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रिपोर्टर की डायरी

बिहार में अब दारोगा-कोतवाल के खिलाफ केस चलाने से पहले सरकार की अनुमति जरूरी

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बिहार पुलिस
बिहार पुलिस (प्रतीकात्मक फोटो)
  • बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने जारी की अधिसूचना।
  • पुलिस कर्मियों पर मुकदमा चलाने के लिए लेनी होगी सरकार की अनुमति।
  • बिहार पुलिस के सभी पदाधिकारी व कर्मियों पर लागू होगा नियम।

पटना |

बिहार में अब दारोगा से लेकर इंस्पेक्टर तक के खिलाफ किसी मामले में तब ही केस दर्ज हो सकेगा जब उसकी इजाजत राज्य सरकार देगी।

बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने गुरुवार (26 feb) को इसको लेकर अधिसूचना जारी की है। यह नियम पहले DSP/ACP और ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू था, लेकिन अब राज्य सरकार ने यह सुरक्षा कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक बढ़ा दी है।  सरकार का तर्क है कि इस तरह बदले की भावना के चलते पुलिस पर कार्रवाई व उत्पीड़न को रोका जा सकेगा।

सरकार के इस महत्वपूर्ण सर्कुलर में कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर आपराधिक मुकदमा चलाने से पहले राज्य सरकार की पूर्व अनुमति (sanction) अनिवार्य होगी। यह शर्त उन कार्यों पर लागू होगी जो आधिकारिक ड्यूटी (official duty) के दौरान या उसके संबंध में किए गए हों।

 यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 218(2) के तहत लागू किया गया है। जिसमें पहले “केंद्रीय सरकार” के स्थान पर अब स्पष्ट रूप से “राज्य सरकार” को यह अधिकार दिया गया है।

बिहार जैसे राज्य जहां पुलिस के ऊपर भ्रष्टाचार व गलत मुकदमें में फंसाने के मामले सामने आते रहे हैं, राज्य सरकार की ओर से दी जा रही इम्यूनिटी उनकी ताकत को और बढ़ा देगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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बिहार : नवादा में बिल नहीं जमा हुआ तो पूरे गांव की बत्ती काटी, ग्रामीण बोले- बिना नोटिस कार्रवाई

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  • 12 लाख से अधिक बकाया बिल बकाया होने पर नवादा में कार्रवाई।

नवादा | अमन कुमार सिन्हा

बिहार के नवादा जिले में बिजली विभाग ने बकाया बिल का भुगतान न करने पर एक पूरे गांव की बिजली काट दी है। कौआकोल प्रखंड के गुआघोघरा गांव में यह कार्रवाई की गई है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूब गया। ग्रामीण का आरोप है कि बिजली विभाग में कोई नोटिस हम लोगों को नहीं दिया है।

गुरुवार को विद्युत विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने गांव के ट्रांसफार्मर से ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। गांव के लोगों ने देर रात वीडियो जारी कर बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है।

विद्युत विभाग के पर्यवेक्षक संजीव कुमार ने बताया कि गांव के लगभग 200 उपभोक्ताओं पर 12 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। विभाग द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया।

कुमार ने बताया कि वर्षों से यहां के उपभोक्ता बिजली बिल जमा नहीं कर रहे थे। बिल जमा करने के लिए कई बार समझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन किसी ने भुगतान नहीं दिया। अंततः, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विभाग ने पूरे गांव की बिजली काट दी।

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बांका (बिहार): वनकर्मी ने प्रेमिका की हत्या करके 430 किलोमीटर दूर जंगल में गाड़ दी लाश

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हत्यारोपी वनकर्मी (बायीं ओर) ने शिवानी( दायीं ओर) की हत्या करके जंगल में लाश गाड़ (मध्य में) दी, जो पुलिस ने तीन महीने बाद बरामद की है।
हत्यारोपी वनकर्मी (बायीं ओर) ने शिवानी( दायीं ओर) की हत्या करके जंगल में लाश गाड़ (मध्य में) दी, जो पुलिस ने तीन महीने बाद बरामद की है।
  • तीन महीने पहले गायब हो गई थी 12वीं की छात्रा, वनकर्मी ने ही हत्या कर दी।
  • रोहतास से लड़की को अगवा किया, जमुई में मारा और बांका में लाश छुपाई।
  • बांका के जंगल में दस फीट गड्डे में मिला कंकाल, 5 आरोपी पकड़े गए।

