Connect with us

रिपोर्टर की डायरी

खगड़िया में पकड़ौआ विवाह: युवक ने कहा- ‘जबरन शादी कराई’, महिला बोली- ‘हम पहले से प्रेमी थे’

Published

on

  • बिहार में आज भी जबरन कराये जा रहे पकड़ौआ विवाह। 
  • खगड़िया जिले में एक किसान को गाय खरीदने के बहाने पकड़ा।
  • जबरन शादी कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
(नोट – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)
खगड़िया | आशीष कुमार
बिहार में आज भी पकड़ौआ विवाह कराए जा रहे हैं जो यहां के धीमी बदल रहे समाज और गरीबी की स्तर की ओर इशारा करते हैं। बिहार के खगड़िया जिले में एक युवक के परिवार ने पुलिस थाने में रिपोर्ट करायी है कि उनके बेटे को जबरन पकड़कर उसकी शादी करा दी गई।
उनके बेटे को गाय खरीदने के बहाने बुलाया गया था जहां लड़की के परिवार वालो ने मिलकर पकड़ौआ विवाह करा दिया। जबकि शादी के बाद पत्नी बनी जबरन विवाह की आरोपी महिला का कहना है कि उसके पति ने अपनी सहमति से उससे शादी की है। इस शादी का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि युवक से जबरन शादी की रस्में कराई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस उस युवक को महिला के घर से बचाकर ले आई है और मामले की जांच की जा रही है। 
खगड़िया जिले में यह घटना परबता थाना क्षेत्र के डुमरिया खुर्द गांव की है। यहां के रहने वाले मन्नयम कुमार को गाय खरीदने के बहाने सिराजपुर गांव ले जाया गया। आरोप है कि वहां तीन-चार युवक मिलकर हथियार के बल पर उसे उठाकर घर ले गए। उन्होंने मन्नयम कुमार को मारापीटा और कुंदन कुमारी नाम की युवती से शादी करा दी। इस शादी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में युवती कुंदन कुमारी का कहना है कि कोई पकड़ौआ विवाह नहीं हुआ, उनके पति मन्नयम कुमार पहले से उनके घर पर आते-जाते थे और फोन पर भी लगातार बात होती रहती थी।
आपको बता दें कि पकड़ौआ विवाह न केवल अपराध है, बल्कि मानवाधिकारों का उल्लंघन भी है। अगर कोई ऐसी स्थिति में है, तो तुरंत 1098 (चाइल्डलाइन) या 112 (पुलिस हेल्पलाइन) पर कॉल करें। 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

रिपोर्टर की डायरी

सहरसा (बिहार) : पोस्टमार्टम हाउस में बोन कटर तक नहीं, गोली लगे शव को करना पड़ता है रेफर

Published

on

सहरसा का पोस्टमार्टम हाउस।
  • शव की सिलाई के लिए धागा तक उपलब्ध नहीं, कोई आधुनिक सुविधा नहीं।
सहरसा | मुकेश कुमार सिंह
सहरसा मेेें बीते 13 मार्च को एक युवक को दस गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। युवक के शव का पोस्टमार्टम करते समय सुविधाओं की कमी के चलते डॉक्टर सिर्फ दो गोलियां ही निकाल पाए।
पोस्टमार्टम हाउस में एक्सरे की सुविधा न होने से बाकी गोलियां लोकेट नहीं हुईं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर रेफर किया गया। मगर नियम आड़े आ गया क्योंकि एक शव को दो बार पोस्टमार्टम अदालत की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
लंबी सरकारी प्रक्रिया के बाद तीन दिन बाद दोबारा पोस्टमार्टम हुआ। इस पूरी प्रक्रिया ने मृतक के परिजनों को मानकिस रूप से बहुत परेशान कर दिया।
इस घटना ने सहरसा पोस्टमार्टम हाउस की खस्ताहाल के चलते आम लोगों के जीवन पर पड़ने वाले असर को दिखा दिया। यह पोस्टमार्टम हाउस मॉडल सदर अस्पताल परिसर में होने के बावजूद खस्ता हालत में है।

सहरसा का पोस्टमार्टम हाउस जर्जर हालत में है।

इस पोस्टमार्टम हाउस में हर दिन दो से तीन शवों का पोस्टमार्टम होता है लेकिन बोन कटर जैसी जरूरी सुविधा तक नहीं है।
मॉडल अस्पताल में तैनात डॉक्टर जमाल ने बताया कि “पोस्टमार्टम रूम में बोन कटर न होने से छेनी-हथौड़ा से ब्रेन खोलना पड़ता है।” 
डॉक्टर ने बताया कि शव की सिलाई के लिए धागा तक उपलब्ध नहीं है, चौकीदार को बाजार से धागा खरीदकर लाना पड़ता है।

मॉडल सदर अस्पताल परिसर में स्थित है पोस्टमार्टम हाउस

गोली लगे शव को करना पड़ता है रेफर

साथ ही, एक बड़ी समस्या गोली लगे शव का पोस्टमार्टम करने में आती है। डॉ. जमाल ने बताया कि एक्स-रे की सुविधा न होने से गोली को ढूंढना मुश्किल होता है, इसलिए कई बार शव को भागलपुर के लिए रेफर करना पड़ता है। हम बता चुके हैं कि हाल ही में हुई घटना में ऐसा ही करना पड़ा था। 

डीप फ्रीजर न होने से समस्या

पोस्टमार्टम हाउस में डीप फ्रीजर की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अज्ञात या लावारिस शवों को ऐसे ही खुले में रखना पड़ता है।
प्रभारी उपाधीक्षक डॉ शिव शंकर मेहता ने बताया कि “लावारिस शव की सूचना पुलिस को दी जाती है और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस को शव सौंप दिया जाता है।”
इसके अलावा, पोस्टमार्टम रूम की हालत काफी खराब है, यहां काफी गंदगी रहती है जिससे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को काफी समस्या आती है। बिजली के नंगे तारों के चलते भी दुर्घटना का डर बना रहता है।
  साथ ही, मृतक के परिजनों को भी गंदगी व बदबू के बीच इंतजार करना पड़ता है।  
प्रभारी उपाधीक्षक ने बताया,
“एक्सरे मशीन और डीप फ्रीजर के लिए विभाग को लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है। फिर से पत्र लिखा जाएगा।”
Continue Reading

चुनावी डायरी

KC Tyagi : नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न मांगा, फिर JDU छोड़ी, अब RLD से जुड़ गए

Published

on

केसी त्यागी ने हाल में नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की थी, फिर पार्टी छोड़ दी और अब रालोद का दामन थाम लिया है।
  • जदयू में शुरुआत से जुड़े थे केसी त्यागी, हाल में दिया था पार्टी से इस्तीफा।

नई दिल्ली | नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) की स्थापना से उनके साथी रहे वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) का दामन थाम लिया है।

नीतीश कुमार और केसी त्यागी का साथ पांच दशक पुराना है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न दिए जाने की मांग की थी, फिर कुछ दिन बाद ही पार्टी से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था।

केसी त्यागी पांच दशक से नीतीश कुमार के सहयोगी रहे हैं और वे उन्हें अंतिम सोशलिस्ट नेता बताते रहे हैं।

केसी त्यागी ने रालोद प्रमुख व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में उनकी पार्टी ज्वाइन की है। गौरतलब है कि जदयू की तरह ही रालोद भी NDA का हिस्सा है। यूपी मेें उसका भाजपा के साथ गठबंधन है।

उन्होंने भविष्य में चुनाव लड़ने के सवाल पर इनकार करते हुए कहा है कि वे पहले ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रह चुके हैं।

त्यागी बोले- ‘RLD व JDU में कोई फर्क नहीं’

केसी त्यागी ने आरएलडी में शामिल होने पर पीटीआई से कहा कि RLD और JDU में कोई फ़र्क नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के आदर्श नेता चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और राम मनोहर लोहिया रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि “एक वक़्त ऐसा भी था जब नीतीश कुमार और चौधरी अजीत सिंह मिलकर एक पार्टी बनाने वाले थे।”

चरण सिंह के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू की

चौधरी चरण सिंह के साथ केसी त्यागी (तस्वीर, साभार – https://charansingh.org/)

केसी त्यागी ने कहा कि “मैंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरएलडी से ही की थी, हम मिलकर चौधरी चरण सिंह का बचा हुआ सपना पूरा करेंगे।”

दरअसल, पूर्व सांसद केसी त्यागी ने भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू की थी। चौधरी साहब के निधन बाद छोटे चौधरी अजित सिंह तथा केसी त्यागी की राहें जुदा हो गईं।

त्यागी सपा में गए फिर जदयू से जुड़े

केसी त्यागी मुलायम सिंह यादव की सपा के साथ चले गए और लंबे समय तक सपा के साथ कदमताल की। सपा में अमर सिंह का प्रभाव बढ़ने तथा उनसे वैचारिक मतभेद होने से सपा छोड़कर वे नीतीश कुमार के साथ चले गए।

केसी त्यागी साल 2003 में जनता दल (यूनाइटेड) की स्थापना के समय से जुड़े हैं और पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और मुख्य महासचिव रह चुके हैं।

जहां से उन्होंने हाल में इस्तीफा दिया।

यूपी चुनाव से पहले चौधरी परिवार में वापसी

दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में केसी त्यागी ने रालोद की सदस्यता ली। (तस्वीर – FB/JayantRLD)

अब 36 साल बाद केसी त्यागी की वापसी चौधरी परिवार में हो रही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि केसी त्यागी की वापसी से पश्चिम उप्र को गाजियाबाद व बागपत समेत पश्चिम उप्र में विधानसभा चुनाव 2027 के लिए मजबूती मिलेगी।

दरअसल, भाजपा से गठबंधन के बाद होने के बाद रालोद से छिटके मुस्लिमों की भरपाई के लिए जयंत चौधरी, गुर्जर, ब्राह्मण व त्यागी समाज समेत पिछड़ों और अनुसूचित जाति के लोगों को अपनी पार्टी से जोड़ने को निरंतर प्रयासरत हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में केसी त्यागी ने चौधरी चरण सिंह को समर्पित किताब ‘संकट की खेती’ का विमोचन जयंत चौधरी से कराया था, फिर वे पार्टी में शामिल हो गए।

Continue Reading

रिपोर्टर की डायरी

सुपौल (बिहार) : थाना परिसर के बंद पड़े बाथरूम में लटका मिला महिला कांस्टेबल का शव

Published

on

इस थाना परिसर के एक बाथरूम में लाश लटकी मिली है।

सुपौल, बिहार | मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम

बिहार के सुपौल जिले में थाना परिसर के एक न इस्तेमाल होने वाले बाथरूम में एक महिला कांस्टेबल का शव फंदे पर लटका मिला है। घटना की सूचना मिलते ही कोसी रेंज के डीआईजी कुमार व एफएसएल टीम मौके पर पहुंची।

उल्लेखनीय है कि मृतक कांस्टेबल रितु कुमारी की ड्यूटी ईद और रामनवमी पर्व को लेकर किशनपुर थाना में लगाई गई थी, जहां उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है।

घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट और कुछ लिखित दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। मृतिका का मोबाइल फोन भी उनकी जेब से मिला है।

यह घटना जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हुई जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

मृतिका की पहचान भोजपुर जिले के पटखैली गांव निवासी रितु कुमारी के रूप में हुई है। वह मुजफ्फरपुर जिला बल में तैनात थीं और वर्तमान में सुपौल के भीमनगर स्थित बीएमपी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थीं।

घटना किशनपुर थाना परिसर स्थित ब्लॉक परिसर के सभा भवन की बताई जा रही है, जहां एक बाथरूम में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला।

बताया जा रहा है कि जिस बाथरूम में शव मिला, वह नियमित उपयोग में नहीं था और उसमें चुनाव से संबंधित सामग्री रखी हुई थी। इस कारण घटना और भी संदिग्ध मानी जा रही है।

किशनपुर थाना अध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का खुलासा किया जाएगा।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांस्टेबल रितु कुमारी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थीं। यह भी जानकारी सामने आई है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन साथियों ने समय रहते उन्हें बचा लिया था।

मृतिका के भाई रोहित कुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे विभाग की ओर से फोन कर उनकी बहन की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनकी मृत्यु की खबर मिली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

Continue Reading
Advertisement

Categories

Trending