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नालंदा : CM नीतीश के जिले में नाराज ग्रामीणों ने वोट नहीं डाला, बूथ पर सन्नाटा रहा

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मतदान केंद्र पर वोटर नहीं पहुंचे तो अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाया।
मतदान केंद्र पर वोटर नहीं पहुंचे तो अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाया।
  • हरनौत विधानसभा क्षेत्र के बूथ 280 पर वोट नहीं डले, ग्रामीण अंडरपास न बनने से नाराज

हरनौत (नालंदा) | संजीव राज

20 साल से सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के एक बूथ पर वोटिंग ही नहीं हुई।  हरनौत प्रखंड के डीहरी पंचायत में आने वाले मुसहरी गांव के लोगों ने कहा कि लगातार मांग किए जाने के बाद भी अंडरपास नहीं बनवाया गया इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। मुसहरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बनाए गए पोलिंग बूथ नंबर 280 पर एक भी वोट नहीं डला।

ग्रामीणों का कहना है कि नेशनल हाईवे-20 पर फोरलेन सड़क बन जाने के बाद मुसहरी गांव के पास अंडरपास नहीं बनाया गया। उनका कहना है कि मुसहरी जाति होने के चलते उनकी मांग नहीं सुनी गई।

अंडरपास न बनने से गांव के लोगों को बाहर निकलने के लिए चार किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही सड़क के दूसरी ओर के खेतों तक जाना भी मुश्किल हो गया है।

इस मामले में गांव वाले कई बार संबंधित विभाग और अपने लोकल नेता को शिकायत दे चुके हैं पर अब तक समाधान नहीं कराया गया।

इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने बताया कि हमने सरकार के साथ विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को भी आवेदन दिया पर कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए उन्हें किसी भी दल से उम्मीद नहीं है और वे वोट नहीं देंगे।

वोट बहिष्कार की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस पदाधिकारी व एडीएम मौके पर पहुंचे और नाराज ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की पर  ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और मतदान केंद्र पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।

इस बूथ 280 पर कुल 715 मतदाता पंजीकृत हैं जिसमें से एक ने भी वोट नहीं डाला।

हरनौत विधानसभा क्षेत्र में इस बार 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला एनडीए के निवर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह, जन सुराज पार्टी के कमलेश पासवान और महागठबंधन के उम्मीदवार अरुण बिंद के बीच माना जा रहा है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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