प्रदेश रिपोर्ट
बिहार: स्कूल की अलमारी से मांस बरामद होने के बाद 5 टीचर हिरासत में, तनाव के बाद भारी पुलिस बल तैनात
- बिहार के रोहतास जिले के एक स्कूल में मांस मिलने पर तनाव।
- ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को खिलाया जाता था मांस।
- सरकारी स्कूल के टीचरों को हिरासत में लिया, फॉरेंसिक जांच होगी।
सासाराम (रोहतास) | अविनाश श्रीवास्तव
बिहार के रोहतास जिले में 22 अप्रैल को एक सरकारी स्कूल के भीतर कथित तौर पर ‘प्रतिबंधित मांस’ मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिससे मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।
राजपुर प्रखंड के रामडीह स्थित उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने दो महिला शिक्षिकाओं समेत कुल पांच शिक्षकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
गुरुवार , 23 अप्रैल को पुलिस ने बरामद मांस को वैज्ञानिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेज दिया है। इससे पता लग सकेगा कि मांस वाकई प्रतिबंधित श्रेणी का था या नहीं। इस मामले में जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाह से बचने की अपील की है।
स्कूल में 10 किलो मांस मिलने का दावा
यह घटना बीते बुधवार, 22 अप्रैल की है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि “स्कूल के कुछ शिक्षक काफी समय से विद्यालय परिसर के भीतर मांस पका रहे थे।” बताया जाता है कि आरोप लगाने वाले युवक एक हिन्दूवादी संगठन से जुड़े हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया कि “बुधवार को जब शिक्षक फिर से मांस लाए तो उन्होंने इसकी पड़ताल की।”
दावा है कि “तलाशी के दौरान स्कूल की एक अलमारी से लगभग 10 किलोग्राम मांस बरामद हुआ।”
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि “यह मांस स्कूल के कुछ छात्रों को भी परोसा जा रहा था।”
सूचना पर डीएम-एसपी स्कूल पहुंचे
स्कूल में कथित तौर पर प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद तनाव की जानकारी मिलने पर रोहतास की जिलाधिकारी (DM) उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) रौशन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने मीडिया से कहा,
“मांस के प्रतिबंधित होने की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। एहतियातन पांच शिक्षकों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।”
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल के प्रधानाध्यापक अफजाल अंसारी सहित अन्य स्टाफ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
आसपास के गांव में तनाव, पुलिस तैनात
इस घटना के बाद राजपुर और आसपास के गांवों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्कूल के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की मांग की है।
स्थिति को देखते हुए रामडीह गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्या बोलीं आरोपी टीचर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में ली गई एक शिक्षिका ने प्रारंभिक पूछताछ में आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि वे एक-दूसरे की भूमिका के बारे में जानकारी नहीं रखतीं। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों के बयानों में विरोधाभास है।
उल्लेखनीय है कि इस स्कूल में सभी समुदायों के बच्चे पढ़ते हैं, जिसके चलते यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

