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होर्मुज़ में भारतीय जहाजों पर फायरिंग, अब क्या हैं हालात?
नई दिल्ली | होर्मुज स्ट्रेट से शनिवार को गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी गनबोट ने फायरिंग कर दी।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि भारत सरकार ने इस घटना का विरोध जताया है।
उधर, ईरानी नौसेना (IRGC) ने कहा है कि अमेरिका उसके जहाजों की नाकाबंदी कर रहा है इसलिए उसने दोबारा होर्मुज जलमार्ग को बंद कर दिया है। इस ताज़ा घटनाक्रम का असर वैश्विक कच्चे तेल के दामों पर पड़ता दिख रहा है।
“रेडियो मैसेज से चेतावनी के बाद फायरिंग”
रॉयटर्स के मुताबिक, इस बीच ईरान की नौसेना की ओर से रेडियो मैसेज भेजकर उन जहाजों को चेतावनी दी गई कि उन्हेें स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं है। इसके बाद गश्ती दल ने दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग की।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली (फाइल फोटो- X/IranAmbIndia)
ईरानी राजदूत तो तलब किया
PTI ने भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जानकारी दी है कि “भारत ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में तैनात राजदूत डॉ. मोहम्मद फथली को तलब करके विरोध जताया है।”
विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी ने राजदूत के सामने इस बात पर गहरी चिंता जतायी है कि भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर IRGC की ओर से फायरिंग हुई। जिसके चलते जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा।
विदेश मंत्रालय ने याद दिलाया है कि ईरान पहले भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देता रहा है।
भारत आने वाले 23 जहाज फंसे
टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में मैरिटाइम ट्रैफिक डेटा के हवाले से बताया है कि भारतीय तटों पर आने के लिए चले अभी कुल 23 जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट पार न कर पाने के चलते फंसे हुए हैं। जिनमें कुछ भारतीय झंडे जबकि बाकी विदेशी झंडे वाले हैं
दसवां जहाज जल्द मुंबई पहुंचेगा
टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह भी खबर है कि कच्चे तेल का एक भारतीय जहाज स्ट्रेट को पार करने में सफल रहा और मुंबई पोर्ट के रास्ते में है। बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद यह मात्र दसवां जहाज है जो स्ट्रेट पार कर सका है।

होर्मुज स्ट्रेट के समुद्री क्षेत्र में इस तरह की सुरंगें ईरान की IRGC ने लगाई हैं ताकि वे इस क्षेत्र में अपना नियंत्रण रखकर अमेरिका-इज़रायली हमलों के खिलाफ दवाब बना सके।
ईरान ने होर्मुज़ खोला, फिर पूरी तरह बंद किया
इज़रायल व लेबनान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को 21 अप्रैल तक के लिए खोल दिया था। जिसके बाद बड़ी संख्या में भारतीय व अन्य देशों के जहाज पार होने को होर्मुज़ की ओर बढ़े थे। लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी जारी होने का हवाला देकर ईरान ने इसे दोबारा पूरी तरह बंद कर लिया, जिसके बाद गोलीबारी की यह घटना सामने आई है।

