Connect with us

रिपोर्टर की डायरी

बिहार में बुलडोजर ऐक्शन : गरीबों ने कहा- ‘वोट लेकर सरकार ने बेघर किया’, सियासत गरमाई

Published

on

बांका में बुलडोजर चलने के दौरान बिजली का पोल गिरने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई।
बांका में बुलडोजर चलने के दौरान बिजली का पोल गिरने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई।

NDA सरकार का अतिक्रमण हटाओ अभियान : 

  • सम्राट चौधरी ने कोर्ट का आदेश बताया, LJP(रा) ने दिया समर्थन
  • NDA सहयोगी मांझी ने गरीबों पर कार्रवाई का लगाया आरोप
  • राजद व कांग्रेस ने बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है

पटना | हमारे संवाददाता 

बिहार में नई सरकार बनने के बाद एक गीत (Song) सोशल मीडिया पर काफी हिट रहा। गाने को पवन सिंह (Bhojpuri star Pawan Singh) ने गाया था..गाने के बोल थे- “बिहार में जोड़ी मोदी जी – नीतीश जी के हिट हो गईल।” एनडीए को भारी बहुत मिलने के बाद इस गाने की काफी सुर्खियां बटोरी थी…।

लेकिन चुनाव जीतने के बाद पहली बार गृह विभाग पाने वाली भाजपा ने बिहार में जिस तरह अतिक्रमण हटाने जाने के नाम पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की हैं, उससे सवाल सीधे पीएम मोदी की इमेज पर उठ रहे हैं। हालांकि राज्य की मुख्य धारा मीडिया इन कार्रवाइयों का महिलामंडल ठीक उसी तर्ज पर कर रही हैं, जैसा पड़ोसी उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के बुलडोजर ऐक्शन को लेकर किया जाता रहा है। इन सबके बीच राज्य की सियासत भी गरमा गई है और NDA के अंदर से ही विरोध की आवाज भी उठ रही हैं।

कितने बाहुबलियों पर चला बुलडोजर ? 

सरकार का दावा है कि बुलडोजर ऐक्शन भू-माफिया और अवैध कब्जों पर हो रहे हैं लेकिन आंकड़े कुछ और कहते हैं। 1-6 दिसंबर तक विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में उठे सवालों में खुलासा हुआ कि बाहुबलियों या बड़े माफिया के सिर्फ 2-3 मामलों में कार्रवाई हुई, जबकि 80% से ज्यादा एक्शन छोटे घरों और दुकानों पर। सरकार भी इस बारे में कोई आंकड़ा नहीं दे सकी कि आखिर उसने कितने बाहुबलियों की जमीनों पर बुलडोजर चलाया है।
सभी 38 जिलों में चला अभियान

राज्य के सभी 38 जिलों में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर ऐक्शन चल रहा है लेकिन 9 जिलों में ये कार्रवाई ज्यादा है।

  • पटना के फुलवारी, दानापुर, खगौल, पटना शहर निगम क्षेत्र, पालीगंज, बिक्रम।
  • नालंदा जिले के बिहारशरीफ, सोहसराय किसान कॉलेज से लेकर वार्ड 17 तक।
  •  दरभंगा जिले के शहर क्षेत्र, दिल्ली मोड़ से एयरपोर्ट तक।
  • गया जिले के शहरी क्षेत्र, केपी रोड, पीरमंसूर रोड, कोयरी बारी, दिग्गी तालाब।
  • कटिहार जिले के कोढ़ा नगर पंचायत, गेड़बाड़ी क्षेत्र।
  • सीवान जिले के शहरी क्षेत्र, गोपालगंज मोड़ से तरवाड़ा मोड़ तक।
  • भोजपुर जिले के बिहिया नगर, राजाबाजार, बिहिया-बिहटा रोड तक।
  • मुजफ्फरपुर जिले के शहर क्षेत्र, मोतिझील मार्केट इलाका।
  • वैशाली जिले के हाजीपुर, त्रिमूर्ति चौक, जौहरी बाजार, रामाशीष चौक गोलंबर, छपरा-पटना पथ की बाबू बाजार।

