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जनहित में जारी

ट्रांसजेंडर अधिकारों पर आ रहे नए कानून को लेकर विरोध शुरू, डिटेल जानिए

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नई दिल्ली | संसद में विपक्ष के विरोध के बीच 25 मार्च को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़ा एक संशोधन विधेयक (Transgender Persons, Protection of Rights, Amendment Bill, 2026) पास हो गया।

इस विधेयक के कानून बनने के बाद ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान खुद तय नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपनी पहचान प्रमाणित कराने के लिए एक ‘मेडिकल बोर्ड’ के सामने पेश होना होगा।

सरकार का तर्क है कि यह बिल केवल उन लोगों को सुरक्षा देगा जो “जैविक कारणों” (Biological Issues) से भेदभाव झेलते हैं।

ऐसे में विपक्ष का कहना है कि ऐसे लोग जो खुद अपनी पहचान तय करते हैं, उन्हें भेदभाव के खिलाफ कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी। जेंडर कार्यकर्ताओं का मानना है कि अपना जेंडर बदलवाने वाले तीसरे जेंडर के व्यक्ति इससे प्रभावित होंगे।

इस बदलाव के चलते संसद से पारित हुए संसोधन विधेयक का देश के तीसरे जेंडर समुदाय व उनकी पैरोकारी करने वाले कार्यकर्ताओं की ओर से भारी विरोध हो रहा है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस संशोधन विधेयक को ट्रांंसजेंडर के अधिकारों के खिलाफ बताया है।

दूसरी ओर, नेशनल काउंसिल ऑफ ट्रांसजेंडर पर्सन्स (NCTP) की सदस्य कल्कि सुब्रमण्यम ने 25 मार्च को कहा कि इस विधेयक के अधिनियम (एक्ट) बनने के बाद वह इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी।

साथ ही, कल्कि सुब्रमण्यम ने दावा किया कि “सरकार ने NCTP संगठन के प्रतिनिधियों के साथ ट्रांसजेंडर संशोधन बिल पर कभी परामर्श नहीं किया।”

बता देें कि लोकसभा में इस विधेयक को 24 व राज्यसभा में 25 मार्च को मंजूरी मिली। जबकि विपक्ष ने मांग की थी कि विधेयक को आगे की जांच के लिए सदन की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए।

विपक्षी दलों का तर्क था कि इस विधेयक में ऐसे प्रावधान हैं जो तीसरे लिंग (थर्ड जेंडर) के लोगों की गरिमा को प्रभावित कर सकते हैं।

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बच्चों को लत लगा रहे फेसबुक-यूट्यूब, अमेरिकी अदालतों ने लगाया ₹3,150 करोड़ का जुर्माना

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नई दिल्ली | फेसबुक व यूट्यूब की अंतहीन स्क्रॉलिंग और लत लगाने वाले कंटेंट के चलते छोटे बच्चे डिप्रेशन में जा रहे हैं।

अमेरिका की दो अदालतों ने ऐतिहासिक फैसले सुनाते हुए मेटा व यूट्यूब पर 3150 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। साथ ही, जूरी ने कहा है कि इन कंपनियों ने लत की इंजीनियरिंग की है।

द गार्जियन के मुताबिक-  लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने 25 मार्च को Meta (फेसबुक-इंस्टाग्राम) और YouTube को जानबूझकर लत लगाने वाले प्रोडक्ट्स डिजाइन करने का दोषी माना।

जूरी ने 20 वर्षीय पीड़िता को $6 मिलियन (लगभग ₹50 करोड़) का हर्जाना देने का आदेश दिया है, जिसमें से 70% Meta और शेष राशि YouTube भुगतान करेगी।

इस पीड़िता को 6 साल की उम्र में YouTube और 9 साल की होने पर Instagram की लत लगी, जिससे वह डिप्रेशन में आ गई और खुद को नुकसान पहुंचाने लगी थी। अदालत ने इसे ‘एडिक्शन की इंजीनियरिंग’ माना है।

इससे ठीक एक दिन पहले यानी 24 मार्च को न्यू मेक्सिको की अदालत ने Meta पर $375 मिलियन (लगभग ₹3,100 करोड़) का भारी जुर्माना लगाया गया है।

न्यू मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर जांच की। इसमें पाया कि Meta के प्लेटफॉर्म बच्चों को यौन शोषण और ऑनलाइन ग्रूमिंग से बचाने में पूरी तरह विफल हैं।

जूरी का कहना है कि कंपनियों ने बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा अपने ‘मुनाफे’ को प्राथमिकता दी और जनता को सुरक्षा के झूठे दावे कर गुमराह किया।

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बिहार में Peak Hour में बिजली होगी महंगी, जानिए Time of day टैरिफ योजना की डिटेल

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बिहार में बिजली प्री पेड है और 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं लगता। (प्रतीकात्मक फोटो)
  • एक अप्रैल से लागू होने जा रहा है नया नियम, शाम पांच से रात 11 बजे तक महंगी होगी बिजली।

पटना | बिहार में बिजली को लेकर एक अप्रैल से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत बिजली दर अब समय के अनुसार तय होगी।

Time of day (ToD) टैरिफ योजना के तहत बिहार में अब उस समय (Peak Hour) बिजली सबसे महंगी होगी, जब उसकी ज्यादा मांग होती है।

बिहार विद्युत विनियामक आयोग के मुताबिक, नए नियम में हर शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक बिजली का चार्ज महंगा दरी पर लगेगा।

जबकि रात 11 बजे से सुबह नौ बजे तक सस्ती दर लागू रहेगी। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक सामान्य दर ही लागू रहेगी।

सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद सबसे ज्यादा मांग वाली अवधि में (peak hour) में बिजली खपत को कम करना है।

Time Of day नियम पर भ्रम में आम उपभोक्ता

दूसरी ओर, स्मार्ट मीटर के साथ लागू होने जा रही टाइम ऑफ डे (टीओडी) बिजली दरों को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

नया नियम लागू होने में पांच दिन बचा है लेकिन नियमों को स्पष्ट नहीं किया गया है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर वे महीने की 125 यूनिट बिजली ही खर्च कर रहे हैं जो कि राज्य सरकार की ओर से मुफ्त है, तो भी क्या उनके ऊपर चार्ज लगेगा?

इस असमंजस के चलते बिहार के कई जिलों में आम उपभोक्ता बिजली कार्यालय पर जाकर बाबत पूछताछ करते नजर आए।

इस संबंध में मुजफ्फरपुर सर्किल के विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने दैनिक जागरण को बताया है कि अभी मुख्यालय से विस्तृत दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। स्पष्ट गाइडलाइन मिलने के बाद ही उपभोक्ताओं को सही तरीके से जानकारी दी जा सकेगी।

बिजली वितरण कंपनियों की मांग पर नया नियम

बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने हाल ही में बिजली वितरण कंपनियों, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की मांग पर इस ToD टैरिफ योजना को मंजूरी दे दी है।

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जहां गैस पाइप लाइन की सुविधा है, वहां अब नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर; जानिए नया नियम

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युद्ध के चलते भारत में नेचुरल गैस की कमी पैदा हो गई है, जिसके चलते सरकार नए नियम ला रही है।

नई दिल्ली | अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा।

केंद्र सरकार ने देशभर में घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है।

हालांकि, कनेक्शन बंद करने से पहले उपभोक्ता को नोटिस दिया जाएगा।

सूचना मिलने के बाद भी अगर कोई कनेक्शन नहीं लेता तो 90 दिन बाद उसकी LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। साथ ही सोसाइटियों को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी भी देनी होगी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा गाइडलाइंस के मुताबिक,

“यदि किसी उपभोक्ता के पास पीएनजी कनेक्शन लेने का विकल्प मौजूद है और वह इसे लेने से इनकार करता है, तो उसकी एलपीजी सप्लाई काट दी जाएगी।”

सरकार का तर्क है कि पीएनजी, एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते पैदा हुई LPG गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है।

 

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