Connect with us

लाइव पन्ना

बिहार में शाम 5 बजे तक रिकॉर्ड 67% वोटिंग, सीमांचल में सबसे ज्यादा मतदान

Published

on

नवादा जिले में पोलिंग बूथ पर बड़ी संख्या में महिला वोटरों की मौजूदगी रही। - फोटो अमन कुमार
नवादा जिले में पोलिंग बूथ पर बड़ी संख्या में महिला वोटरों की मौजूदगी रही। - फोटो अमन कुमार

पटना | हमारे संवाददाता

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बंपर वोटिंग हो रही है। शाम 5 बजे तक कुल 67.14 प्रतिशत मतदान हो चुका है जो पहले चरण के कुल मतदान से दो प्रतिशत ज्यादा है।

दूसरे चरण में जिस उत्साह से मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचे है, उसने सभी राजनीतिक दलों का गणित बिगाड़ दिया है।

कुल 20 जिलों में से सबसे ज्यादा 76.26% वोटिंग किशनगंज जिले में हुई है। इसके अलावा, मुस्लिम बहुल क्षेत्र सीमांचल के अन्य जिलों में भी बड़ी तादाद में वोटिंग हुई है। जिसमें पूर्णिया में 73.73%, अररिया में 67.79% और कटिहार में 75.23% वोटिंग हुई।

चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध करवाए गए शाम पांच बजे तक के आंकड़े।

चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध करवाए गए शाम पांच बजे तक के आंकड़े।

 

दूसरे चरण में अब तक सबसे कम वोटिंग नवादा में 57.11 प्रतिशत हुई।

संवेदनशील बूथों पर शाम पांच बजे तक वोटिंग होनी है पर यहां भी लंबी लाइन लगी हुई है। बाकी के बूथों पर शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। चुनाव आयोग वोटिंग प्रतिशत को लेकर शाम 7.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।


 

बिहार में दोपहर तीन बजे तक रिकॉर्ड 60% वोटिंग, किशनगंज सबसे आगे

चुनाव आयोग के मुताबिक, आज (11 नवंबर) दोपहर 3 बजे तक कुल 60.40 प्रतिशत मतदान हो चुका है। ये रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग है जिसने राजनीतिक दलों की सांसें थाम दी हैं। बता दें कि बिहार के पहले चरण में 6 नवंबर को कुल वोटिंग 65% हुई थी, पर दूसरे चरण में दोपहर तीन बजे तक ही 60% का आंकड़ा पार हो गया है, ऐसे में अनुमान है कि वोटिंग प्रतिशत एक नया रिकॉर्ड बनाएगा।

सबसे ज्यादा वोटिंग सीमांचल के इलाके में हो रही है जो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। 20 जिलों में से किशनगंज में दोपहर तीन बजे तक सबसे ज्यादा 66% वोटिंग हुई है। इसके बाद पूर्णिया में 64% वोटिंग हुई है जो सीमांचल का हिस्सा है।

दोपहर तीन बजे तक का डेटा

दोपहर तीन बजे तक का डेटा

 

वोटिंग के पैटर्न के साथ पटना में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है क्योंकि बिहार में इतनी अधिक मात्रा में कभी वोटिंग नहीं हुई इसलिए वोटरों के रुझान को समझना पार्टियों के लिए मुश्किल हो रहा है। हर पार्टी सार्वजनिक तौर पर इसे अपने समर्थन की लहर बता रही है।

एक केंद्र पर सुबह 11 बजे मौजूद महिलाएं।

एक केंद्र पर सुबह 11 बजे मौजूद महिलाएं।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *