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प्रदेश रिपोर्ट

नवादा में नगर परिषद खुलेआम जला रही कचरा, जहरीले धुएं से राहगीर परेशान

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नवादा जिला परिषद डंपिंग ग्राउंड में कचरे को जला रहा है जबकि उसे वैज्ञानिक तरीके से इसका निष्पादन करना चाहिए।
नवादा जिला परिषद डंपिंग ग्राउंड में कचरे को जला रहा है जबकि उसे वैज्ञानिक तरीके से इसका निष्पादन करना चाहिए।
  • नवादा में नगर परिषद की बड़ी लापरवाही से लोग परेशान।
  • कचरे का जहरीला धुआं निगल रहा नवादा के राहगीरों की सांसें।
  • करोड़ों रुपये के सफाई बजट के बावजूद खुले में जल रहा कचरा।

नवादा | अमन सिन्हा
बिहार के नवादा जिले में नगर परिषद कचरे का निपटान करने के लिए उसे खुलेआम जला रही है। उसकी इस कार्यशैली का नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

हिसुआ-नवादा मार्ग पर स्थित वाटर पार्क के पास ‘कचरा डंपिंग पॉइंट’ बना है। यह जगह राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए दुर्गंध व जहरीली धुएं का स्थान जैसी बन गई है।

रात में जलाया जा रहा कचरा, सांस लेना दूभर

स्थानीय लोगों और राहगीरों का आरोप है कि कचरे के ढेर में जानबूझकर आग लगाई जा रही है। यहां से गुजरते समय लोगों को अचानक घुटन और आँखों में तेज जलन का सामना करना पड़ता है।

रात के समय डंपिंग ग्राउंड के पास से गुजरना दूभर हो रहा है क्योंकि धुआं पूरी सड़क पर फैल जाता है।

रात के समय डंपिंग ग्राउंड के पास से गुजरना दूभर हो रहा है क्योंकि धुआं पूरी सड़क पर फैल जाता है।

लोग बताते हैं कि रात के समय यहां से गुजरते हुए ऐसा मालूम पड़ता है कि जैसे धुएं की चादर सड़क पर छा गई हो। इससे दुर्घटना का भी खतरा बढ़ गया है।विशेषज्ञ मानते हैं कि कचड़े के धुएं से निकलने वाली डाइऑक्सिन जैसी विषैली गैसें वातावरण को जहरीला बना रही हैं।

करोड़ों का बजट, फिर भी खुले में जल रहा कचरा

शहर से रोजाना निकलने वाले टन कचरे के निस्तारण के लिए नगर परिषद के पास कोई वैज्ञानिक ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) योजना धरातल पर नहीं दिख रही है। करोड़ों रुपये के सफाई बजट के बावजूद कचरे को खुले में जलाना न केवल एनजीटी (NGT) के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि नवादा वासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है।

बीमारियों का घर बन रही डंपिंग साइट

विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में कचरा जलाने से निकलने वाला धुआँ फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा और त्वचा रोगों का मुख्य कारण है। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। नवादा के लोग अब जिला प्रशासन और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सवाल कर रहे हैं कि इस जानलेवा लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?

प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग

नवादा की जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि डंपिंग साइट पर आग लगाने वालो पर सख्त कार्रवाई की जाए और कचरा निस्तारण के लिए जल्द से जल्द आधुनिक प्लांट शुरू किया जाए। अब वक्त आ गया है कि नगर परिषद खोखले दावों को छोड़कर जनता की सेहत की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।