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रिपोर्टर की डायरी

मुंगेर (बिहार): घरेलू झगड़े में घर छोड़ गए बैंक के डिप्टी मैनेजर, SIT ने ढूंढा तो खुद ही लौट आए

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सदर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लापता बैंक डिप्टी मैनेजर के बारे में जानकारी दी, इस दौरान वह मौजूद थे( ब्लर इमेज)। तस्वीर-टीम बोलते पन्ने
सदर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लापता बैंक डिप्टी मैनेजर के बारे में जानकारी दी, इस दौरान वह मौजूद थे( ब्लर इमेज)। तस्वीर-टीम बोलते पन्ने
  • 20 जनवरी को बैंक से ड्यूटी करके लापता हो गए थे, 7 दिन तक ढूंढ़ती रही पुलिस।

मुंगेर | प्रशांत कुमार

पारिवारिक कलह किसी भी व्यक्ति को गंभीर डिप्रेशन में पहुंचा सकती है, कुछ ऐसा ही एक बैंक के डिप्टी मैनेजर के साथ हुआ और वे घर छोड़कर चले गए। 20 जनवरी को बैंक ब्रांच में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद डिप्टी मैनेजर घर नहीं लौटे और उनका फोन भी बंद था।

परिवार ने एक दिन ढूंढने के बाद अगले दिन पुलिस थाने में रिपोर्ट करायी। मुंगेर SP के निर्देश पर लापता बैंक डिप्टी मैनेजर को ढूंढने के लिए SIT बनाकर कई जगहों पर सर्च किया गया। हालांकि 27 जनवरी को डिप्टी मैनेजर खुद ही लौट आए तो परिवार और पुलिस ने भी चैन की सांस ली है। डिप्टी मैनेजर ने पुलिस के सामने कहा है कि वे परेशान थे इसलिए घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।

ड्यूटी करके हो गए लापता, स्टेशन पर मिली बुलेट

यह पूरा मामला मुंगेर की एक SBI ब्रांच का है। यहां सहायक प्रबंधक के पद पर काम करने वाले करीब 40 साल के एक व्यक्ति एक सप्ताह पहले लापता हो गए थे। जिन्हें मंगलवार को मुंगेर कोर्ट के पास से बरामद कर लिया गया है। इस मामले में

सदर एसडीपीओ अभिषेक कुमार आनंद

सदर एसडीपीओ अभिषेक कुमार आनंद

ने कोतवाली थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच में पुलिस को डिप्टी मैनेजर की बुलेट मोटरसाइकिल खगड़िया रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी मिली।

नेपाल चले गए, इंस्टाग्राम के जरिए बात की

बैंक डिप्टी मैनेजर ने पुलिस को बताया कि वे घर छोड़कर मुंगेर से खगड़िया बाइक से गए। वहां स्टेशन पर बाइक खड़ी करके वे ट्रेन से भागलपुर, सहरसा और सिलीगुड़ी होते हुए नेपाल के काठमांडू तक चले गए थे। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को जहां-जहां उनकी लोकेशन मिली, वहां-वहां SIT पहुंचती रही। इस दौरान लापता बैंक डिप्टी मैनेजर ने इंस्टाग्राम के जरिए कई बार अपने परिवार के सदस्य और रिश्तेदारों से संपर्क भी किया। आखिरकार 27 जनवरी को वे खुद ही शहर में लौट आए, जिसकी जानकारी मिलने पर उन्हें कोतवाली लाकर पूछताछ की गई। उन्होंने अपने साथ किसी तरह की आर्थिक परेशानी या कर्ज के दवाब से मना किया है।


 

(Note – अगर आप भी किसी तरह के मानसिक तनाव या डिप्रेशन से गुज़र रहे हैं तो अपने करीबियों से इस पर जरूर बात करें। आप भारत सरकार की हेल्पलाइन सेवा Tele-MANAS का भी उपयोग कर सकते हैं जो गोपनीयता बरतते हुए आपको काउंसलिंग उपलब्ध करवाती है। इसके लिए आप इन नंबरों पर कॉल कर सकते हैं – 14416 or 1800-89-14416) 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।