CM के गृह जिले मेें दलित बस्तियों पर बुलडोजर

सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में अतिक्रमण हटाने के नाम पर पासवान और दलित समुदाय की बस्तियों पर बुलडोजर कार्रवाइयां हुईं, जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना। यहां लोगों ने मीडिया से कहा कि “सरकार ने 10 हजार रुपये देकर हमारा वोट ले लिया और अब हमें बेघर कर रही है।” इस घटना के बाद जदयू नेताओं व पासवान वोटरबेस वाली NDA सहयोगी दल लोजपा(रामविलास) के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है।

विधानसभा सत्र में गरमाया मुद्दा 

1 से 5 दिसंबर तक चले बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नई NDA सरकार के बुलडोजर ऐक्शन का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष संगठन महागठबंधन के सदस्यों ने इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया और इसे गरीबों के खिलाफ कार्रवाई बताया।

सम्राट चौधरी का बचाव- ये कार्रवाइयां कोर्ट ऑर्डर पर

विपक्ष के आरोप पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘यहां कोई बुलडोजर मामला नहीं है। बिहार में कोर्ट ने तय किया है, न्यायालय ने ये पूरी व्यवस्था खड़ी की है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए। सभी जगह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है।

सम्राट चौधरी ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई पर कहा,

“माफिया पर तो कार्रवाई होगी ही। चाहे वो जमीन माफिया हो, बालू माफिया हो या शराब माफिया हो। नीतीश कुमार के नेतृत्व में कोई बचेगा नहीं, इतना जरूर गारंटी देना चाहता हूं।”

NDA सहयोगी बंटे : चिराग पासवान ने समर्थन, मांझी ने विरोध 

एनडीए की सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रा) ने इन कार्रवाइयों का समर्थन किया है जबकि हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।

ठिकाना दिए बिना न हटाएं-  HAM पार्टी के मुखिया और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि जब तक उनको रहने के लिए वैकल्पिक इंतजाम ना कर दें तब तक उनको ना हटाएं, हालांकि जानकारी में आया है कि बिहार सरकार उनको बसाने का काम कर रही है।

कानून का डर होना चाहिए-चिराग पासवान की पार्टी के विधायक राजू तिवारी ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सिर्फ वो लोग जो अवैध तरीके से जमीन कब्जा लेते हैं,  गरीबों के लिए तो सरकार की योजना हैं। कानून का भय लोगों में होना चाहिए।

तेजप्रताप ने सम्राट चौधरी को बताया धृतराष्ट्र

वहीं, तेज प्रताप यादव ने X पर लिखा, “सभी को पता है कि नवंबर से ठंड शुरू होती है और दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस मौसम में किसी का घर टूटने का दर्द क्या होता है, यह हम सभी समझ सकते हैं। क्या नए गृहमंत्री को नहीं दिख रहा कि छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सड़क पर रात बिताने को मजबूर हैं?”

बिहार कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध

बिहार कांग्रेस के कुछ नेता व कार्यकर्ताओं ने 30 नवंबर को के इनकम टैक्स गोलंबर पर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस के दलित नेता आदित्य पासवान ने कहा कि सरकार ने गरीबों को 10 हजार देकर वोट ले लिया और अब इनका दमन कर रही है।

लोकसभा में सांसद पप्पू यादव ने उठाया मुद्दा

इस मामले में सबसे ज्यादा मुखर पूर्णिया के सांसद व कांग्रेस समर्थित नेता पप्पू यादव रहे हैं। नालंदा व पूर्णिया में हुए बुलडोजर ऐक्शन का उन्होंने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ विरोध किया बल्कि पीड़ितों को सहायता राशि भी दी है। उन्होंने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया, नोटिस या पुनर्वास की व्यवस्था किए सरकार ने पूरी बस्तियों को ही उजाड़ दिया है, सरकार बताए कि ये लोग ठंड में कहां जाएंगे?

