Connect with us

रिपोर्टर की डायरी

लखीसराय : शिवरात्रि की पूजा के लिए फूल तोड़ने गई बच्ची के साथ रेप, आरोपी अधेड़ को पुलिस ने पकड़ा

Published

on

  • आठ साल की बच्ची को गांव के अधेड़ ने फूल देने के बहाने बुलाया।

लखीसराय | गोपाल प्रसाद आर्य

बिहार में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना सामने आई है। आठ साल की एक बच्ची अपने घर में शिवरात्रि की पूजा के लिए फूल तोड़ने गई थी, जहां 45 साल के अधेड़ व्यक्ति ने उसे अगवा कर लिया और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

मौके से गांव वालो ने आरोपी अधेड़ को पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस को मौके से खून के निशान मिले हैं, बच्ची का मेडिकल कराया गया है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को पटना की फॉरेंसिक टीम को सौंपा गया है।

गौरतलब है कि बिहार में हाल के दिनों में लड़कियों और महिलाओं से दुष्कर्म की कई घटनाएं सामने आई हैं जो कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खडे़ कर रही हैं।

यह पूरा मामला मेदनी चौकी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह करीब नौ बजे का है। दुष्कर्म करने वाले आरोपी का नाम गोपाल मिश्रा है।

फूल देने के बहाने बुलाकर रेप

घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह करीब 9:00 बजे शिवरात्रि के मौके पर पूजा करने के लिए फूल तोड़ने गई बच्ची को गांव के ही रतिकांत मिश्रा उर्फ बच्चन बाबा के बेटे गोपाल मिश्रा (45) ने फूल देने के बहाने घर में ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।

आरोपी गोपाल मिश्रा को ग्रामीणों ने उसके घर से पकड़ कर लिया है और पुलिस को सुपुर्द कर दिया। घटना के संबंध में बताया गया कि पीड़ित बच्ची खून से लथपथ किसी तरह से भाग कर अपने घर पहुंची।

बच्ची को बिल्कुल नग्न अवस्था में खून से लथपथ देख उसकी मां ने बच्ची से घटना के संबंध में पूछने पर बताया कि गांव के ही गोपाल मिश्रा ने उनके साथ घर में ले जाकर घटना को अंजाम दिया है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

रिपोर्टर की डायरी

मधेपुरा(बिहार): लड़की का शव अंतिम संस्कार से पहले पुलिस ने कब्जाया, पिता पर हॉरर किलिंग का शक

Published

on

  • मधेपुरा में 18 साल की लड़की की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत
  • अंतिम संस्कार से ठीक पहले पहुंची पुलिस, शव को कब्जे में लिया।
  • पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया, अंतिम संस्कार से पहले पहुंची पुलिस।

मधेपुरा | रजनीश सिंह

जिस समय पूरी दुनिया प्रेम का उत्सव वेलेंटाइन वीक में रूप में मना रही थी, बिहार के मधेपुरा में एक लड़की मार दी गई। पुलिस ने उसके शव को गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार के लिए लेकर पहुंचे पिता को गिरफ्तार कर लिया। शव को अपने कब्जे में करके पोस्टमार्टम कराया गया है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी की मौत ज्यादा खून बहने के चलते हो गई, हालांकि खून क्यों बहा और क्या परिस्थितियां थीं, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। अब पुलिस इस मामले को हॉरर किलिंग का मामला मानते हुए छानबीन में जुट गई है।

यह पूरी घटना मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज ब्लॉक की है। यहां के पिपरा करौती वार्ड-2 में बीते 12 फरवरी की रात अलका कुमारी की मौत हो गई। 18 साल की अलका के पिता का नाम अंबुज यादव है, जो अब बेटी की मौत मामले में पुलिस गिरफ्त में हैं।

परिजनों के अनुसार गुरुवार की रात अचानक अलका कुमारी की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी हरैली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल से शव घर लाने के बाद शुक्रवार को परिजन दाह-संस्कार की तैयारी में जुट गए थे।

सूत्रों के मुताबिक, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का दाह-संस्कार करने के लिए भागलपुर ले जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में पुलिस ने शव ले जा रही पिकअप वाहन को खगड़िया जिले के परबत्ता के समीप रोक लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया। इस संबंध में पुलिस पदाधिकारी दीनानाथ राय ने बताया कि मुख्यालय से मिली गुप्त सूचना पर उन्होंने मौके पर शव को कब्जे मेें लिया था।

पुलिस ने बताया कि दाह-संस्कार से ठीक पहले पहुंचकर उन्होंने शव को अपने कब्जे में लिया। इस मामले में उन्हें जिला मुख्यालय से गोपनीय सूचना मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई। शव के पोस्टमार्टम के बाद पता लग सकेगा कि आखिर युवती की मौत कैसे हुई थी।

