रिपोर्टर की डायरी
मुंगेर में सीसीटीवी कैमरे ने सामाजिक सौहार्द बिगड़ने के बचा लिया !
- बिहार के मुंगेर में एक दुर्गा मंदिर में मिला मांस का टुकड़ा।
- पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा के जरिए शांत कराया माहौल।
- एक पक्षी की करामात ने माहौल गरमा दिया था।
मुंगेर | प्रशांत कुमार सिंह
बिहार के मुंगेर जिले में सीसीटीवी कैमरे ने सामाजिक सौहार्द बिगड़ने के बचा लिया। दरअसल एक देवी मंदिर की सीढ़ियों पर मांस का टुकड़ा पड़ा मिला, जिसके बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया। मंदिर परिसर में मांस मिलने की खबर की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर तुरंत पुलिस अधिकारी पहुंचे और लोगों को अफवाह न फैलाने को चेताया। मौके से पुलिस ने मांस का टुकड़ा हटाया और फिर सीसीटीवी कैमरा चेक किया।
जिससे पता लगा कि एक पक्षी अपने पंजे में फंसाकर मांस का टुकड़ा ले आया था और उससे वह टुकड़ा मंदिर परिसर में लगे लोहे के ग्रिल के पास गिर गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों को इस मामले में संतुष्ट कराने के लिए सीसीटीवी फुटेज दिखाई, इसके बाद जाकर यह मामला सुलझा।
यह पूरी घटना 4 जनवरी को मुंगेर शहर के नंदलाल बसु चौक के पास स्थित शमशेर बाबू दुर्गा मंदिर का है। यहां लोहे के ग्रिल पर मांस का अवशेष मिलने की खबर फैलते ही लोग मंदिर पहुंचकर आक्रोश जताने लगे थे। सूचना पर एसडीपीओ अनिल कुमार और हवेली खड़गपुर के ट्रेनी डीएसपी व थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार तिवारी अपनी टीम के साथ पहुंचे।लोगों के बीच कई प्रकार की अफवाह फैलने से आसपास के क्षेत्र से भी लोग जुटने लगे। तब हवेली खड़गपुर पुलिस ने सभी को समझा बुझाकर हटाया।
पुलिस ने पास ही के एक मेडिकल पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, तब जाकर ये मामला सुलझा।
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मुंगेर में वैक्सीन लगने के बाद बच्ची की मौत: परिजनों का हंगामा, मौके पर पहुंची WHO-UNICEF की टीम
- मुंगेर के खड़गपुर में नवजात बच्ची को लगी थी पेंटावैलेंट वैक्सीन।
- टीका लगने के बाद बच्ची को बुखार आया, रात में सोते समय मौत हुई।
- दम घुटने से मौत की पुष्टि की, टीका लगे बाकी दस बच्चे सुरक्षित हैं।
मुंगेर | प्रशांत कुमार सिंह
बिहार के मुंगेर जिले में डेढ़ महीने की एक बच्ची की वैक्सीन लगने के बाद मौत होने का गंभीर मामला सामने आया है। बच्ची की मौत रात में सोने के दौरान हो गई, जिसका पता लगने पर परिवार वालो ने जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग, विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ की टीम भी वहां पहुंची। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच में बच्ची की मौत दम घुटने से होना पाया गया है, उन्होंने वैक्सीन के चलते मौत की संभावना से इनकार किया है।
मां बोली- ‘दूध पिलाकर सुलाया, सुबह शरीर ठंडा था’
यह पूरा मामला मुंगेर के हवेली खड़गपुर ब्लॉक का है। यहां के गोबड्डा पंचायत के वार्ड नंबर 9 के शिवपुर लौंगाय तांती टोला में गुरुवार सुबह कोहराम मच गया। मृत बच्ची के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए वैक्सीन को मौत का कारण बताते हुए जमकर हंगामा किया। घटना के बाद पूरे टोले में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतक बच्ची की मां ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद उनकी बेटी को बुखार आया था, रात में उन्होंने उसे दूध पिलाकर रोज की तरह सुला दिया पर वो सुबह नहीं उठी। सुबह उसके शरीर में जब कोई हलचल नहीं थी तो अतिरिक्त स्वास्थ केंद्र लड़ुई ले गए जहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।
11 बच्चों को लगी थी वैक्सीन, एक की मौत
यहां के कार्तिक तांती की लगभग डेढ़ माह की बेटी सरस्वती कुमारी को पेंटावैलेंट वैक्सीन लगाई गई थी। एएनएम शीला शबनम ने यहां के कुल 11 बच्चों को यह टीका लगाया। परिवार का कहना है कि टीका लगने के बाद वे बच्ची को घर ले गए और रात में दूध पिलाकर सुला दिया। गुरुवार की सुबह जब बच्ची नहीं जगी तो परिजनों ने हिला-डुलाकर देखा, जैसे ही उन्हें पता लगा कि बच्ची में जान नहीं है, गुस्साए परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
जांच के लिए पहुंची संयुक्त टीम ने क्या बोला?
