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रिपोर्टर की डायरी

पूर्णिया एयरपोर्ट : हवाई जहाज में हवाई चप्पल में सफर कर सकेंगे सीमांचल-कोसी के वासी

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पूर्णिया हवाई अड्‍डा
  • आज प्रधानमंत्री मोदी पूर्णिया हवाई अड्डा के नए टर्मिनल का करेंगे उद्घाटन, व्यावसायिक उड़ाने शुरू होंगी।
  • सीमांचल क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दरभंगा एयरपोर्ट व पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट जाना पड़ता था।
  • हवाई परिवहन के साथ ही वंदे भारत ट्रेन को भी मोदी हरी झंडी दिखाएंगे, फारबिसगंज से जोगवानी के लिए चलेगी।

अररिया |
सीमांचल व कोसी क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले पिछड़े जिलों के रहवासियों के लिए हवाई सफर आसान हो जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी के आठ साल कहे शब्दों में कहें तो ‘हवाई जहाज में हवाई चप्पल पहने लोग आसानी से यात्रा कर सकेंगे क्योंकि अब दोनों क्षेत्रों के लोगों को बागडोगरा या दरभंगा एयरपोर्ट जाने के लिए तीन से चार घंटे का अतिरिक्त सफर करने से मुक्ति मिलेगी। पूर्णिया में हवाई अड्डा शुरू होने से पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा के लोगों को सीधा लाभ होगा। आज प्रधानमंत्री मोदी पूर्णिया में पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्धाटन करेंगे, जहां से व्यावसायिक उड़ानें आज ही शुरू हो जाएंगी। इसको लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

पूर्णिया हवाई अड्‍डा

पूर्णिया हवाई अड्‍डा

सीमांचल के अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज और कोसी क्षेत्र के जिले सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के लोग नौकरियां करने के लिए देश के बड़े शहरों जैसे- मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बंगलुरु, कोलकाता, पुणे, जयपुर और गुवाहाटी में रहते हैं। साथ ही, खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड में भी सीमांचल के लोग बसे हुए हैं। इन्हें घर आने-जाने के लिए अब तक बागडोगरा (प. बंगाल), दरभंगा या पटना एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब उनके लिए अपने घर से पचास किलोमीटर के भीतर ही हवाई यात्रा संभव हो जाएगी।

पीएम मोदी (साभार- इंटरनेट)

पीएम मोदी (साभार- इंटरनेट)

छोटे शहरों के लिए हवाई सफर होगा आसान

आठ साल पहले पीएम मोदी ने छोटे शहरों को हवाई यात्रा से जोड़ने की योजना ‘उड़ान’ (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) का शुभारंभ किया था। तब उन्होंने कहा था कि वे चाहते हैं कि हवाई जहाज में भी हवाई चप्पल पहनने वाले बैठें। सीमांचल के पिछड़े इलाके के लोगों के लिए यह सच साबित होने जा रहा है। पूर्णिया एयरपोर्ट इसी ‘उड़ान’ योजना के तहत संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना है।

बता दें कि राज्य सरकार ने मार्च में पेश किए गए बजट में बिहार में 15 नए हवाई अड्डे विकसित करने की योजना की घोषणा की थी, जिसकी अनुमानित लागत 115 करोड़ रुपये है।

कोलकाता के लिए सप्ताह में तीन दिन उड़ानें होंगी
पूर्णिया हवाई अड्डा से इंडिगो के अलावा, स्टार एयर भी 15 सितंबर से अहमदाबाद और पूर्णिया के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें शुरू करेगी। इसके अलावा कोलकाता के लिए भी सेवा शुरू होगी। यह एयरलाइन कोलकाता के लिए सप्ताह में तीन दिन (सोमवार, बुधवार और शुक्रवार) उड़ानें संचालित करेगी।

फारबिसगंज स्टेशन पर खड़ी वंदे-भारत ट्रेन रवानगी के इंतजार में।

फारबिसगंज स्टेशन पर खड़ी वंदे-भारत ट्रेन रवानगी के इंतजार में।

अररिया से नई रेलवे लाइन, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लाभ होगा

पूर्णिया एयरपोर्ट और वंदे भारत ट्रेन के साथ-साथ उत्तरी क्षेत्र के लोगों के लिए नई रेलवे पटरी पर ट्रेन चलने की सुखद आवाज सुनाई देगी। 15 सितंबर को पूर्णिया से ही रिमोट के जरिए पीएम मोदी अररिया-गलगलिया नई रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे। इस रेलवे लाइन के जरिए अररिया-गलगलिया होकर सिलीगुड़ी तक छोटे रास्ते से होकर यात्रा पूरी होगी, जिससे समय की बचत होगी और स्थानीय रोजगार में लाभ होगा। नई रेलवे लाइन बन जाने से बाढ़ के कारण सिकटी, पलासी, कुर्साकांटा, टेढ़ागाछ, बहादुरगंज और दिघलबैंक के लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या समाप्त होने वाली है।

जोगबनी तक चलेगी वंदे भारत

इस दिन वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन भी होगा, जो अररिया जिले के नेपाल सीमा से से सटे जोगबनी रेलवे स्टेशन से पटना के लिए पूर्णिया से पीएम रवाना करेंगे।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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रिपोर्टर की डायरी

बिहार में अब दारोगा-कोतवाल के खिलाफ केस चलाने से पहले सरकार की अनुमति जरूरी

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बिहार पुलिस
बिहार पुलिस (प्रतीकात्मक फोटो)
  • बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने जारी की अधिसूचना।
  • पुलिस कर्मियों पर मुकदमा चलाने के लिए लेनी होगी सरकार की अनुमति।
  • बिहार पुलिस के सभी पदाधिकारी व कर्मियों पर लागू होगा नियम।

पटना |

बिहार में अब दारोगा से लेकर इंस्पेक्टर तक के खिलाफ किसी मामले में तब ही केस दर्ज हो सकेगा जब उसकी इजाजत राज्य सरकार देगी।

बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने गुरुवार (26 feb) को इसको लेकर अधिसूचना जारी की है। यह नियम पहले DSP/ACP और ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू था, लेकिन अब राज्य सरकार ने यह सुरक्षा कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक बढ़ा दी है।  सरकार का तर्क है कि इस तरह बदले की भावना के चलते पुलिस पर कार्रवाई व उत्पीड़न को रोका जा सकेगा।

सरकार के इस महत्वपूर्ण सर्कुलर में कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर आपराधिक मुकदमा चलाने से पहले राज्य सरकार की पूर्व अनुमति (sanction) अनिवार्य होगी। यह शर्त उन कार्यों पर लागू होगी जो आधिकारिक ड्यूटी (official duty) के दौरान या उसके संबंध में किए गए हों।

 यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 218(2) के तहत लागू किया गया है। जिसमें पहले “केंद्रीय सरकार” के स्थान पर अब स्पष्ट रूप से “राज्य सरकार” को यह अधिकार दिया गया है।

बिहार जैसे राज्य जहां पुलिस के ऊपर भ्रष्टाचार व गलत मुकदमें में फंसाने के मामले सामने आते रहे हैं, राज्य सरकार की ओर से दी जा रही इम्यूनिटी उनकी ताकत को और बढ़ा देगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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