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रिपोर्टर की डायरी

उत्तरकाशी : स्वतंत्र पत्रकार ने क्या कवरेज की थी.. जिसके बाद बैराज में मिला शव

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  • पत्रकार राजीव प्रताप की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार ने जांच बैठाई
  • जिला अस्पताल के हालात पर कवरेज के अगले दिन हो गए थे लापता, बैराज में मिला शव
  • पत्नी का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद से राजीव को मिल रही थीं डिलीट करने की धमकियां

उत्तरकाशी |

जिले के स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप का शव रविवार को जिले के जोशियाड़ा बैराज (Joshiyara hydroelectric barrage) में मिला जो दस दिन से लापता थे। पत्रकार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने के बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। पत्रकार के शव का सोमवार को अंतिम संस्कार हुआ।

28 सितंबर को राज्य सरकार ने राजीव की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए (screen grab - @ukcmo)

28 सितंबर को राज्य सरकार ने राजीव की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए (screen grab – @ukcmo)

गौरतलब है कि जिला अस्पताल को ‘मदिरालय’ बताते हुए राजीव ने ग्राउंड रिपोर्ट की थी। अगले दिन वे लापता हो गए थे। राजीव जिले के एक स्वतंत्र पत्रकार थे जो यूट्यूब व फेसबुक पर ‘दिल्ली-उत्तराखंड लाइव’ नामक चैनल चलाकर लोकल मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते थे।

30 सितंबर को राजीव के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी, सीने व पेट में अंदरुनी चोटों से मौत की पुष्टि हुई। विस्तार में खबर इस लिंक पर पढ़ें।
14 sep : ग्राउंड रिपोर्ट में जिला अस्पताल को ‘मदिरालय’ कहा  
राजीव ने उत्तरकाशी जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर की छत पर खड़े होकर वहां बड़ी शराब की बोतलें दिखाते हुए रिपोर्ट की थी। रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने सवाल किया था कि यह अस्पताल है या मदिरालय? वीडियो के ऊपर चल रही पट्टी में भी लिखा हुआ है ‘अस्पताल या मदिरालय’।
खबर में अस्पताल में पड़ी गंदगी और सीढ़ियों पर घूमते कुत्ते को दिखाया था। सात मिनट के इस वीडियो में एक मरीज से भी बात करवाई गई थी, हालांकि अस्पताल प्रशासन का पक्ष इसमें नहीं दिखाया गया।
18 sep : खबर का असर कवर किया, सफाई का आदेश 
‘दिल्ली-उत्तराखंड लाइव’ नाम के अपने फेसबुक पेज पर राजीव ने ट्रामा सेंटर के सुधरे हालात का वीडियो डाला। इसमें कहा कि उनकी खबर को संज्ञान में लेते हुए सफाई कराने के आदेश हुए हैं।
18 सितंबर को खबर के असर पर अस्पताल से लाइव किया था।

18 सितंबर को खबर के असर पर अस्पताल से लाइव किया था।

 

‘दिल्ली-उत्तराखंड लाइव’ के फेसबुक पोस्ट में लिखा- “जिलाधिकारी प्रशांतकुमारआर्य और गंगोत्री विधायक सुरेशचौहान ने जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल की साफ़-सफ़ाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का तत्काल आदेश दिया है।”
19 sep : दोस्त की कार लेकर गए, कार मिली राजीव लापता

राजीव की पत्नी का कहना है कि बीते 18 सितंबर की रात पति राजीव प्रताप अपने एक दोस्त सोबन सिंह की कार लेकर ज्ञानसू से गंगोरी के लिए रवाना हुए। अगले दिन सुबह तक जब राजीव नहीं लौटे तो उनके दोस्त ने इसकी जानकारी पुलिस को देकर इसकी खोजबीन शुरू की।

19 सितंबर को स्यूणा गांव के समीप सोबन सिंह की कार भागीरथी नदी के बीच में मिली, पर राजीव का कोई पता नहीं लगा। इस पर परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की तहरीर नगर कोतवाली में दर्ज करवाई।
उत्तरकाशी पुलिस ने राजीव के लापता होने पर सार्वजनिक सूचना जारी की थी ( Screen grab - @uttarkashipol)

उत्तरकाशी पुलिस ने राजीव के लापता होने पर सार्वजनिक सूचना जारी की थी ( Screen grab – @uttarkashipol)

जिला पुलिस ने लापता राजीव के लिए इश्तिहार निकाला था।

 

