Connect with us

लाइव पन्ना

उत्तराखंड बंद से ठीक पहले अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की सिफारिश

Published

on

अंकिता तिवारी हत्याकांड में सीएम धामी ने सीबीआई जांच की मांग स्वीकार कर ली है।
अंकिता तिवारी हत्याकांड में सीएम धामी ने सीबीआई जांच की मांग स्वीकार कर ली है।

नई दिल्ली |

उत्तराखंड में 19 साल की अंकिता भंडारी के मर्डर केस की सीबीआई जांच होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार (9 jan) को प्रदर्शनकारियों की मांग को मानते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में बंद की धमकी और विपक्ष के दबाव के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का ऐलान हुआ था।

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को कहा,

“मैंने अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात की। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है। हम इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर रहे हैं।”

ऑडियो वायरल होने के बाद उठी CBI जांच की मांग

इस मामले में राज्य सरकार ने एसआईटी गठित करके सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पर हाल में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो और इस घटना में एक वीआईपी के शामिल होने के आरोपों के बाद इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग ने जोर पकड़ा। इस संबंध में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और जांच जारी है।

सीएम बोले- ‘भावनाओं का सम्मान किया’

सीएम ने कहा, “कुछ लोग अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार का दायित्व है कि जनता को इस स्थिति से निकाला जाए और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाए।”

कांग्रेस का तंज: ‘देर से लिया फैसला’

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा,  “सरकार ने सीबीआई जांच की मांग मानकर यह साबित किया है कि उसने अतीत में गलतियां की हैं। यह प्रदेश के तमाम लोगों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और अंकिता के माता-पिता के सब्र और संघर्ष का ही परिणाम है।”

उन्होंने मांग की कि सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जस्टिस की देखरेख में होनी चाहिए।

2002 में हुई थी हत्या, तीन दोषी उम्रकैद काट रहे

अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र के वनंतरा टूरिस्ट रिसोर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। साल 2022 में वह अचानक गायब हो गई, फिर उसकी लाश नहर में मिली। इस मामले में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी ठहराया गया और वे उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

सरकार ने रिसोर्ट को ढहा दिया था

इस घटना के बाद सरकार ने बुलडोजर जस्टिस का उदाहरण देते हुए उसी रिसोर्ट को ढहा दिया था जिसमें काम करने के दौरान अंकिता लापता हो गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जो सबसे बड़ा क्राइम सीन था, उसे ही ढहा दिया जाना, कानूनी रूप से तर्कसंगत नहीं है।


वीआईपी का नाम आने पर नाराज BJP नेताओं ने दिए इस्तीफे 

अंकिता भंडारी मर्डर केस में हालिया ऑडियो लीक और “VIP” के नाम आने के बाद उत्तराखंड में BJP के अंदर से असंतोष बढ़ा है। कई BJP नेता और कार्यकर्ता CBI जांच की मांग को लेकर पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। यह इस्तीफे पार्टी के लिए बड़ा झटका हैं, क्योंकि ये स्थानीय स्तर के नेता हैं जो अंकिता केस में देरी और “VIP संरक्षण” का आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीबीआई जांच सिफारिश के बावजूद, इस्तीफों का सिलसिला जारी है।

प्रमुख इस्तीफे  

  • अंकित बहुखंडी (BJP Yuva Morcha, ऋषिकेश): CBI जांच की मांग करते हुए इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने “VIP” को बचाया।
  • अरविंद तोमर (BJP नेता): देरी से आहत होकर तत्काल इस्तीफा। कहा, “CBI जांच में देरी से मैं बहुत आहत हूं।”
  • किरण शर्मा (पौड़ी जिला पंचायत सदस्य): अंकिता केस में “VIP” के नाम आने पर इस्तीफा। मांग की कि जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जज की निगरानी में हो।
  • अन्य 3-4 नेता (जिला स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता): सोशल मीडिया पर इस्तीफे की पोस्ट डाली, CBI जांच और “सच्चाई सामने लाने” की मांग की।

इस्तीफों पर बोले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष

BJP राज्य अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस्तीफों को लेकर कहा कि ‘भावुकता में फैसला न लें, सरकार सही कदम उठाएगी।’ 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

लाइव पन्ना

जनगणना-2027 : देश में 1 अप्रैल से शुरू होगी मकानों की गिनती

Published

on

जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। (सांकेतिक तस्वीर)
जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। (सांकेतिक तस्वीर)
  • मकानीकरण का काम 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
  • लोगों की गिनती का काम 28 फरवरी 2027 तक पूरा होना है।

नई दिल्ली|

देश में जनगणना के पहले चरण का काम एक अप्रैल से शुरू हो जाएगा जिसको लेकर भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पहले चरण का काम 30 दिनों तक चलेगा जिसमें मकानों की लिस्ट बनाई जाएगी।

इसे मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (Houselisting & Housing Census) कहा गया है। यह काम 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद देश में जनगणना यानी लोगों की गिनती का काम शुरू होगा जो 28 फरवरी 2027 तक पूरा होना है।

गौरतलब है कि भारत में जनगणना 2011 के बाद नहीं कराई गई, केंद्र सरकार को साल 2021 में इसे दोबारा कराना था पर तब कोविड-19 वायरल फैलने के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था जो छह साल बाद यानी 2027 में जाकर संपन्न होगी।

