लाइव पन्ना
सोनम वांगचुक हुए गिरफ्तार, लेह में इंटरनेट बंद
Sonam Wangchuk’s arrest is condemnable, shameful and illegal. He is a patriotic citizen standing up for what he believes in
— KTR (@KTRBRS) September 26, 2025
it's our right in a democracy to question the government's heavy-handed actions#SonamWangchuk
- लेह हिंसा के लिए केंद्र सरकार ने वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया था
- प्रशासन ने गलत सूचना फैलने से रोकने की बात कहकर नेट बंद किया
- सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को राजनीतिक दलों ने गलत बताया
नई दिल्ली|
लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेह से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के प्रावधान के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही लेह में इंटरनेट बंद कर दिया गया है और स्कूल-कॉलेज शनिवार तक बंद रहेंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेह में दो दिन पहले हुई हिंसा का जिम्मेदार माना था।
लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी कर्फ्यू जारी है। लेह में पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 24 सितंबर को हिंसक हो गया था। यहां इंटरनेट सेवाएं 26 सितंबर को बंद कर दी गईं ताकि “गलत सूचना” न फैले। प्रशासन ने Section 163 BNSS के तहत प्रतिबंध लगाया।
लेह अपैक्स बॉडी ने गिरफ्तारी का विरोध किया
लेह अपैक्स बॉडी(LAB) ने शुक्रवार को वांगचुक को गिरफ्तार किए जाने के बाद दोहराया कि इस हिंसा के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं। लेह एपेक्स बॉडी के कानूनी सलाहकार हाजी गुलाम मुस्तफा ने वांगचुक की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण और अविवेकपूर्ण बताया। साथ ही कहा कि सरकार का यह कदम लद्दाख में स्थिति को और बिगाड़ सकता है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, LAB ने फैसला लिया है कि वह 29 सितंबर को एक डेलिगेशन दिल्ली भेजकर केंद्र सरकार के साथ पूर्ण राज्य की वार्ता को दोबारा शुरू कराने की गुजारिश करेगी।
प्रदर्शन को Gen Z कहने का आरोप
केंद्र सरकार का कहना है कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में सोनम की भूमिका रही। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन को “Gen Z आंदोलन” कहकर युवाओं को भड़काया। इस हिंसा में 4 युवाओं की मौत हुई और 80 लोग घायल हो गए थे। इनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब तक सरकार ने 60 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल है।
लाइव पन्ना
PU Election : पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में NSUI की बड़ी जीत
पटना |
पटना यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष और महासचिव पद पर NSUI के कैंडिडेट की जीत हुई है। NSUI के शांतनु शेखर नए छात्र अध्यक्ष और खुशी महासचिव बनीं हैं। निर्दलीय उम्मीदवार सिफत फैज उपाध्यक्ष चुनी गई हैं। जबकि ABVP को संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष पद पर जीत मिली है। ABVP के अभिषेक शर्मा को संयुक्त सचिव व हर्षवर्धन को पटना यूनिवर्सिटी का कोषाध्यक्ष चुना गया है।
विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के लिए चुनाव रिजल्ट 28 फरवरी को जारी हुए हैं। चुनाव में 37.84% वोटिंग हुई, सबसे ज्यादा वोट पटना लॉ कॉलेज (50.66%) में पड़े। सबसे कम वोटिंग बीएन कॉलेज(21.2%) में दर्ज की गई।
अध्यक्ष पद पर बड़े अंतर से जीत
अध्यक्ष बने शांतनु शेखर ने छात्र जदयू के प्रिंस कुमार को 1496 वोटों से हराया। शांतनु को 2896, जबकि प्रिंस को 1400 वोट मिले।
उपाध्यक्ष बनीं सिफत फैज ने छात्र जदयू के आयुष हर्ष को 65 वोटों से हरा दिया। सिफत को 1571, जबकि आयुष को 1503 वोट मिले।
महासचिव बनीं खुशी ने छात्र राजद के प्रत्यूष राज को 553 वोटों से हराया है। खुशी को 2164, जबकि प्रत्यूष को 1611 वोट मिले।
संयुक्त सचिव बने अभिषेक कुमार ने एनएसयूआई के एमडी मोनावर आजम को 392 वोटों से हराया है। अभिषेक को 2143, जबकि मोनावार को 1751 वोट मिले।
ABVP ने फिर गंवाया अध्यक्ष पद
2025 में ABVP ने छात्रसंघ चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 13 साल बाद इसे हासिल किया था। इसके साथ ही उसकी प्रत्याशी मैथिली मृणालिनी (ABVP) पटना यूनिवर्सिटी की पहली महिला प्रेसिडेंट भी बनी थीं। पर एक साल बार फिर से अध्यक्ष पद की दौड़ से ABVP बाहर हो गया। इस पद के लिए अंतिम मुकाबला NSUI और छात्र JDU के बीच हुआ।
यूपी-एमपी में दबदबा, फिर बिहार में क्यों कमजोर ABVP
