Connect with us

रिपोर्टर की डायरी

बिहार में बड़ा ट्रेन हादसा : जमुई में मालगाड़ी के तीन डिब्बे नदी में गिरे, 12 डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए

Published

on

जमुई में पुल से गुजर रही मालगाड़ी डीरेल होकर नदी में जा गिरी। (तस्वीर - टीम बोलते पन्ने)
जमुई में पुल से गुजर रही मालगाड़ी डीरेल होकर नदी में जा गिरी। (तस्वीर - टीम बोलते पन्ने)
  • जमुई में शनिवार रात 12 बजे के करीब बधुआ नदी के पुल पर हुआ हादसा।
  • किऊल से आसनसोल की ओर जाने वाली कई ट्रेन को डायवर्ट किया गया ।

जमुई | गोपाल प्रसाद आर्य

बिहार के जमुई में सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी घने कोहरे के चलते एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में मालगाड़ी के तीन डिब्बे नदी के पुल से नीचे नदी में गिर गए, जबकि दो डिब्बे पुल पर ही ट्रेन से निकलकर अलग हो गए।

जसीडीह-झाझा मुख्य रेल खंड पर शनिवार को देर रात करीब 12 बजे यह हादसा हुआ। मालगाड़ी के तीन डिब्बे बथुआ नदी में गिर गए। जानकारी के अनुसार, हादसा जसीडीह-झाझा मुख्य रेल खंड के मध्य टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बधुआ नदी पर स्थित पुल संख्या 676 पर हुआ।

जमुई में पुल से गुजर रही मालगाड़ी डीरेल होकर नदी में जा गिरी। (तस्वीर - टीम बोलते पन्ने)

जमुई में पुल से गुजर रही मालगाड़ी डीरेल होकर नदी में जा गिरी। (तस्वीर – टीम बोलते पन्ने)

जसीडीह की ओर से अप ट्रैक पर आ रही एक सीमेंट से लदी मालगाड़ी अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जाता है कि पुल से गुजर रही मालगाड़ी के एक दर्जन डिब्बे दुर्घटना के बाद एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए और जसीडीह-झाझा मुख्य रेलमार्ग की डाउन पटरी पर आ गए।

कुछ ट्रेनें रद्द, कुछ के रूट डायवर्ट   

इस घटना के बाद किऊल से आसनसोल की तरफ़ जाने वाली कई ट्रेन को डायवर्ट कर दिया गया है और कुछ ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। प्रभावित ट्रेनों की स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

जमुई में पुल से गुजर रही मालगाड़ी डीरेल होकर नदी में जा गिरी।

जमुई में पुल से गुजर रही मालगाड़ी डीरेल होकर नदी में जा गिरी। (तस्वीर – टीम बोलते पन्ने)

क्षति का आंकलन हो रहा 
रेलवे के आला अफसरों को मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित जिम्मेदारों को देर रात ही मौके की ओर रवाना किया गया है।
रात के अंधेरे में अभी तक क्षति का आकलन भी नहीं किया जा सका है। रेलमार्ग के डाउन ट्रैक पर मालगाड़ी के डिब्बों के आ जाने के कारण इस मार्ग पर रात करीब 12 बजे से ही ट्रेनों का आवागमन प्रभावित है। रेलवे के कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।