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रिपोर्टर की डायरी

रोहतास (बिहार): ट्यूशन पढ़कर लौट रही बच्ची को अगवा करके रेप किया, गला दबाकर मार डाला

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पोस्टमार्टम के लिए बच्ची का शव ले जाया गया है। (इनसेट में बच्ची का ब्लर फोटो)
पोस्टमार्टम के लिए बच्ची का शव ले जाया गया है। (इनसेट में बच्ची का ब्लर फोटो)
  • 12 साल की बच्ची शाम सात बजे ट्यूशन पढ़कर अकेले घर लौट रही थी।
  • सिविल सर्जन ने बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि की है, गले पर निशान मिले।

रोहतास | अविनाश श्रीवास्तव  

बिहार के रोहतास जिले में 12 साल की एक बच्ची को अगवा करके रेप करने और फिर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। यह घटना जिले के नासरीगंज थानाक्षेत्र की है। घटना के समय बच्ची ट्यूशन पढ़कर घर लौटने वाली थी, उससे पहले ही उसे अगवा कर लिया गया। सिविल सर्जन डॉक्टर मणिराज रंजन ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना की पुष्टि की है।

बच्ची के शव की जांच करने पर उसके गले में निशान मिले हैं, जिससे आशंका जतायी जा रही है कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार (12 दिसंबर) सुबह हुआ।

बच्ची के साथ रेप के बाद मर्डर की घटना सामने आयी है, इसमें अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है, अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। – रोशन कुमार, SP

ट्यूशन पढ़कर छोटे भाई को लेने गई थी

पोस्टमार्टम पर मौजूद बच्ची के पिता ने कहा कि उनकी बच्ची शाम को सात बजे के आसपास अपनी ट्यूशन पढ़कर सौ मीटर की दूरी पर अपने छोटे भाई को ट्यूशन से लेने गई। इस दौरान ही वे लापता हो गई। दोनों बहन-भाई ट्यूशन पढ़कर शाम को घर आते थे, ये ट्यूशन पड़ोस के गांव में थी। उन्होंने कहा कि “मेरी बेटी का रेप करके उसका गला दबाया गया है।”

बेटी पढ़ाओ का नारा… देने वाली सरकार कहां है?

पोस्टमार्टम हाउस पर खड़ी एक महिला ने मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों के सामने सवाल उठाया कि सरकार कहती है कि “बेटी पढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ..और ये बच्ची पढ़ने जाते हुए ही इस तरह मार दी गई, आखिर सरकार कहां है?” पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजनोें ने यह इकट्ठा होकर विरोध जताने की भी कोशिश की, हालांकि प्रशासन के कार्रवाई के आश्वासन पर वे घर चले गए।

झाड़ियों में मिला बच्ची का शव

जब बच्ची अपने भाई को लेने उसकी कोचिंग नहीं पहुंची तो उसे ढूंढा जाना शुरू हुआ। बच्ची का शव उसके गांव में ही झाड़ियों के पास मिला। पिता ने कहा कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था।

बच्ची से रेप किया फिर हत्या : सिविल सर्जन

इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर मणिराज रंजन ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना का पुष्टि किया है। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म के बाद ही शायद बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई है, जिसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलासा होगा। उन्होंने दुष्कर्म को लेकर समाज में जागरूकता की जरूरत को पर भी जोर दिया और कहा कि ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा देकर सामाजिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए। ताकि ऐसी मानसिकता वाले लोग इस तरह का कदम उठाने से पहले सौ बार सोचें।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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