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रिपोर्टर की डायरी

Bihar: गैस टैंकर देख पुलिस को हुआ शक, केबिन खोला तो उड़ गए होश! अंदर गैस नहीं, कुछ और ही था…

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गैस की गाड़ी में शराब बरामद हुई
गैस की गाड़ी में शराब बरामद हुई

नवादा | अमन कुमार

बिहार (Bihar) में पूर्ण शराबबंदी (Liquor Ban) लागू है, लेकिन शराब तस्कर डाल-डाल तो पुलिस पात-पात चल रही है। तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए रोज नए और हैरान करने वाले तरीके अपना रहे हैं।

ताजा मामला नवादा (Nawada) जिले का है, जहां उत्पाद विभाग (Excise Department) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एलपीजी गैस टैंकरों (LPG Gas Tankers) की आड़ में हो रही शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने एनएच-20 (NH-20) पर माखर के पास तीन गैस टैंकरों को जब्त किया, जिनके केबिन में गैस की जगह विदेशी शराब भरी हुई थी।

झारखंड से आ रहे थे टैंकर

उत्पाद टीम संख्या-3 को बुधवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड (Jharkhand) की ओर से आ रहे तीन एलपीजी टैंकरों में विदेशी शराब छिपाई गई है। सूचना पुख्ता होते ही टीम ने माखर के पास जाल बिछा दिया। जैसे ही टैंकर (नंबर NL01AA3054, NL01AQ3460 और NL01AA3056) वहां पहुंचे, टीम ने उन्हें रोक लिया। देखने में ये सामान्य गैस टैंकर लग रहे थे और उनमें गैस भी भरी हुई थी, लेकिन असली खेल केबिन के अंदर चल रहा था।

केबिन में मिली ‘रॉयल स्टैग’

तलाशी के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए।

  • पहला टैंकर: इसके केबिन से 9 कार्टन मिले, जिनमें ‘रॉयल स्टैग’ (Royal Stag) की 108 बोतलें थीं।

  • दूसरा और तीसरा टैंकर: बाकी दो टैंकरों के केबिन से भी भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। कुल मिलाकर तीनों टैंकरों से 336 बोतलें यानी 211.5 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। मौके से तीनों चालकों अवधेश कुमार, रविंद्र रविदास और संतोष कुमार को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया है, जो नवादा के ही रहने वाले हैं।

किसके लिए आ रही थी खेप?

पूछताछ में चालकों ने बताया कि यह खेप नवादा बाईपास पर सोनू कुमार महतो को पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने तीनों टैंकरों को जब्त कर रजौली चेकपोस्ट पर सुरक्षित रखवा दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

बिहार में शराब तस्करी के ‘अनोखे’ जुगाड़

बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कई अजीबोगरीब तरीके अपनाते रहे हैं। यह एलपीजी टैंकर वाला मामला तो बस एक बानगी है। देखिए कैसे-कैसे तरीकों से होती है तस्करी:

  • एंबुलेंस और शव वाहन: कई बार पुलिस ने एंबुलेंस (Ambulance) और शव ले जाने वाली गाड़ियों से शराब बरामद की है, ताकि पुलिस मानवता के नाते चेकिंग न करे।

  • सब्जी और दूध की गाड़ियां: अक्सर सब्जियों के ढेर के नीचे या दूध के कंटेनरों में शराब की बोतलें छिपाकर लाई जाती हैं।

  • तेल टैंकर: एलपीजी की तरह ही पेट्रोल-डीजल के टैंकरों में भी खुफिया चैंबर बनाकर शराब लाई जाती है।

  • VIP गाड़ियां: कई बार तो वीआईपी बत्ती लगी गाड़ियों और पुलिस के स्टीकर वाली कारों का इस्तेमाल भी तस्करी के लिए किया गया है।

  • नदी और तहखाने: पुलिस से बचने के लिए तस्कर नदियों के रास्ते नावों का इस्तेमाल करते हैं या घरों के अंदर गुप्त तहखाने बनाकर शराब छिपाते हैं।