Continue Reading

रिपोर्टर की डायरी

बिहार में किसान-मजदूर संगठनों ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों का किया जमकर विरोध

Published

on

  • मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भारत बंद।
  • अखिल भारतीय आम हड़ताल में मजदूर व किसान जुटे।
  • बिहार में भाकपा(माले) के नेतृत्व में किया जोरदार प्रदर्शन।

पटना |

हाल में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद कृषि क्षेत्र को लेकर उठ रही आशंकाओं को लेकर, नए श्रम कानूनों के विरोध में और मनरेगा कानून खत्म किए जाने के खिलाफ 12 फरवरी को भारत बंद रहा। किसान संगठनों और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल और ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया, जिसने सरकार की इन नीतियों पर अपना एकजुट विरोध जाहिर किया।

इस बंद को आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई विपक्षी दलों ने भी अपना समर्थन दिया। बिहार में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

बिहार के सभी जिलों में हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मजदूर नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नया लेबर कानून देश के श्रमिकों को गुलाम बनाने वाला है। रोहतास में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले के जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

बक्सर में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले के जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियां मजदूरों और किसानों के हित में नहीं बल्कि पूंजीपतियों के पक्ष में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बांका में भाकपा (माले) के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने बताया कि उनके जिले में इस हड़ताल में संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खासकर निर्माण क्षेत्र के मजदूरों की भागीदारी रही।

मुंगेर में ट्रेड यूनियन से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बिहार राज्य सचिव कृष्णदेव शाह ने कहा कि हाल ही में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया है, जो किसान एवं आम जनता के हितों के प्रतिकूल है।

पश्चिमी चंपारण जिले में आंदोलनकारी अपनी मांगों की तख्तियां हाथों में लेकर नेशनल हाईवे पर मानव श्रृंखला बनाकर हड़ताल के समर्थन में नारे लगाते दिखे।

बोलते पन्ने के लिए हमारी संवाददाता बक्सर से अमीषा कुमारी, रोहतास से अविनाश श्रीवास्तव, बांका से दीपक कुमार, मुंगेर से प्रशांत सिंह, पश्चिमी चंपारण से मनोज कुमार के इनपुट पर आधारित रिपोर्ट। 

 

Continue Reading

रिपोर्टर की डायरी

पटना में दिनदहाड़े बुजुर्ग की गर्दन पर चाकू से कई वार करके हत्या, लोग बस देखते रहे

Published

on

  • पटना में दिनदहाड़े सड़क पर चलते बुजुर्ग की चाकु से हमला करके हत्या।
  • हत्यारा चाकु से वार करता रहा, राहगीरों ने रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई।
  • बुजुर्ग की मौके पर ही मौत, करीब दस वार गर्दन पर चाकू चलाया।

पटना | प्रीति कुमारी

बिहार की राजधानी पटना में सड़क पर चलते एक बुजुर्ग की चाकू से कई वार करके दिनदहाड़े हत्या कर दी गई और लोग आते-जाते बस देखते रहे। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि हत्यारा युवक, मृतक के गले पर करीब दस वार चाकू चलाता है और फिर बड़े आराम से पैदल ही वहां से चला जाता है।

यह दर्दनाक घटना 12 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे चौक थाना क्षेत्र में हुई। यहां के पटना साहिब रेलवे स्टेशन के पास की बंगाली कॉलोनी में 62 साल के मोहम्मद रहीस सड़क पर पैदल चल रहे थे। वे पेशे से दर्जी थे और कई साल से उसी इलाके में सिलाई का काम कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि रहीस शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी की जानकारी नहीं है।

घटना के सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि मो. रहीस सड़क किनारे पैदल चल रहे थे, उनके पीछे सामान्य चाल से चलता एक युवक अचानक अपनी बगल से लंबा धारदार चाकू निकालकर पीछे से रहीस की गर्दन पर हमला करता है। हमला इतना तेज और अचानक था कि रहीस को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हत्यारोपी युवक ने उनके ऊपर करीब दस बार चाकू चलाया, इस बीच तीन बाइक सवार व कई लोग पैदल उस रोड से गुजरते दिख रहे हैं पर चाकू लेकर वार करते युवक को कोई नहीं रोकता। सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से पैदल चलता हुआ फरार भी हो गया।

इस घटना की सूचना मिलते ही चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा इलाका घेरकर आवाजाही को अस्थायी तौर पर रोक दिया। फिर घटना के सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को बुलाया गया। आरोपी युवक की पहचान 26 साल के मोहम्मद अयाज के रूप में हुई है जो मृतक मो. रहीस का भांजा बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्यारोपी मो. अयाज को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यह मामला पारिवारिक झगड़े या जमीनी विवाद से जुड़ा लग रहा है पर खुलेआम सड़क पर चाकू से मार डालने की यह घटना राजधानी पटना की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

 

Continue Reading
Advertisement

Categories

Trending