पत्नी बोली- वीडियो डिलीट करने की धमकी से परेशान थे

राजीव की पत्नी सोनम का कहना है कि “उनके पति की मौत अचानक कार के नदी में गिरने से नहीं हुई, उन्हें किसी ने अगवा करके मारा है।” उन्होंने बताया कि “18 सितंबर को रात 11 बजे उनकी पति से फोन पर बात हुई थी, तब उन्होंने कहा कि वे कुछ परेशान हैं क्योंकि उन्हें बार-बार फोन आ रहे हैं और धमकाया जा रहा है कि वीडियो डिलीट नहीं हुआ तो जान से मार डालेंगे”।

सोनम के मुताबिक, रात 11:50 पर भेजा उनका वीडियो अनडिलीवर्ड ही रहा और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं लगा।

 

10वें दिन जोशियाड़ा बैराज से मिला शव

खोज-बचाव अभियान चला रही संयुक्त टीम को राजीव का शव रविवार को जोशियाड़ा हाईड्रोइलेक्ट्रिक बैराज में मिला। शव को बैराज से बाहर निकालकर पुलिस को सौंपा।

28 सितंबर को बैराज से मिली पत्रकार की बॉडी (तस्वीर - सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी, काशीपुर)

28 सितंबर को बैराज से मिली पत्रकार की बॉडी (तस्वीर – सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी, काशीपुर)

पुलिस ने शव का पंचनामा भर शिनाख्त व पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां पर मृतक के परिजनों ने शव की पहचान की।

इस दौरान राजीव की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वे मान रही थीं कि राजीव को किसी ने धमकाने के लिए अगवा कर लिया है, पर उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके पति की मौत हो चुकी होगी।

 

मौत से ठीक पहले का CCTV मिला

एसपी सरिता डोभाल ने स्थानीय मीडिया को बताया है कि घटना से कुछ मिनट पहले का एक CCTV फुटेज मिला है, जिसमें वह कार में अकेले दिखाई दे रहे हैं।
“परिवार ने मौत की वजह को लेकर आरोप लगाए हैं, मौत के कारणों की पुष्टि के लिए हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया राजीव की कार एक खड्ड में गिरने के बाद फिर नदी में गिरी, जो घटना के समय उफान पर थी।” – SP, उत्तरकाशी
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(उत्तरकाशी से सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी के इनपुट के साथ)

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

रिपोर्टर की डायरी

मुंगेर(बिहार) : हनुमाना डैम से अचानक छोड़े पानी से 100 बीघा खेत डूबे, अफसर बोले- ‘हमारी जानकारी में नहीं’

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मुंगेर में डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से फसलें डूब गईं।
मुंगेर में डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से फसलें डूब गईं।
  • मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड में पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई।

मुंगेर | प्रशांंत कुमार

बिहार के मुंगेर में अचानक डैम से पानी छोड़े जाने के बाद असरगंज प्रखंड में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे करीब सौ बीघा खेती जलमग्न हो गई है। असरगंज प्रखंड की चौरगांव पंचायत के पुरुषोत्तमपुर गांव में हालात गंभीर हैं, ठंड में बाढ़ जैसी स्थिति होने से किसान बेहद निराश हैं। बीते दो दिनों से हनुमाना डैम से नहर में अचानक पानी छोड़े जाने से लगभग 100 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं।

इससे रबी की फसल जैसे- गेहूं, मक्का, मसूर, चना, आलू, धान और खेसारी पूरी तरह डूब गई है और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। यह घटना बिहार में सिंचाई और नहर प्रबंधन की लापरवाही को एक बार फिर उजागर करती है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर सफाई और पानी प्रबंधन होता तो उनकी फसल बच सकती थी। अब प्रशासन से फसल क्षतिपूर्ति और नहर सफाई की उम्मीद की जा रही है।

किसान अपनी डूबी फसलों से नाराज हैं और हर्जाना मांग रहे हैं।

किसान अपनी डूबी फसलों से नाराज हैं और हर्जाना मांग रहे हैं।

नहर सफाई में भ्रष्टाचार से हुआ नुकसान

किसान कृष्णानंद सिंह, बेद प्रकाश सिंह और धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चौरगांव मुसहरी पुल से उत्तरवारी टोला श्रीनगर बथौरा और पोल से लोरिया तक जाने वाली नहर के समीप के खेतों में पानी फैल गया है। पिछले एक दशक से नहर की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण नहर का स्तर खेतों से ऊपर हो गया है।

मनरेगा में रुपये निकले पर काम नहीं हुआ

 किसानों ने बताया कि नहर की खुदाई के नाम पर तीन बार निकासी हुई, लेकिन कार्य नहीं हुआ। मनरेगा विभाग द्वारा नहर सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है। विभाग ने चौरगांव पंचायत भवन से शीतला स्थान तक सफाई का दावा किया है, लेकिन किसानों का कहना है कि यह सिर्फ कागजी काम है।

मुंगेर में डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से फसलें डूब गईं।