घटना की सूचना पर मुंगेर स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्य टीम पीड़ित के घर पहुंची। इस टीम में खड़गपुर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार के अलावा डब्ल्यूएचओ व यूनिसेफ की संयुक्त जांच पहुंची।
जांच के बाद हवेली प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि 11 बच्चों को टीका लगा था और इनमें से दस की हालत एकदम ठीक है। उन्होंने कहा-
“बच्ची की मौत वैक्सीन से नहीं, बल्कि दम घुटने की वजह से हुई है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद देर रात बच्ची की मां ने उसे दूध पिलाया और ढंककर सुला दिया था। संभवतः दूध पीने के बाद डकार न आने और गलत स्थिति में सुलाने के कारण बच्ची का दम घुट गया, जिससे उसकी मौत हो गई।”
क्या है पेंटावैलेंट वैक्सीन (Pentavalent Vaccine)
यह एक संयुक्त टीका है जो शिशुओं को 5 जानलेवा बीमारियों (डिप्थीरिया, टेटनस, काली खांसी (पर्टुसिस), हेपेटाइटिस बी और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी) से एकसाथ सुरक्षा प्रदान करता है। यह भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है और आमतौर पर 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में तीन खुराकों के रूप में दिया जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम सिस्टम के खिलाफ बक्सर की सड़कों पर कौन उतरा?
- बक्सर में सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम सिस्टम के विरोध में निकाला मार्च।
- राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के UGC पर आए फैसले पर असहमति जतायी।
- यूजीसी के समता नियम लागू करने व जजों की नियुक्ति पारदर्शी बनाने की मांग।
बक्सर | अमीषा कुमारी
बिहार के बक्सर जिले में सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम सिस्टम के खिलाफ विपक्षी राजनीतिक दलों ने रैली निकाली और इस व्यवस्था को खत्म किए जाने के नारे लगाए। ये अपनी तरह का खास विरोध प्रदर्शन जिले के SC/ST मोर्चा की ओर से कराया गया। यह प्रदर्शन हाल में सरकार की ओर से लागू UGC समता नियमों को लेकर हुए विरोध और फिर सुप्रीम कोर्ट की इस मामले पर त्वरित सुनवाई के बाद इसे रोके जाने के आदेश को लेकर हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि यूजीसी की ओर से हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए लाए गए समता कानून को दोबारा लागू किया जाए। यह रैली बक्सर के किला मैदान से शुरू होकर आंबेडकर चौक तक निकाली गई। इसमें मुख्य रूप से भाकपा (माले) से डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा, बसपा से बक्सर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अभिमन्यु कुशवाहा और कांग्रेस पार्टी के नेता मौजूद रहे।
विरोध जता रहे नेताओं ने कहा कि यूजीसी के समता नियम की गलत व्याख्या करके इसे वापस करवाया गया, इसको लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रूख से असहमति जतायी और कहा कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कॉलेजियम सिस्टम हटाया जाए।
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चंदन शहीद पीर पहाड़ी : सासाराम में 800 साल से हिन्दू-मुस्लिम आस्था का प्रतीक उर्स मेला शुरू
- सासाराम में शब-ए-बारात के मौके पर लगता है दो दिवसीय उर्स मेला।
- चंदन शहीद पीर पहाड़ी पर 800 से अधिक वर्षों से लग रहा है मेला।
- मुस्लिम ही नहीं हिन्दू श्रद्धालु भी इस उर्स में शामिल होने पहुंचते हैं।
सासाराम | अविनाश कुमार श्रीवास्तव
बिहार के सासाराम में शब-ए-बारात के मौके पर लगने वाले ऐतिहासिक उर्स मेले की शुरूआत हो गई है, जिसमें मुस्लिम ही नहीं हिन्दू समुदाय के श्रद्धालु भी भाग लेने पहुंच रहे हैं। सासाराम शहर के पूर्वी छोर पर स्थित चंदन शहीद पीर पहाड़ी पर यह उर्स मेला लगा है।
इस पहाड़ी को हजरत चंदन शहीद पीर रहमतुल्लाह के नाम से जाना जाता है, और इन्हीं पीर की याद में पिछले 800 साल से उर्स मेला लगता हर साल लगता है। इस साल 815वां उर्स मनाया जा रहा है।
खास बात यह भी है कि इस उर्स में शामिल होने के लिए आने वाले जायरीन सासाराम में स्थित शेरशाह सूरी के मकबरे को भी देखने जाते हैं जो इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का अनूठा नमूना है।
इस उर्स मेले में शामिल होने के लिए बिहार के अलावा झारखंड, बंगाल व यूपी से बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं। चंदन शहीद पीर कमिटी ने बताया कि दूर-दूर से आए ज़ायरीन चादरपोशी करके मन्नतें मांगते हैं।साथ ही, गुलपोशी, कुरानखानी और मजार की इत्र से गुसुल रस्म के साथ साथ लोग फातिया पढ़ते हैं।
प्रशासन ने उर्स के चलते जिले में ट्रैफिक की समस्या हल करने के लिए नया ट्रैफिक रूट बनाया है। पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने बताया कि उर्स क्षेत्र में तीन पहिया व चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक है। साथ ही, सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। उर्स मेले के लिए पहाड़ी के नीचे दुकानें सज गई हैं जिसमें स्थानीय व बाहर से आए श्रद्धालु खरीदारी करते देखे जा सकते हैं।
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