राजद नेता बोले- गरीबों की झोपड़ी उजाड़ीं

राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों की झोपड़ी उजाड़ रही है। गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 2015 से 2024 तक अपराध में 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लेकिन सरकार का उसे पर कोई ध्यान नहीं है सरकार सिर्फ गरीबों को हटाने के काम में जुटी हुई है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

रिपोर्टर की डायरी

सुपौल (बिहार) : थाना परिसर के बंद पड़े बाथरूम में लटका मिला महिला कांस्टेबल का शव

Published

on

इस थाना परिसर के एक बाथरूम में लाश लटकी मिली है।

सुपौल, बिहार | मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम

बिहार के सुपौल जिले में थाना परिसर के एक न इस्तेमाल होने वाले बाथरूम में एक महिला कांस्टेबल का शव फंदे पर लटका मिला है। घटना की सूचना मिलते ही कोसी रेंज के डीआईजी कुमार व एफएसएल टीम मौके पर पहुंची।

उल्लेखनीय है कि मृतक कांस्टेबल रितु कुमारी की ड्यूटी ईद और रामनवमी पर्व को लेकर किशनपुर थाना में लगाई गई थी, जहां उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है।

घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट और कुछ लिखित दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। मृतिका का मोबाइल फोन भी उनकी जेब से मिला है।

यह घटना जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हुई जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

मृतिका की पहचान भोजपुर जिले के पटखैली गांव निवासी रितु कुमारी के रूप में हुई है। वह मुजफ्फरपुर जिला बल में तैनात थीं और वर्तमान में सुपौल के भीमनगर स्थित बीएमपी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थीं।

घटना किशनपुर थाना परिसर स्थित ब्लॉक परिसर के सभा भवन की बताई जा रही है, जहां एक बाथरूम में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला।

बताया जा रहा है कि जिस बाथरूम में शव मिला, वह नियमित उपयोग में नहीं था और उसमें चुनाव से संबंधित सामग्री रखी हुई थी। इस कारण घटना और भी संदिग्ध मानी जा रही है।

किशनपुर थाना अध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का खुलासा किया जाएगा।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांस्टेबल रितु कुमारी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थीं। यह भी जानकारी सामने आई है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन साथियों ने समय रहते उन्हें बचा लिया था।

मृतिका के भाई रोहित कुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे विभाग की ओर से फोन कर उनकी बहन की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनकी मृत्यु की खबर मिली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

Continue Reading

चुनावी डायरी

सम्राट चौधरी के कंधे पर नीतीश कुमार का हाथ: समृद्धि यात्रा के जरिए दिलाये जा रहे सत्ता हस्तांतरण के संकेत

Published

on

समृद्धि यात्रा के दौरान सम्राट के कंधे पर सीएम नीतीश कुमार का हाथ और सम्राट के अभिवादन करने की तस्वीरों के राजनीतिक मायने हैं।

पटना | हमारे संवाददाता

बिहार के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री के पद पर आसीन भाजपा नेता सम्राट चौधरी इन दिनों मगध के सियासत में सुर्खियां बटोर रहे हैं। दरअसल, नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद ये तय माना जा रहा है कि वे बिहार के मुखिया की जगह लेंगे। इस चर्चा को समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हावभाव व बयानों ने हवा दी है। कई मौकों पर मंच से नीतीश कुमार यह संकेत व संदेश दे चुके हैं कि ‘आगे सब कुछ ये (सम्राट चौधरी) ही देखेंगे।’

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि नीतीश कुमार की जारी राज्यव्यापी यात्रा (समृद्धि यात्रा) का इस्तेमाल करके उनके ही जरिए जनता को समझाया जा रहा है कि उनका अगला उत्तराधिकारी कौन होगा। NDA सरकार में प्रमुख सहयोगी दल भाजपा के लिए बिहार की जनता का समर्थन बहुत जरूरी है क्योंकि चार महीने पहले ही उसने भारी बहुमत से नीतीश को 10वीं बार मुख्यमंत्री बनाया था। बिहार की सत्ता छोड़ने की घोषणा करके राज्यसभा सदस्य बनकर दिल्ली जा रहे नीतीश कुमार आखिर कब CM पद से इस्तीफा देंगे? विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सवाल का जवाब इन यात्राओं के कैलेंडर और मकसद की पूर्ति से जुड़ा है।

