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प्रदेश रिपोर्ट

सुलतानगंज गोलीकांड: मुख्य आरोपी सरेंडर करने खुद थाने पहुंचा.. फिर कैसे हुआ एनकाउंटर? जानिए पूरी घटना

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नगर परिषद भवन सुलतानगंज में हुई गोलीबारी के बाद मौके पर मौजूद पुलिस (फाइल फोटो)
नगर परिषद भवन सुलतानगंज में हुई गोलीबारी के बाद मौके पर मौजूद पुलिस (फाइल फोटो)

भागलपुर | बिहार के भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में एक संदिग्ध की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है। इस घटना से जुड़े दो अन्य संदिग्ध आरोपी भी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गए हैं जिनका इलाज जारी है।

एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बुधवार की सुबह इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि “इस गोली कांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान डीएसपी नवनीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।”

बता दें कि मंगलवार दोपहर सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई थी, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज अभी चल रहा है।

मुख्य आरोपी ने थाने आकर सरेंडर किया था – SSP

एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने यह भी बताया कि “मुख्य आरोपी रामधनी यादव ने गिरफ्तारी के डर से ऑटो से थाने पहुंचकर सरेंडर किया था।”

एसएसपी के मुताबिक-

“थाने आकर सरेंडर करने वाले आरोपी ने पूछताछ में हथियार छिपाने की बात स्वीकार की। जब पुलिस टीम उसे लेकर हथियार बरामदगी के लिए उस चिन्हित स्थान पर पहुंची, तो वहां पहले से घात लगाए उसके सहयोगियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। मौके का फायदा उठाकर रामधनी यादव ने भी छिपाई हुई पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर गोली चला दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें रामधनी यादव के सीने में गोली लगी।”

पुलिस के मुताबिक, “संदिग्ध को तुरंत मायागंज स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो अन्य आरोपी दीपक और रामधनी का साला (नाम अज्ञात) को भी गिरफ्तार किया है।

मुठभेड़ के दौरान ये दोनों भी घायल हुए हैं और फिलहाल पुलिस अभिरक्षा में इलाजरत हैं। इन दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।

सरकारी दफ्तर में हमलावरों ने कैसे मचाई दहशत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वारदात में कुल पांच अपराधी शामिल थे। इनमें से तीन हमलावर कार्यालय के अंदर घुसे थे, जबकि दो अन्य बाहर खड़े रहकर पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमलावर खुलेआम हथियार लहरा रहे थे, जिसके कारण मौके पर मौजूद लोग भयभीत हो गए और कोई भी उनका विरोध नहीं कर सका।