आज के अखबार
इंदौर : देश के ‘सबसे स्वच्छ शहर’ वाली रैंकिंग के पीछे का सच
- 2024-2025 में सुपर स्वच्छ लीग में इंदौर को सूरत व नबी मुंबई के साथ शीर्ष पर रखा गया।
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इंदौर के भगीरथपुरा में सीवेज से पानी दूषित होने से 10 मौतें हो चुकी हैं व सैकड़ों लोग बीमार हैं।
नई दिल्ली |
लंबे समय तक देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर (MP) में पीने के दूषित पानी के चलते मचे हाहाकार के बाद इस शहर की रैंकिंग पर सवाल उठ रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने 5 जनवरी के संस्करण में इंदौर की सबसे स्वच्छ रैंकिंग को लेकर विस्तार से स्टोरी की है, जो पढ़ने योग्य है। बता दें कि पानी पीने के बाद यहां 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 200 से ज्यादा लोगों की हालत ख़राब है, जिनका इलाज चल रहा है।
खबर में बताया गया है कि 2017 से 2022 तक लगातार Swachh Survekshan में नंबर 1 रहने वाले इंदौर में पेय जल सर्वेक्षण 2023 में हुआ पर इसका डेटा अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण टैग को लेकर विशेषक्ष के हवाले से अखबार ने लिखा है कि देश में स्वच्छता मापने वाले इस सर्वेक्षण में पानी की सप्लाई व क्वालिटी का आकलन नहीं होता है, सिर्फ उस सफाई पर फोकस किया गया है जो सामने से नजर (visible) आती है।


