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प्रदेश रिपोर्ट

गोपालगंज में 80 करोड़ की ठगी: मुनाफे का लालच देकर यूपी की फर्जी कंपनी ने सैकड़ों को ठगा

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गोपालगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों पीड़ितों ने ठगी करने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गोपालगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों पीड़ितों ने ठगी करने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
  • बिहार के गोपालगंज में लोगों के साथ 80 करोड़ की ठगी।
  • जब ब्याज मिलना बंद हो गया तो ठगी का अहसास हुआ।
  • एसपी के पास पहुंचे दर्जनों पीड़ित, खाते फ्रीज़ करने की अपील।

गोपालगंज | आलोक कुमार

गोपालगंज जिले में जालसाज़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी कंपनी ने लोगों को कम समय में निवेश दोगुना करने का झांसा देकर लगभग 80 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। लोगों का कहना है कि वे यूपी के गोरखपुर में एक व्यक्ति के जरिए अपनी रकम जमा कराते थे।

इस महाठगी के शिकार हुए दर्जनों पीड़ितों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी विनय तिवारी से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ितों ने मुख्य आरोपी विश्वजीत श्रीवास्तव की गिरफ्तारी और अपनी डूबी हुई राशि वापस कराने की मांग की है।

फ्रॉड कंपनी में किए निवेश का चेक दिखाता एक पीड़ित।

फ्रॉड कंपनी में किए निवेश का चेक दिखाता एक पीड़ित।

ठगी की इस साजिश का शिकार हुए विशम्भरपुर थाना क्षेत्र के काला मटिहिनिया गांव निवासी सुदामा कुशवाहा ने एसपी को आवेदन देकर पूरी घटना बताई। सुदामा के अनुसार, वह मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था और सामान खरीदने अक्सर गोरखपुर जाते थे। वहीं, उसकी मुलाकात गोरखपुर के पादरी बाज़ार (हरसेवकपुर न०-2) निवासी विश्वजीत श्रीवास्तव से हुई।

एसपी से मिलने पहुंचे ठगी के शिकार लोग।

एसपी से मिलने पहुंचे ठगी के शिकार लोग।

विश्वजीत ने खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताया और कम समय में पैसा दोगुना करने व आकर्षक ब्याज देने का झांसा देकर निवेश शुरू कराया। शुरुआत में कंपनी के एजेंटों ने कुछ लोगों को छोटा मुनाफा देकर उनका विश्वास जीता।

इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई, जमीन बेचकर मिली राशि और सेवानिवृत्ति के पैसे कंपनी में लगा दिए। जब मुनाफा मिलना बंद हुआ, तब निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ।

ग्रामीणों ने एसपी को आवेदन दिया।

ग्रामीणों ने एसपी को आवेदन दिया।

पीड़ितों का कहना है कि ठगी गई राशि का आंकड़ा 80 करोड़ से भी ऊपर जा सकता है, क्योंकि जिले के विभिन्न प्रखंडों के हजारों लोग इस जाल में फंसे हुए हैं।

अभी इस मामले में पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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