रिसर्च इंजन
तमिलनाडु : करूर भगदड़ में 41 मौतों के बाद विजय पर FIR क्यों नहीं?
- मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को SIT की जांच IG से कराने का आदेश दिया।
- TVK के नेताओं को भगदड़ के बाद मदद की जगह भाग जाने के लिए लताड़ा।
- 27 सितंबर तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय ने अपनी पार्टी TVK की रैली बुलाई थी।
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिकाकर्ता ने शिकायत की कि विजय का नाम FIR में न होना राजनीतिक कारणों से है। याचिकाकर्ता का कहना है कि “तमिलनाडु सरकार (DMK) विजय को शील्ड कर रही है, क्योंकि उनकी बढ़ती लोकप्रियता राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।” याचिकाकर्ता का कहना है कि DMK विजय पर कार्रवाई से बच रही है, ताकि उनकी पार्टी को 2026 में गठबंधन का विकल्प खुला रखा जा सके।
सरकार का पक्ष : पहले जांच रिपोर्ट आने दो
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की डीएमके सरकार ने भगदड़ के लिए TVK पर लापरवाही का आरोप लगाया और वीडियो सबूत पेश किए। पर करुर पुलिस का कहना है कि सबूतों के अभाव में विजय की व्यक्तिगत जिम्मेदारी साबित नहीं हुई। हालांकि TVK नेताओं के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की है।
साथ ही, सरकार का कहना है कि उन्होंने भगदड़ के कारणों को समझने के लिए जांच दल बना दिया है, इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की भूमिका
रिसर्च इंजन
कैसे समृद्ध बनेगा बिहार? हर 100 में से 72 रुपये के लिए हम केंद्र के भरोसे, CAG Report में खुलासा
- बिहार में साल 2022-23 के लेखे-जोखे से जुड़ी कैग रिपोर्ट विधानसभा में पेश हुई।
- नीतीश सरकार ने ₹70,877 करोड़ के खर्च का कोई हिसाब नहीं सौंपा।
1- 72.12% बजट के लिए केंद्र पर निर्भर
2. भारी-भरकम खर्च का हिसाब नहीं
3. राजस्व वसूली में सुस्ती से कमाई घटी
4. आधी सरकारी कंपनियां ‘सफेद हाथी’
5. बिहार पर GSDP के 39% हिस्से का कर्ज
कैग रिपोर्ट से पता लगा है कि साल 2022-23 में बिहार की कुल देनदारियां (कर्ज) ₹2.88 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान था। यह बिहार की कुल सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का लगभग 38.66% था।
धीमी गति से सुधार : मात्र ₹5 रुपये की निर्भरता घटी
कैसे बदलेगी तस्वीर?
- बुनियादी ढांचे पर जोर : सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाने से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- उद्योगों को बढ़ावा: जब तक राज्य में निजी निवेश नहीं आएगा, राज्य का अपना टैक्स (SGST) नहीं बढ़ेगा।
- टैक्स चोरी पर लगाम: परिवहन और खनन जैसे क्षेत्रों में लीकेज रोककर राजस्व बढ़ाया जा सकता है।
- सरकारी कंपनियों का कायाकल्प: घाटे में चल रही कंपनियों को बंद करना या उनमें सुधार करना अनिवार्य।
- नॉन-टैक्स राजस्व बढ़ाना: बालू खनन और पर्यटन की आय को व्यवस्थित व पारदर्शी बनाना होगा।
- वित्तीय पारदर्शिता : सरकारी विभाग अपने हर खर्च के हिसाब को पारदर्शी बनाएं, वरना केंद्र से मदद में देरी होगी।
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दुनिया गोल
Critical Minerals Deal: भारत-ब्राजील के बीच हुआ समझौता, कितनी घटाएगा चीन पर निर्भरता?
- ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत दौरे पर महत्वपूर्ण समझौता किया।
- महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ मृदा को लेकर हुआ एमओयू।
- अभी इस क्षेत्र में भारत 95% खनिजों का आयात करता है।
नई दिल्ली |
रिसर्च इंजन
AI Impact Summit-2026 : 88 देश जिस घोषणा पत्र पर सहमत हुए, उसे जानिए
- एआई तकनीक को लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 16 से 21 फरवरी के बीच हुआ।
नई दिल्ली|
भारत में आयोजित हुए पहले एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 (India AI Impact Summit 2026) का समापन शनिवार (21 feb) को हो गया। दिल्ली के भारत मंडपम में चली इस सम्मेलन में 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर दी।
मानव केंद्रित AI का दिया संदेश
इस घोषणा पत्र की प्रस्तावना (Preamble) में स्पष्ट किया गया है कि एआई के वादे को तभी साकार किया जा सकता है जब उसके लाभ मानवतावादी हों। इसी घोषणापत्र को लेकर IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर लिखा – “पूरी दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ह्यूमन सेंट्रिक एआई सोच को समर्थन दिया है। यह डिक्लेरेशन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत से प्रेरित है, ताकि एआई संसाधन पूरी दुनिया के लोगों के लिए उपलब्ध हो सकें।”
इन घोषणाओं पर बनी सहमति
- एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण किया जाए, जिसमें मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ती कनेक्टिविटी हो।
- “वसुधैव कुटुम्बकम” से प्रेरित होकर सभी देशों तक एआई संसाधनों की पहुंच बढ़ानी चाहिए।
- डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन ऑफ एआई चार्टर को एक स्वैच्छिक फ्रेमवर्क के रूप में नोट किया गया, जो फाउंडेशनल एआई संसाधनों तक पहुंच बढ़ाएगा।
- आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए एआई की व्यापक स्वीकृति हो।
- सुरक्षित और मजबूत एआई विश्वास बनाने और सामाजिक–आर्थिक लाभों को अधिकतम करने के लिए बुनियादी है।
- एआई सिस्टम में सुरक्षा महत्वपूर्ण है, उद्योग–प्रेरित स्वैच्छिक उपायों, तकनीकी समाधानों और नीतिगत फ्रेमवर्क को अपनाने पर जोर।
गौरतलब है कि यह घोषणापत्र बाध्यकारी नहीं है, यह देशों व संगठनों के लिए स्वैच्छिक है।
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