मुंगेर में डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से फसलें डूब गईं।

नहर की सफाई हो और फसल का हर्जाना मिले 

आक्रोशित किसानों ने जेसीबी से नहर की सफाई कराने और फसल क्षतिपूर्ति के लिए कृषि विभाग से सहायता राशि की मांग की है। नहर से खेतों में पानी जाने का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे किसान चिंतित हैं। पहले भी बाढ़ से फसल बर्बाद हो चुकी है, और अब यह घटना रबी फसल को पूरी तरह चौपट कर रही है।

SDO को नहर में पानी छोड़ने की जानकारी नहीं 

एसडीओ राकेश रंजन कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही प्रखंड कृषि पदाधिकारी को प्रभावित स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद किसानों को नुकसान हुई फसल का मुआवजा दिया जाएगा। एसडीओ ने कहा कि –

“इस समय नहर में पानी छोड़ने की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और इसकी जांच की जाएगी।”

उन्होंने किसानों के आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी कि उन्होंने आवेदन मिलने के बाद जांच कराई जाएगी।

 

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रिपोर्टर की डायरी

बिहार : धान खरीद के बीच रोहतास के FCI गोदाम में धरना, मजदूर बोले- ‘अनाज के हर ट्रक पर 1500 रुपये काटे जा रहे’

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नोखा बाजार समिति स्थित CFC गोदाम पर मजदूरों का धरना तीन दिन से जारी है।
नोखा बाजार समिति स्थित CFC गोदाम पर मजदूरों का धरना तीन दिन से जारी है।
  • रोहतास में मजदूरी को लेकर सीएफसी गोदाम पर मजदूरों का धरना, भीम आर्मी ने आंदोलन की दी चेतावनी

सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव

बिहार में जारी धान की खरीद में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, इस बीच अनाज को FCI (Food Corporation of India) के गोदामों तक पहुंचाने वाले मजदूरों ने रोहतास जिले में धरना शुरू कर दिया है।

तीन दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरने में शामिल मजदूरों का आरोप है कि गोदाम पर अनाज की बोरियों से भरा एक ट्रक माल उतारने में 1500 रुपये कम मजदूरी दी जा रही है। हर दिन करीब 40 ट्रक माल गोदामों तक पहुंच रहा है, इस हिसाब से गोदामों पर बैठे ठेकेदार रोज के 60 हजार रूपये की ऊपरी कमाई कर रहे हैं जो बंद होनी चाहिए। मजदूरों को उनके हक का रुपया दिलाने के लिए भीम आर्मी ने भी मांग उठाई है।

बड़ी संख्या में मजदूर धरने पर बैठे, खरीद केंद्र से अनाज गोदाम पर नहीं पहुंच रहा जिससे धान खरीद की पहले से हल्की गति पर असर होगा।

बड़ी संख्या में मजदूर धरने पर बैठे, खरीद केंद्र से अनाज गोदाम पर नहीं पहुंच रहा जिससे धान खरीद की पहले से हल्की गति पर असर

अनिश्चितकालीन धरने पर मजदूर

यह धरना रोहतास जिले के नोखा बाजार समिति स्थित CFC गोदाम में बीते तीन दिनों से जारी है। भीम आर्मी के नेतृत्व में धरने पर बैठे मजदूर, गोदाम के ठेकेदारों के शोषण से तंग हैं और मजदूरी में हो रही अवैध कटौती के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

रोजाना 40 ट्रक, ठेकेदार की ऊपरी कमाई 60 हजार

मजदूरों का कहना है कि CFC व CMR गोदामों पर वे कई साल से अनाज की बोरियां उतारने का काम करते आए हैं। उनका आरोप है कि ट्रांसपोर्ट मालिक गोदाम पर एक ट्रक अनाज उतारने के लिए 8500 मजदूरी देते हैं, लेकिन गोदाम के ठेकेदार उन्हें सिर्फ 6800 मजदूरी का भुगतान कर रहे हैं। इस तरह उन्हें तय न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही है। मजदूरों का आरोप है कि उनका शोषण FCI से जुड़े अधिकारियों व ठेकेदारों की मिली भगत से हो रहा है।

मजदूरों की मुख्य मांगें
  • ट्रक उतारने की पूरी मजदूरी (8500 रुपये) मजदूरों को मिले
  • ठेकेदारों द्वारा की जाने वाली अवैध कटौती (1500 रुपये प्रति ट्रक) तुरंत बंद हो
  • FCI और ठेकेदारों की मिलीभगत पर कार्रवाई हो
  • मजदूरी में पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो

भीम आर्मी ने आंदोलन की दी चेतावनी

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भीम आर्मी नेता अमित पासवान ने मजदूरों के साथ हो रही नाइंसाफी को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।

भीम आर्मी नेता

भीम आर्मी नेता अमित पासवान

उन्होंने कहा कि इस मामले पर उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी व FCI के प्रबंधक से शिकायत की है, मजदूरों के हित के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हर दिन 40 ट्रक गोदाम पर उतरते हैं, मजदूरों की मेहनत का रुपया काटकर हर दिन बड़ी ऊपरी कमाई की जा रही है जो अवैध है।

क्या बोले जिला सहकारिता पदाधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी नयन प्रकाश ने धरना दे रहे मजदूरों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। उनका दावा है कि आज मजदूरों और ठेकेदारों के बीच आपसी सहमति बन गई है।

दूसरी ओर, SSC प्रबंधक (State Storage Corporation Manager) रामबालक ने कहा कि ठेकेदार व मजदूरों में समझौते की बात चल रही है और इसे जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा, ताकि धान अधिप्राप्ति में किसी तरह की बाधा पैदा न हो।

पहले से धीमी धान खरीद पर असर, किसान परेशान

बड़ी संख्या में मजदूर तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं जिससे जिले के धान खरीद केंद्र से अनाज गोदाम पर नहीं पहुंच रहा जिससे धान खरीद की पहले से हल्की गति पर असर हो रहा है और धान किसान परेशान हैं।

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चुनावी डायरी

बिहार : दही-चूड़ा के बहाने फिर बेटे तेज प्रताप से फिर जुड़ रही लालू परिवार के रिश्तों की डोर

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लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ रिश्ते सुधरने का संकेत।
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ रिश्ते सुधरने का संकेत।

नई दिल्ली|

लालू यादव और उनके परिवार की बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ टूट गए रिश्तों की डोर दोबारा जुड़ती नजर आई है। मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप ने चूड़ा भोज का आयोजन करके परिवार को निमंत्रण भेजा, जिसमें लालू यादव ने शामिल होकर पारिवारिक जुड़ाव का संकेत दिया है।

हालांकि तेजस्वी यादव न्यौते के बाद भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस बारे में पूछे जाने पर तेज प्रताप ने कोई नाराजगी नहीं दिेखाई, बल्कि यह कहकर बात टाल दी कि ‘तेजस्वी छोटे भाई हैं, देरी से सोकर उठते हैं।’ इस पूरे घटनाक्रम से साफ संकेत मिला है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद आखिर यह बर्फ पिघल रही है।

गौरतलब है कि लालू यादव ने बड़े बेटे की गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें पार्टी और परिवार से अलग कर दिया था।

तेज प्रताप बोले- पिता का आशीर्वाद मिला

दही-चूड़ा कार्यक्रम के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक ही सोफे पर बैठे नजर आए। लालू प्रसाद के भोज में आने के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे पिता का आशीर्वाद मिला है।” साथ ही बोले कि “बिहार के गवर्नर भी आएं थे, उन्होंने भी आशीर्वाद दिया है. बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हुए कुछ नया काम करना है।”

एक दिन पहले घर जाकर न्यौता दिया था

मां राबड़ी देवी को निमंत्रण देते उनके बेटे तेज प्रताप जो पार्टी और परिवार से अलग हो चुके हैं।

मां राबड़ी देवी को निमंत्रण देते उनके बेटे तेज प्रताप जो पार्टी और परिवार से अलग हो चुके हैं।

13 जनवरी को तेज प्रताप ने अपने एक्स हैंडिल से भाई तेजस्वी यादव और मां राबड़ी देवी को दही-चूड़ा के आयोजन का निमंत्रण देते हुए तस्वीरें साझा की थीं, जिसने लोगों को चौंका दिया। तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी के घर पहुंचे थे, वहां अपनी भतीजी के साथ भी उन्होंने एक फोटो खिंचवाया।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भी शामिल हुए

तेज प्रताप के इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद शामिल हुए। साथ ही, विपक्षी दल भाजपा के प्रमुख नेता व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि एक दिन पहले डिप्टी सीएम सिन्हा के आवास पर दही-चूड़ा का आयोजन था, जिसमें तेजप्रताप शामिल हुए थे।

लालू के साले बोले- परिवार एक है, कोई दूरी नहीं

लालू यादव के अलावा तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में उनके बड़े मामा प्रभुनाथ यादव भी पहुंचे। उन्होंने कहा, “राज्यपाल और लालू जी ने आशीर्वाद दिए हैं, आज से दिन शुभ होने वाला है, परिवार एक है, कोई दूरी नहीं है।” वह बोले कि हमने अपने भगिना को आशीर्वाद दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी बड़ी बात कही कि तेज प्रताप यादव बहुत आगे जाने वाले हैं। दोनों भाई एक साथ हैं। सारे मामा का आशीर्वाद है।

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