- क्षेत्रीय राजनीति का असर: बिहार में RJD, JD(U) और NSUI जैसी स्थानीय ताकतें मजबूत हैं। ABVP को “BJP की छात्र शाखा” के तौर पर देखा जाता है, जिससे कुछ छात्रों में दूरी रहती है।
- महिला और इंडिपेंडेंट कैंडिडेट का उदय: 2025 में मैथिली मृणालिनी की जीत के बाद भी 2026 में NSUI ने महिलाओं और युवा मुद्दों (जैसे कैंपस सेफ्टी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टेटस) पर बेहतर कैंपेन किया।
- स्थानीय मुद्दों पर फोकस: NSUI ने कैंपस में लड़कियों की सुरक्षा, प्लेसमेंट और एकेडमिक रिफॉर्म्स पर जोर दिया, जबकि ABVP को “राष्ट्रीय मुद्दों” पर ज्यादा फोकस करने का आरोप लगा।
- वोट बंटवारा: RJD, JD(U) और इंडिपेंडेंट्स के बीच वोट बंटने से NSUI को फायदा हुआ। ABVP को सिर्फ एक सीट मिली, जबकि 2025 में भी वह बहुमत नहीं बना पाया था।
दुनिया गोल
Breaking News : अमेरिका-इजरायल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, सरकारी मीडिया ने पुष्टि की
नई दिल्ली |
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने रविवार सुबह (1 march) इसकी पुष्टि की है।
इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू के मारे जाने की भी खबर है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का दावा किया था।
बता दें कि इजरायल-अमेरिका की ओर से शनिवार को शुरू किए गए हवाई हमलों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों को निशाना बनाया गया, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है।
ईरानी सेना ने खामेनेई की शहादत के बाद “खतरनाक अभियान” की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस्लामिक क्रांति के नेता खामनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा – इससे ईरानी राष्ट्र उनकी राह पर चलने के लिए और अधिक दृढ़ होगा।
ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।
ईरान में अब तक 200 से ज्यादा मौतें
ईरान के एक गैर-सरकारी मानवतावादी संगठन ‘ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी’ का कहना है कि इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 छात्राएं घायल हैं।
ईरान का पलटवार- 9 देशों पर हमले
अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं। कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।
लाइव पन्ना
Breaking News : शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया बरी, CBI कोर्ट बोली- आरोप साबित नहीं
- दिल्ली की शराब नीति को घोटाला बताते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था।
नई दिल्ली|
शराब घोटाला केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश देते हुए कहा कि इनके खिलाफ शराब घोटाले से जुड़े आरोप साबित नहीं हुए क्योंकि इसको लेकर कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
बता दें कि मनीष सिसोदिया उस वक्त दिल्ली के आबकारी मंत्री भी थे और उन्हें सबसे पहले इस कथित घोटाले में जेल भेजा गया था। यह वही कथित घोटाला है, जिसके चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को जेल से सरकार चलानी पड़ी थी। फिर बाद में उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव हार गई थी। इस हार के पीछे शराब घोटाले के चलते केजरीवाल के खिलाफ बनी पब्लिक ओपीनियन को बड़ी वजह माना जाता है।
बता दें कि शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था। ED ने उन्हें 21 मार्च, 2024 को अरेस्ट किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने जेल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई, 2024 को जमानत मिली थी।
दूसरी ओर, तत्कालीन आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया को इस केस के चलते करीब 530 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। दिल्ली के शिक्षा मंत्री के तौर पर बनी उनकी छवि को इस कथित घोटाले ने काफी नुकसान पहुंचाया।
भावुक हुए केजरीवाल, सिसोदिया बोले- हम कट्टर ईमानदार
इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और बोले कि साबित हो गया कि हमारे ऊपर लगाया गया इल्जाम फर्जी था। उनके साथी व सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’ इस मामले में आज शाम चार बजे अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
फैसले के खिलाफ CBI जाएगी हाईकोर्ट
समाचार एजेंसी ANI ने सोर्स के आधार पर दावा किया है कि राऊज एवेन्यू कोर्ट में चले केस में हार के बाद CBI ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।
शराब नीति पर क्या आरोप लगे जो फर्जी निकले?
- दिल्ली शराब नीति (2021-22) का उद्देश्य निजी फर्मों और उद्यम कंपनियों को खुदरा शराब क्षेत्र में लाना था। केजरीवाल सरकार का कहना था कि इसके जरिए उत्पाद शुल्क और खुदरा शराब क्षेत्र में सुधार होगा, यह भी कहा गया कि इससे राजस्व में 9,500 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
- इसको लेकर तत्कालीन विपक्षी दल कांग्रेस व भाजपा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसे ‘शराब घोटाला’ कहा था। आप पर आरोप लगा कि इस नीति के जरिए लाइसेंस शुल्क में छूट और कमी करके निजी क्षेत्र के मालिकों और शेयरधारकों को लाभ पहुंचाया गया।
- नीति लागू होने के बाद, इसमें “कई करोड़ के घोटाले” के आरोप लगाते हुए कई शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से एक शिकायत जून 2022 में दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई।
- जुलाई 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने शराब नीति के निर्माण में प्रक्रियात्मक उल्लंघनों की रिपोर्ट सक्सेना को सौंपी, जिन्होंने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
- इन कथित उल्लंघनों में विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में उपराज्यपाल की भूमिका को दरकिनार करना शामिल था। इस रिपोर्ट में सरकारी खजाने को 580 करोड़ रुपये तक के नुकसान का आरोप लगाया गया था।
- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक अन्य जांच में आरोप लगाया गया कि शराब नीति, शराब थोक विक्रेताओं को 12% का गारंटीकृत लाभ मार्जिन देगी, जिसके बदले में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों को 6% रिश्वत दी जाएगी।
-
रिपोर्टर की डायरी3 months ago
जहानाबाद में रिजर्व टेंपो से घर जा रही छात्रा के साथ रेप : साहसी लड़की ने खुद थाने जाकर रिपोर्ट लिखवाई, फोन से खींचे फोटो दिखाए.. ड्राइवर पकड़ा गया
-
रिपोर्टर की डायरी2 months agoबिहार : रोहतास में अब तक लटकी होमगार्ड भर्ती, बार-बार Joining Date बढ़ने से युवा परेशान
-
रिपोर्टर की डायरी3 months agoमुंगेर : बिहार से यूपी तक पहुंच रही थी नकली Gold Flake-Wills सिगरेट, असली कंपनी ने ट्रैक करके गैंग पकड़वाया
-
रिपोर्टर की डायरी3 months agoरोहतास में 7 साल की बच्ची से शव पर ड्रामा करने वाला ही बलात्कारी और हत्यारा निकला
-
रिपोर्टर की डायरी2 months agoबिहार : डिलीवरी करने के लिए यूट्यूब वीडियो को बार-बार देखा, खून ज्यादा बह जाने से प्रसूता मर गई
-
आज के अखबार2 months ago
New Year 2026 : नए साल पर हिन्दी के अखबार खूब सजे-धजे, कवरेज जानिए
-
आज के अखबार2 months agoMP : गो-मूत्र से कैंसर का इलाज ढूंढने के नाम पर ₹3.5 करोड़ से हुई रिसर्च, जांच में मिला बड़ा घोटाला
-
रिपोर्टर की डायरी2 weeks agoगोपालगंज का ‘मॉडल अस्पताल’ : टॉयलेट का पानी भरने से X-ray सुविधा तक बंद पड़ी, लीकेज से मरीज परेशान