जनगणना 2027 के पहले चरण की अधिसूचना।

जनगणना 2027 के पहले चरण की अधिसूचना।

खुद अपनी जानकारी देने का भी विकल्प

7 जनवरी को जारी हुए गजट नोटिफिकेशन में जानकारी दी गई है कि घर-घर मकानसूचीकरण शुरू होने से पहले हर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में 15 दिनों की अवधि के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा। इसके तहत लोग खुद अपनी गिनती कर सकेंगे। हालांकि यह प्रक्रिया कैसे पूरी होगी, इसकी विस्तृत जानकारी आनी बाकी है।

जाति की जानकारी भी दर्ज होगी

इस बार होने वाली जनगणना में एक बड़ा बदलाव होगा जिसमें लोगों की गिनती के साथ उनका जाति की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

एक नजर में

  • 11,718 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है जनगणना कराने के लिए।
  • 30 लाख कर्मचारी देश में जनगणना का काम पूरा करने में लगाए जाएंगे।
Continue Reading

लाइव पन्ना

दिल्ली : देर रात मस्जिद के पास बुलडोजर चला, गुस्साए लोगों का प्रदर्शन, इलाके में तनाव

Published

on

नई दिल्ली|

पुरानी दिल्ली में तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 6-7 जनवरी की मध्य रात्रि कई बुलडोजर से 36 हजार स्क्वायर फीट में फैला अतिक्रमण हटाया गया। इस कार्रवाई से नाराज लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस की ओर से कहा गया है कि पत्थरवाजी से उनके पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को काबू करने के लिए उन्हें आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, इलाके में तनाव बना हुआ है।

10 लोग हिरासत में  

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पर पुलिस की टीम पर पथराव करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस के बॉडी कैम से आरोपियों की पहचान की गई है।

मस्जिद परिसर में बना अवैध निर्माण ढहाया

पुलिस के मुताबिक, मस्जिद परिसर में बारात घर और डिस्पेंसरी थी जिसे तोड़ा गया है, ये कार्रवाई रात में की गई है ताकि इससे स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।

हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर हुई है, जहां मामले की सुनवाई में मस्जिद पक्ष को MCD की कार्रवाई रोकने की राहत नहीं मिली थी। इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होनी है।

क्या कहता है मस्जिद पक्ष

मस्जिद पक्ष ने बीबीसी हिन्दी से कहा है कि जिस जमीन पर बुलडोजर चला, वहां कब्रिस्तान था और यह जगह मस्जिद से जुड़ी है, इस मामले में सुनवाई चल रही है फिर भी बुलडोजर चलाया गया।
Continue Reading

दुनिया गोल

नेपाल में सांप्रदायिक तनाव: टिकटॉक वीडियो से भड़के लोगों ने मस्जिद तोड़ी, भारत सीमा से सटे इलाके में कर्फ्यू

Published

on

  •  बिहार के रक्सौल से सटे नेपाल के बीरगंज जिले में कर्फ्यू लागू किया गया है।
नई दिल्ली |
नेपाल के मधेश प्रांत में सांप्रदायिक तनाव भड़क उठा है, जिसके बाद भारतीय सीमा से सटे बीरगंज जिले में कर्फ्यू लागू किया गया है। यह मामला एक टिकटॉक वीडियो में कथित रूप से हिंदू धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ।
वीडियो वायरल होने के बाद एक समुदाय ने मस्जिद को तोड़ दिया गया। जिससे गुस्साए मुस्लिम पक्ष ने प्रदर्शन किया जो हिंसक हो गया। घटना के बाद प्रशासन ने बीरगंज में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया, जो मंगलवार दोपहर 1 बजे तक बढ़ा दिया गया।

एक टिकटॉक वीडियो वायरल होने से भड़के लोग 

धनुषा जिले के जनकपुर में दो मुस्लिम युवकों हैदर अंसारी और अमानत अंसारी ने टिकटॉक पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें हिंदू धर्म पर कथित अपमानजनक टिप्पणी थी। लोकल लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया और युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया।

मस्जिद तोड़कर वीडियो वायरल किया

मामला यहीं शांत नहीं हुआ, वीडियो से गुस्साए लोगों ने बीते शनिवार को कमला नगरपालिका वॉर्ड 6 के सखुआ मारन इलाके में एक मस्जिद तोड़ दी और कुरान की प्रतियां भी जलाई गईं। फिर इस घटना का वीडियो वायरल होने पर मुस्लिम समुदाय भड़क उठा।

बीरगंज और जनकपुर जिले में प्रदर्शन

फिर रविवार को बीरगंज और जनकपुर में मुस्लिम समुदाय ने प्रदर्शन किया, जिसमें टायर जलाया गया, नारे लगा और पत्थर फेंके गए। इस प्रदर्शन में पुलिस चौकी को भी नुकसान पहुंचा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

हालात न संभलने पर कर्फ्यू लागू

रविवार को हुए प्रदर्शन के बाद हालात नहीं सुधरे तो सोमवार से बीरगंज के प्रमुख इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, मंगलवार को भी हालात नहीं सुधरने पर इसे बढ़ा दिया गया है। 

पुलिस का ऐक्शन : 9 के खिलाफ FIR

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, धनुषा पुलिस ने टिकटॉक वीडियो बनाने वाले दो युवकों और मस्जिद तोड़फोड़ में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। 9 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। SP बिश्वो राज खडका ने कहा है कि “हमने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, बाकियों की तलाश जारी।”  
Continue Reading
Advertisement

Categories

Trending