय विवाद और क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं हैं।
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