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रिपोर्टर की डायरी

अररिया में नदी उफनाई : रात दो बजे पानी घुसा…भागकर जान बचाई, 25 हजार लोग प्रभावित

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जोगबनी फारबिसगंज सड़क का हाल
जोगबनी फारबिसगंज सड़क का हाल (तस्वीर - टीम बोलते पन्ने)
  • फारबिसगंज की पूर्वी पंचायत पिपरा व कुशमाहा में दर्जनों गांवों में हालात गंभीर, चूल्हा नहीं जला

अररिया| हमारे संवाददाता

नेपाल में जारी बारिश से परमान नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे फारबिसगंज की पूर्वी पंचायत पिपरा व कुशमाहा ग्रामीण बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

पिपरा के ग्रामीणों ने बताया कि रविवार की देर रात करीब दो बजे पानी के दबाव से सड़क दो हिस्सों में टूट गयी। जिससे वार्ड संख्या 11, 12, 13 के लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

नदी का पानी घरों में प्रवेश कर गया। जिसके बाद लोग किसी तरह घरों से निकलकर रात में ही ऊंची जगहों पर पहुंचे।

5 अक्तूबर की देर रात परमान नदी में अचानक पानी बढ़ा जिससे पिपरा पंचायत के टप्पू टोला से औसरी घाट के बीच की सड़क ध्वस्त हो गई। कुशमाहा पंचायत में बाढ़ का पानी अधिकांश हिस्सों में घुस जाने से जनजीवन प्रभावित है।

कुर्साकांटा प्रखंड क्षेत्र के भोड़हा हलधरा पथ, लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन के पास टूट जाने से आवागमन बाधित।

पिपरा – बांध टूटने से तीन हजार लोग प्रभावित, चूल्हा नहीं जला

बांध टूटने से पिपरा के तीन वार्डो में आवागमन बाधित है, जिससे कम के कम तीन हजार की आबादी पर सीधा असर है। अकेले पिपरा पंचायत में दो स्थानों पर बांध टूटने से लोगों को एक टोला से दूसरे टोला जाने के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। बाढ़ का पानी गांव की सड़कों को पार कर रहा है।

पिपता के ग्रामीण मो.रियाज, निजाम, अयूब, रज्जाक आदि का कहना है कि कल रात अचानक आई बाढ़ से घरों में पानी भर गया, सोमवार को घरों में चूल्हा नहीं जला।

इस इलाके में अंचलाधिकारी ने अपनी टीम के साथ प्रभावित गांवों का सोमवार को जायजा लिया। इसके बावजूद दिन भर किसी तरह की सरकारी सहायता नहीं मिलने से लोग नाराज हैं। मवेशियों को भी चारे व बांधने की जगह की कोई व्यवस्था न होने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।

 

कई रास्ते टूटे, राशन अब तक नहीं बंटा 

दूसरी ओर कुशमाहा पंचायत में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने से तकरीबन दस वार्ड के छह हजार लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। बढ़ते जलस्तर के बीच वार्ड संख्या नौ में सड़क मार्ग कट जाने की जानकारी दी गई है।

“हमारे इलाके में 6 हजार लोगों पर बाढ़ का असर है, प्रशासन के मांग है कि घर-आंगन में फैले बाढ़ के पानी के चलते कम्युनिटी किचन खोले जाए क्योंकि लोगों के घरों में खाना नहीं बना है।” – पूजा केशरी, मुखिया (ग्राम प्रधान), कुशमाहा

इस बाबत पूछे जाने पर अंचलाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर कल से यानी मंगलवार से व्यवस्था शुरू किया जाएगा।

बारिश के चलते हाल गंभीर।

बारिश के चलते हाल गंभीर।

खेतों में पानी भरा, घरों तक पानी पहुंचने का खतरा

नदियों में उफान से फुलकाहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया है। जबकि कुछ जगहों पर सड़कों के ऊपर एक से डेढ़ फीट पानी बह रहा है। मानिकपुर, अमरोरी, पथराहा, तोपनवाबगंज, लक्ष्मीपुर, मिर्जापुर आदि गांवों में खेत में लगी धान एवं आलू की फसलों में पानी भर जाने से किसान काफी दुखी हैं।

नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के सबसे अधिक मानिकपुर पंचायत के मानिकपुर, अमरोरी व अँचरा पंचायत के लक्ष्मीपुर, तोपनवाबगंज गांव प्रभावित है। यहां लोगों के घरों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है।

अगर पानी बढ़ा तो मानिकपुर, अमरोरी, तोपनवाबगंज, लक्ष्मीपुर, मिर्जापुर, डुमरिया, पोसदाहा, पथराहा, मधुरा उत्तर, मधुरा पश्चिम के आदि गांवों पूरी तरह पानी की चपेट में होंगे। इधर खरहा एवं सुरसर नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि हो रहा है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।