Connect with us

दुनिया गोल

इस्लामाबाद में फिर वार्ता: क्या अमेरिका-ईरान के बीच पिघलेगी बर्फ?

Published

on

नई दिल्ली | इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता को लेकर कूटनीतिक सस्पेंस गहरा गया है।

व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर आज पाक पहुंचेंगे।

उनका मकसद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ सीधी बातचीत करना है। उधर, ईरानी विदेश मंत्री पहले ही पाक पहुंच चुके हैं।

सीधी वार्ता से ईरान का इनकार

हालांकि, ईरान सीधी वार्ता के लिए तैयार नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर बताया है कि “उनके अधिकारियों की अमेरिकी प्रतिनिधियों से मिलने की कोई योजना नहीं है। ईरान अपनी चिंताएं मध्यस्थ पाक के जरिए ही पहुंचाएगा।”

ट्रंप के दमाद कुशनर को मुख्य जिम्मेदारी

गौरतलब है कि इस बार अमेरिकी प्रतिनिधियों में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल नहीं हैं, ट्रंप के दामाद कुशनर को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मिला है।

होर्मुज़ नाकेबंदी से ईरान में उर्जा संकट

उधर, होर्मुज़ की अमेरिकी नाकेबंदी जारी है, जिसको लेकर ईरान ने हमले की धमकी दी है। अमेरिका ऐसा ईरान की आर्थिक नाकेबंदी के लिए कर रहा है। जिसका असर दिखने लगा है।

घरेलू मोर्चे पर ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने जनता से बिजली और ऊर्जा की खपत कम करने की अपील की है, जो वहां गहराते संकट की ओर इशारा करती है।

अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या पाकिस्तान इस ऐतिहासिक गतिरोध को खत्म करा पाएगा।