लगातार दूसरी बार सम्राट चौधरी को नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया है।

लगातार दूसरी बार सम्राट चौधरी को नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया है।

समृद्धि यात्रा – 4.0 : मंच से CM बोले- ‘आगे यही सब काम देखेंगे’

जमुई : 18 मार्च को जमुई में आयोजित एक जनसभा के अंत में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा और जनता की ओर इशारा करते हुए कहा, “आगे यही सब काम देखेंगे।” उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में सत्ता सौंपने के सीधे संकेत के रूप में देखा गया।

नवादा: जमुई के बाद उसी दिन नवादा जिले में भी आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने ठीक इसी अंदाज में सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा और राज्य के विकास में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की।

भागलपुर: 17 मार्च को जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मंच से एंकर ने सम्राट चौधरी को ‘मुख्यमंत्री’ संबोधित करके भाषण देने के लिए बुलाया। इस गलती पर एंकर ने सुधार नहीं किया। सम्राट चौधरी या अन्य किसी नेता ने मंच से इसकी ओर ध्यान दिलाया। इससे आगामी बदलाव का संकेत गया।

समृद्धि यात्रा : 26 मार्च तक चलेगी, फिर होगा इस्तीफा?

नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के समापन के बाद पांचवें चरण की घोषणा हो गई है। इसका समापन उनके गृहराज्य नालंदा में 26 मार्च को होगा। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि पिछले चरण की तरह ही नीतीश कुमार इन सात जिलों की जनता को भी संदेश दे सकते हैं। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा हो सकता है। कारण यह भी है कि राज्यसभा सदस्य बनने के 14 दिनों के भीतर उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा वरना नियमानुसार उनकी राज्यसभा पद की सदस्यता रद्द हो जाएगी क्योंकि अभी वे बिहार विधान परिषद व संसद की राज्यसभा दोनों के सदस्य हैं। यह अवधि 30 मार्च को पूरी हो रही है।

23 मार्च: जहानाबाद और अरवल का दौरा
24 मार्च: कैमूर और रोहतास का दौरा
25 मार्च: भोजपुर और बक्सर का दौरा
26 मार्च: नालंदा में विकास कार्यों की समीक्षा, पटना में होगा समापन कार्यक्रम


नीतीश कुमार 9 बार सीएम बन चुके हैं और इस बार भी उनके ही चेहरे पर चुनाव लड़ा गया और अप्रत्याशित जीत मिली।

नीतीश कुमार 9 बार सीएम बन चुके हैं और इस बार भी उनके ही चेहरे पर चुनाव लड़ा गया और अप्रत्याशित जीत मिली।

नीतीश से सम्राट : ‘लव’ से सत्ता ‘कुश’ के हाथ

बिहार में जदयू की राजनीति को लव-कुश समीकरण पर आधारित माना जाता रहा है। कुर्मी (लव) और कोइरी (कुश) जातियों का गठबंधन बिहार में एक मजबूत राजनीतिक ब्लॉक है। जाति आधारित सर्वेक्षण-2022 के अनुसार, यह राज्य में करीब 7% आबादी का प्रतिनिधित्व करती है। नीतीश कुमार कुर्मी (लव) और सम्राट चौधरी कोइरी (कुश) समाज से आते हैं।

मेनिफेस्टो घोषणा के दौरान सिर्फ सम्राट चौधरी ने ही भाषण दिया।

चुनावी मेनिफेस्टो घोषणा के दौरान सिर्फ सम्राट चौधरी ने ही भाषण दिया था। इससे NDA में उनकी अहमियत समझी जा सकती है। (साभार फेसबुक)