बांका/रोहतास |

बिहार में वन विभाग में काम करने वाले एक फॉरेस्ट गार्ड ने अपनी प्रेमिका को रास्ते से हटाने के लिए उसे जंगल में गाड़ दिया, जिसकी लाश तीन महीने बाद मिल सकी है। प्रेमिका को फॉरेस्ट गार्ड ने रोहतास जिले से शादी का बहाना करके अगवा किया, फिर 328 किलोमीटर दूर जमुई के जंगल में ले जाकर उसकी हत्या की, फिर वहां से 92 किलोमीटर दूर बांका के जंगल में उसके शव को गाड़ दिया। हत्यारोपी अभी बांका में ही पोस्टेड भी है।

इस पूरी साजिश में वनकर्मी ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए पोकलेन का इस्तेमाल करके 10 फीट गहरा गड्डा खोदा। 25 फरवरी को बांका-रोहतास पुलिस ने इसी गड्डे से सड़ी-गली अवस्था में शव को निकाला है।  पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, मुख्य आरोपी के सहयोगी पुलिस पूछताछ में टूटे, तब कहीं जाकर पुलिस शव तक पहुंच सकी।

पुलिस पूछताछ से पता लगा है कि शादी का दवाब बना रही अपनी प्रेमिका को रास्ते से हटाने के लिए फॉरेस्ट गार्ड ने मर्डर किया। फिर करीब डेढ़ महीने बाद उसने दूसरी युवती से शादी भी कर ली।

प्रेम में जान गंवाने वाली युवती का नाम शिवानी कुमारी है जो इंटर की छात्रा और एक ब्यूटीशियन भी थी। वह रोहतास के नोखा ब्लॉक के भटौली गांव की निवासी थी। मृतका की मां के मुताबिक, पिछले साल 20 नवंबर को वो ब्यूटी पार्लर का सामान लेने बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी, फिर वापस नहीं लौटी। शिवानी की मां ने बेटी के अपहरण का आरोप प्रिंस कुमार राय पर लगाते हुए केस दर्ज कराया था।

प्रिंस भोजपुर जिले के तरारी ब्लॉक के खरौना गांव का निवासी है और उसकी रिश्तेदारी शिवानी के गांव में थी, जहां से दोनों के बीच दोस्ती और प्रेम हुआ। मां अपनी बेटी के इस अफेयर के बारे में जानती थी, हालांकि उनका परिवार इस रिश्ते के लिए राजी नहीं था।

शिवानी की मां का कहना है कि शिवानी ने आखिर बार फोन पर बताया था कि प्रिंस उसे जबरन देवघर ले जा रहा है और उसके साथ और भी लड़के हैं, जो  उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया था।

पुलिस ने आरोपी प्रिंस को घटना के करीब डेढ़ महीने बाद 13 जनवरी को बांका जिले के कटोरिया थाना इलाके से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। प्रिंस ने पूछताछ में बताया कि 20 नवंबर 2025 को उसने शिवानी को शादी का भरोसा देकर घर से बुलाया। फिर उसे जबरन ले जाकर जमुई के बटिया फारेस्ट आईबी में तीन दिनों तक रखा। फिर 22 नवंबर को वह उसे बटिया जंगल ले गया, जहां अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तीन गोलियां मार दीं। शिवानी की हत्या के बाद शव को वह बोलेरो में रखकर बांका के कटोरिया थाना क्षेत्र ले गया। जहां के महादेवपुर गांव स्थित जंगल में लाकर पोखर की मेड़ के पास गहरा गड्ढा खोदकर शव को गाड़ दिया।

रोहतास की शिवानी के साथ जो हुआ, उसकी चर्चा पूरे बिहार में है। प्रेम में मिले विश्वासघात और हत्या की इस घटना में पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलेगा, ये तो वक्त ही बताएगा। पर यह घटना बिहार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध का एक और उदाहरण है।

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