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रिपोर्टर की डायरी

Bihar : गोपालगंज में पुलिस वाहन से बाइक की टक्कर, तीन युवक गंभीर रूप से घायल – भीड़ ने सरकारी गाड़ी जलाई, हवाई फायरिंग

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गोपालगंज में दुर्घटना के बाद फैली अफवाह के चलते मौके पर लोगों ने आगजनी की।
गोपालगंज में दुर्घटना के बाद फैली अफवाह के चलते मौके पर लोगों ने आगजनी की।
  • गोपालगंज में हादसे के बाद मौत की अफवाह पर बवाल हुआ।
  • लोगों ने पुलिस वाहन को फूंका, तीन युवक घायल, एक रेफर।

गोपालगंज | आलोक कुमार

बिहार के गोपालगंज जिले में रविवार को एक पुलिस वाहन और बाइक की टक्कर के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। इस हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान यह अफवाह फैल गई कि तीनों की मौत हो गई है।

अफवाह फैलते ही स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और सड़क पर हंगामा करने लगे और इस हंगामे के दौरान भीड़ ने पुलिस की सरकारी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

कैसे हुआ हादसा

यह घटना नगर थाना क्षेत्र के यादवपुर चौक पर हुई। गोपालगंज के एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि “हादसा तब हुआ जब सदर सर्किल इंस्पेक्टर की गाड़ी पुलिस लाइन की ओर जा रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सामने आ गई। स्कॉर्पियो को बचाने के प्रयास में पुलिस वाहन ने संतुलन खो दिया और उसी दिशा में जा रही अपाचे बाइक से टकरा गया। बाइक पर सवार तीन युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।”

 

घायलों की पहचान और स्थिति

हादसे में घायल युवकों की पहचान

1. नंदू कुमार चौहान, निवासी लखपतिया मोड़

2. आयशन अली, निवासी एकडे़रवा गांव

3. राज हुसैन, निवासी एकडे़रवा गांव के रूप में हुई है।

तीनों को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। एसपी ने बताया कि नंदू कुमार और आयशन अली की हालत नाजुक है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किया गया है।

अफवाह से बिगड़े हालात

अस्पताल में घायलों के भर्ती होते ही यह अफवाह फैल गई कि तीनों की मौत हो गई है, जिसके बाद स्थानीय लोग गुस्से में सड़क पर उतर आए। भीड़ ने पहले नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया, फिर गुस्से में पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अवधेश दीक्षित, एसडीपीओ और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

एसपी बोले – “स्कॉर्पियो को बचाने में हुआ हादसा”

गोपालगंज के एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि दुर्घटना पुलिस की लापरवाही से नहीं, बल्कि सामने से आ रही गलत दिशा की स्कॉर्पियो को बचाने के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि “पुलिस वाहन सामान्य गति में था और हम यह जांच कर रहे हैं कि असल में गलती किसकी थी।”

एसपी ने यह भी बताया कि जो सरकारी वाहन चला रहा था, उसके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

जांच के लिए FSL टीम बुलाई गई

पुलिस ने बताया कि मौके से सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल की तकनीकी जांच कर रही है।

फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। एसपी ने कहा कि जो लोग गलत सूचना फैलाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “घायलों का इलाज जारी है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”

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Edited by Mahak Arora

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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