नए साल के साथ उम्र का मौसम भी बदल गया है। ऐसे में पेश है ये कविता। उम्र के साथ नजर भले कमजोर हो जाए पर...
प्रयागराज कुंभ – 2019 में बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के जरिए साध्वियों के सामाजिक जीवन को दर्शाने की कोशिश की गई है। अलग-अलग परिवेश और...
बोलते पन्ने के इस सेग्मेंट ‘बच्चों की बात’ में बच्चों की जुबानी उनकी बातें सुनिए। इस वीडियो के जरिए हम आप तक बच्चों को सुंदर भविष्य देने...
गांव की लड़कियों को साइकिल ने वो शक्ति दी, जिसके पहिए पर पैडल मारकर उन्होंने समाज के डिबाइडरों को फांदा। गांव के प्राइमरी स्कूल से लेकर...
बिहार के चंदन साहू एक दशक से साइकिल रिक्शा चला रहे थे, अपने रिक्शे में बैटरी व मोटर लगवा लेने के बाद उन्हेें ऐसा महसूस होने...
24 फरवरी- 2024 के अखबारी संस्करणों की समीक्षा।
दंगों के हालात में एक इंसान के तौर पर आपेक्षित संवेदनशीलता जब न दिखे तो एक कवि का मन किस तरह के सवाल उठाता है, ये...