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खगड़िया में पकड़ौआ विवाह: युवक ने कहा- ‘जबरन शादी कराई’, महिला बोली- ‘हम पहले से प्रेमी थे’

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युवक का कहना है कि वह इस शादी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
युवक का कहना है कि वह इस शादी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
  • बिहार में आज भी जबरन कराये जा रहे पकड़ौआ विवाह। 
  • खगड़िया जिले में एक किसान को गाय खरीदने के बहाने पकड़ा।
  • जबरन शादी कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
खगड़िया | आशीष कुमार
बिहार में आज भी पकड़ौआ विवाह कराए जा रहे हैं जो यहां के धीमी बदल रहे समाज और गरीबी की स्तर की ओर इशारा करते हैं। बिहार के खगड़िया जिले में एक युवक के परिवार ने पुलिस थाने में रिपोर्ट करायी है कि उनके बेटे को जबरन पकड़कर उसकी शादी करा दी गई।
उनके बेटे को गाय खरीदने के बहाने बुलाया गया था जहां लड़की के परिवार वालो ने मिलकर पकड़ौआ विवाह करा दिया। जबकि शादी के बाद पत्नी बनी जबरन विवाह की आरोपी महिला का कहना है कि उसके पति ने अपनी सहमति से उससे शादी की है। इस शादी का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि युवक से जबरन शादी की रस्में कराई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस उस युवक को महिला के घर से बचाकर ले आई है और मामले की जांच की जा रही है। 
खगड़िया जिले में यह घटना परबता थाना क्षेत्र के डुमरिया खुर्द गांव की है। यहां के रहने वाले मन्नयम कुमार को गाय खरीदने के बहाने सिराजपुर गांव ले जाया गया। आरोप है कि वहां तीन-चार युवक मिलकर हथियार के बल पर उसे उठाकर घर ले गए। उन्होंने मन्नयम कुमार को मारापीटा और कुंदन कुमारी नाम की युवती से शादी करा दी। इस शादी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में युवती कुंदन कुमारी का कहना है कि कोई पकड़ौआ विवाह नहीं हुआ, उनके पति मन्नयम कुमार पहले से उनके घर पर आते-जाते थे और फोन पर भी लगातार बात होती रहती थी।
आपको बता दें कि पकड़ौआ विवाह न केवल अपराध है, बल्कि मानवाधिकारों का उल्लंघन भी है। अगर कोई ऐसी स्थिति में है, तो तुरंत 1098 (चाइल्डलाइन) या 112 (पुलिस हेल्पलाइन) पर कॉल करें। 
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मुंगेर (बिहार): पुलिस ने थाने में कराई प्रेमी जोड़े की शादी, परिवार ने लिखा दी थी अपहरण की रपट

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मुंगेर के हवेली खड़गपुर पुलिस थाना परिसर में स्थित मंदिर में हुई शादी।
मुंगेर के हवेली खड़गपुर पुलिस थाना परिसर में स्थित मंदिर में हुई शादी।
  • मुंगेर पुलिस ने बालिग प्रेमी जोड़े की शादी थाने में करायी।
  • पुलिस और ग्रामीण बने बाराती, इलाके में चर्चा बनी शादी।
  • प्रेमी जोड़े ने साबित किया वो बालिग, पुलिस ने शादी करायी।

मुंगेर (हवेली खड़गपुर) | प्रशांत कुमार सिंह

अक्सर पुलिस को प्रेमी जोड़े के ऊपर जोर-दबाव बनाते देखा जाता है, पर बिहार के मुंगेर जिले की पुलिस ने मिसाल कायम की है जिससे युवाओं का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा। एक प्रेमी जोड़े की पुलिस थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शादी कराई गई।

