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अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरानी सुप्रीम लीडर के बेटे बने नए सर्वोच्च नेता

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  • दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को मिली जिम्मेदारी।

नई दिल्ली | अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या हो जाने के एक सप्ताह बाद नए सुप्रीम लीडर चुन लिए गए हैं।

दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को यह जिम्मेदारी दी गई है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब युद्ध अपने 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है और मध्य पूर्व में नए मिसाइल व ड्रोन हमलों की गूंज सुनाई दे रही है।

बीते रविवार (8 march) को ईरान के एक विशेष धार्मिक निकाय के 88 सदस्यों ने सर्वोच्च नेता का चयन किया, फिर सरकारी मीडिया की ओर से इसकी घोषणा की गई। 

इस घोषणा के बाद सांसदों से लेकर विदेश मंत्रालय तक ईरान के विभिन्न संस्थानों और राजनेताओं ने बयान जारी करके नए सुप्रीम लीडर के प्रति निष्ठा जताई, जिसे वहां रहवर नाम से पुकारा जाता है।

रक्षा परिषद के बयान में कहा गया- “हम अंतिम खून की बूंद तक कमांडर-इन-चीफ के आज्ञाकारी रहेंगे।”

ट्रंप बोले- हमारी राय बिना सुप्रीम नेता चुना तो जिंदा नहीं रहेगा

रविवार को ईरान की ओर से नए सुप्रीम लीडर की घोषणा से कुछ घंटे पहले अमेरिकी समाचार मीडिया ABC News को दिए इंटरव्यू में डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था- “अगर ईरान उनकी मंजूरी नहीं लेता है तो ईरान का अगला सुप्रीम लीडर लंबे समय तक नहीं टिकेगा।”

फिर ईरान की ओर से घोषणा होने के बाद इजरायली मीडिया “टाइम्स ऑफ इजरायल” को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कुछ नहीं कहा, वे बस इतना बोले कि “हम देखेंगे कि क्या होता है।”

जंग रोकने का फैसला इजरायल की सहमति से लेंगे

टाइम्स ऑफ इजरायल के इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त करने का फैसला लेने में वे इजरायल के इनपुट को शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनका नहीं होगा बल्कि परस्पर होगा। 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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