बच्चों की बात
झारखंड के फैजान ने मुंह से कलम थामकर रचा इतिहास, 10वीं बोर्ड में बने स्टेट टॉपर
नई दिल्ली | झारखंड के 25 साल के इतिहास में पहली बार ऐसी सफलता का उदाहरण सामने आया है जिसने बाधाओं की हर परिभाषा बदल दी।
राज्य के एक प्रतिभाशाली छात्र फैजान ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में राज्य स्तर पर टॉप किया है। फैजान एक बेहद चुनौतीपूर्ण बीमारी सेरेब्रल पाल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) से सौ फीसदी पीड़ित हैं।

फैजान के दोनों हाथ काम नहीं करते हैं इसलिए उन्होंने मुंह के कलम पकड़कर लिखने का अभ्यास किया। (screen grab – X/@NewsArenaIndia)
फैजान के हाथ काम नहीं करते है इसलिए उन्होेंने मुंह से कलम पकड़कर लिखना शुरू किया। उन्होंने इसी तरह लिखकर 10वीं के सभी एग्जाम दिए। बीते गुरुवार, 23 अप्रैल को जारी हुए 10वीं बोर्ड के रिजल्ट में उन्होंने 93.8% अंक हासिल कर मिसाल कायम की।
“मलाल है कि सामान्य वर्ग में टॉप नहीं कर पाया”
फैजान की सफलता से ज्यादा उनका आत्मविश्वास चौंकाने वाला है। समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में अपनी चुनौतियों व उम्मीदों को बताया। उन्होंने कहा-
“मुझे 96% अंकों की उम्मीद थी। चूंकि मैं मुंह से लिखता हूं, इसलिए डायग्राम और चित्र बनाने वाले उत्तरों में थोड़ी मुश्किल हुई। वरना, मैं सिर्फ दिव्यांग श्रेणी में ही नहीं, बल्कि सामान्य वर्ग के बच्चों में भी पहली रैंक ला सकता था।”
मुख्यमंत्री की योजना बनी मददगार
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय फैजान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ‘घर पर रहकर पढ़ाई’ वाली योजना को दिया। फैजान ने इच्छा जताई है कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं, क्योंकि इस सुविधा ने उनके जैसे छात्रों के लिए शिक्षा की राह आसान कर दी है।