वरिष्ठ पत्रकार सुमन भारद्वाज मानते हैं कि सत्ता का हस्तांतरण अगर ‘लव’ के हाथ से निकलकर ‘कुश’ के हाथ में होता है तो ‘लव-कुश समाज’ की एकजुटता बनी रहेगी। भाजपा इस मकसद से सम्राट चौधरी को लगातार दूसरी बार डिप्टी सीएम बना चुकी है और उन्हें अब सीएम का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

पटना में नीतीश कुमार को लेकर ये पोस्टर काउंटिंग से एक दिन पहले लगाए गए हैं।

नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में टाइगर रहे हैं।

क्या कहता है इतिहास :  नीतीश ने जिन्हें आगे किया वे पीछे चले गए

नीतीश कुमार को लेकर कहा जाता है कि वे जिसकी पीठ पर हाथ रखते हैं वह कुर्सी की दौड़ में न सिर्फ पिछड़ जाता है बल्कि राज्य की राजनीति में उनका वनवास हो जाता है।

इसका सबसे ताजा उदहारण राजद के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव हैं। करीब दो साल पहले जब नीतीश कुमार तेजस्वी को अगला मुख्यमंत्री बताते घूम रहे थे। तेजस्वी की आज क्या स्थिति है ?

सबसे पहले नीतीश जी ने उपेंद्र कुशवाहा की पीठ पर हाथ रखा था। वे आज कहां हैं ?

फिर उन्होंने प्रशांत किशोर को जदयू में लाकर उनकी पीठ पर हाथ रखा। उनकी गति भी देखी जा सकती है।

अपने विश्वासी नौकरशाह आरसीपी सिंह को भी तेजी से आगे बढ़ाया, उनकी स्थिति भी सबको मालूम है।

एक समय ललन सिंह उनके बहुत प्रिय थे। लेकिन उन्हें पार्टी के अध्यक्ष पद से कैसे हटाया गया ?

एक और वरिष्ठ रिटायर्ड आइएएस अधिकारी मनीष वर्मा को भी इस श्रेणी में रखा जा सकता है। जब वे जदयू में आये थे तब उनकी भी खूब चर्चा हुई थी। राज्यसभा से लेकर विधान परिषद् और विधानसभा तक उनका नाम उछला लेकिन किस तरह उन्हें पिछले बैठा दिया गया, जो सबके सामने हैं।

 

Continue Reading

चुनावी डायरी

बिहार में ईद पर रही खूब रौनक : CM नीतीश ने बेटे निशांत कुमार को सामूहिक नमाज़ के लिए भेजा

Published

on

निशांत कुमार टोपी लगाकर ईद के कार्यक्रम में शामिल हुए। (फोटो - @Nishantjdu)

(Note – इस खबर को वीडियो में देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)

पटना |

बिहार में ईद शांतिपूर्ण ढंग से मनाई गई, हालांकि इस बार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुई सामूहिक ईद की नमाज़ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिरकत करने नहीं पहुंचे। नीतीश कुमार के 20 साल के शासन में यह पहला मौका है जब उन्होंने गांधी मैदान के ईद कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। जबकि उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

निशांत कुमार का ट्वीट

बल्कि इस बार उनके बेटे निशांत कुमार की वहां खास मौजूदगी देखी गई, जिसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बन गए हैं और जल्द ही अपने CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

खानकाह मुजीबिया पहुंचे सीएम

सीएम नीतीश कुमार ईद के मौके पर खानकाह मुजीबिया में सभी का अभिवादन करते हुए।

हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ईद के मौके पर  फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया पहुंचे। इसके बाद पटना सिटी स्थित कानकाह-ए-मुनएमिया भी गए। फिर मुख्यमंत्री तकिया शरीफ के खानकाह बारगाहे पहुंचकर लोगों से मिले और ईद की शुभकामनाएं दीं।

पटना के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी ईद पर खूब रौनक रही। पूर्णिया, किशनगंज, रोहतास, बांका, सुपौल समेत सभी 38 जिलों में ईद उत्साह से मनाई गई। कई जगहों पर छोटे-बड़े मेले लगे, जिसमें नए कपड़े पहने छोटे बच्चों का उत्साह देखते ही बना।

 

Continue Reading
Advertisement

Categories

Trending