यह मामला मुंगेर के हवेली खड़गपुर पुलिस थाने का है, जहां स्थित शिव मंदिर में प्रेमी जोड़े ने सात फेरे लिए। प्रेम विवाह करने वाली युवती का नाम पायल है जो तेघड़ा गांव की रहने वाली है जबकि युवक बृजेश भागलपुर जिले का रहने वाला है। बीती 23 जनवरी को दोनों एक साथ लापता हो गए थे। पायल के पिता अजय शाह का आरोप था कि बृजेश उनकी बेटी का अपहरण करके ले गया है और उन्होंने 28 फरवरी को इस मामले की FIR भी दर्ज करवा दी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी नाबालिग है। इसके बाद खड़गपुर पुलिस लड़की का पता लगाने के लिए लगातार दबिश दे रही थी।

पायल और बृजेश चार साल से एक-दूसरे के प्रेम में थे।

पायल और बृजेश चार साल से एक-दूसरे के प्रेम में थे।

इसी बीच 2 फरवरी को प्रेमी युगल पुलिस थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि वे बालिग हैं और शादी करना चाहते हैं। पायल ने बताया कि वह अपनी मर्जी से बृजेश के साथ चली गई थी। इस मामले में पुलिस थाना प्रभारी ने दोनों परिवारों व कुछ जनप्रतिनिधियों को बुलाकर बात करवाई। फिर आपसी बातचीत और रजामंदी के बाद थाना परिसर के ही मंदिर में दोनों की शादी कराई गई, जिसे देखने के लिए आसपास के लोग भी जुट गए। इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य भी मौजूद रहे।

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बिहार में भोजपुरी रीलों का खतरनाक ट्रेंड: एक हफ्ते में दो महिलाओं की हत्या, परिवार वालो ने रील बनाने के चलते मार डाला

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बेगूसराय में रील बनाने वाली महिला को पति ने गोली मार दी
बेगूसराय में रील बनाने वाली महिला को पति ने गोली मार दी
  • दरभंगा में रील बनाने वाली पूनम का शव उनके घर पर पड़ा। बेगूसराय में रील क्रिएटर के उसके पति ने मार डाला।

(नोट – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)

बेगूसराय | धनंजय झा

बिहार में भोजपुरी गानों पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन अब यह ट्रेंड महिलाओं की जान लेने लगा है। पिछले एक सप्ताह में राज्य में रील बनाने वाली दो महिलाओं की हत्या हो चुकी है। दोनों मामलों में परिवार और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप है। यह घटनाएं भोजपुरी रीलों से जुड़े झगड़े और सामाजिक विरोध को उजागर कर रही हैं।

दरभंगा – 

26 जनवरी को दरभंगा जिले में पूनम नाम की महिला की हत्या हुई। उसका शव ससुराल (सिंघवाड़ा) में मिला। पूनम भोजपुरी गानों पर रील बनाती थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों में पूनम के पति संतोष सहनी, देवर अशोक सहनी, सास सुकुमारी देवी, ननद फुलो देवी और आशा देवी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि रील बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था।

बेगूसराय – 

बेगूसराय में एक महिला की हत्या उसके पति ने गोली मारकर की। आरोपी पति ने पहले पुलिस को बताया कि दुश्मनी के कारण किसी ने पत्नी को गोली मारी। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने कबूल लिया कि उसने खुद हत्या की। उसका आरोप है कि पत्नी रील बनाती थी और इंस्टाग्राम पर गुजरात के एक युवक से उसका अफेयर था। बार-बार मना करने पर भी वह मिलने जाती थी, इसलिए उसने हत्या कर दी। पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

बढ़ता खतरा और सवाल

भोजपुरी गानों पर डांस करके रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इससे परिवार और समाज में झगड़े, विरोध और अब हत्याएं होने लगी हैं। इन मामलों को महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ-साथ उनके शरीर को कमोडिटी की तरह पेश करने के बढ़ते ट्रेंड के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार को ऐसे कंटेंट पर रोक लगानी चाहिए और सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलानी चाहिए।

जेंडर एंगल –

यह घटनाएं बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना यह है कि सरकार और पुलिस इस पर क्या कदम उठाती है।

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