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रिपोर्टर की डायरी

अररिया : स्कूल की बच्चियों संग Bad touch, गुस्साए लोगों ने हेडमास्टर को पीटा, विभाग ने सस्पेंड किया

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मौके पर पिटाई करते लोग।
मौके पर पिटाई करते लोग।
  • एक मिडिल स्कूल के हेडमास्टर पर गंभीर आरोप, 4 साल पहले भी छेड़छाड़ का दोषी मिला था।

अररिया | हमारे संवाददाता

बड़ी हो रहीं बच्चियों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाना उनके पेरेंट्स और टीचरों का काम है। पर बिहार के एक सरकारी स्कूल में हेड टीचर ने ही कई स्कूली बच्चियों से अश्लील हरकत की।

अररिया जिले के एक मिडिल स्कूल में छठी, सातवीं और आठवीं क्लास की कई बच्चियों के साथ स्कूल के हेडमास्टर ने गलत तरीके से छूने की कोशिश की। बच्चियों ने हिम्मत करके अपने घर में बताया तो गुस्साएं अभिभावक इकट्ठे हो गए।

सभी ने स्कूल जाकर हेडमास्टर को घेरकर पीटा और पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे हेडमास्टर को गुस्साई भीड़ से छुड़ाकर गाड़ी में बैठाया और थाने ले गई। घटना के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से संबंधित हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है।

ये मामला अररिया के सदर प्रखंड का है। यहां के एक upgraded middle school में तैनात हेडमास्टर शम्सुलहोदा मासूम के खिलाफ ये गंभीर आरोप लगे हैं।

अभिभावकों का कहना है कि उनकी बेटियों को हेडमास्टर चॉकलेट, बिस्किट, स्टेशनरी देने के बहाने गलत तरीके से छूता था। साथ ही चुप रहने के लिए रुपये का लालच भी देता था।

इस मामले पर  जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि किसी भी शिक्षक का ऐसा आचरण माफ नहीं किया जा सकता। मामले की उच्चस्तरीय जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कठोर दंड दिया जाएगा।

इस मामले में हैरानी की बात यह है कि इस हेडमास्टर पर चार साल पहले भी एक बच्ची के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा था। तब भी सेवा समाप्त करने की जगह उसे बस सस्पेंड ही किया गया था, जबकि जांच रिपोर्ट में वह दोषी मिला था।

आरोपी हेडमास्टर शम्सुलहोदा मासूम का कहना है कि वह निर्दोष है, उसे फंसाया जा रहा है।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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  • हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव के वीआईपी ट्रीटमेंट की रील वायरल।
  • पुलिस पर दवाब आया तो एसपी ने जांच कराई, एसआई व दो चौकीदार सस्पेंड।

मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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