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रिपोर्टर की डायरी

बांका (बिहार) : ड्राइवर की जगह हेल्पर चला रहा था ट्रक, दारोगा ने रोका तो कुचलकर मार डाला

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ड्यूटी के दौरान ट्रक की चपेट में आ गए दारोगा पुरेंद्र सिंह
ड्यूटी के दौरान ट्रक की चपेट में आ गए दारोगा पुरेंद्र सिंह
  • बांका में रात्रि गश्ती के दौरान SI को ट्रक ने कुचल डाला, रुकवाने की कोशिश कर रहे थे।
  • बांका के पंजवारा थाने में तैनात थे दारोगा पुरेंद्र सिंह, घटना से पुलिस महकमे में शोक।
  • रात में तेज रफ्तार ट्रकों से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन कब लेगा ऐक्शन?

बांका | दीपक कुमार

बिहार में तेज रफ्तार ट्रकों के चलते आम लोगों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले हर दिन सामने आते हैं पर इन पर प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता। 7 जनवरी को बांका जिले में नाइट ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा को ऐसे ही एक बेलगाम ट्रक ने कुचल डाला। हैरानी की बात यह है कि पुलिस जांच में पाया गया कि घटना के समय ट्रक को ड्राइवर नहीं, उसका हेल्पर (खलासी) चला रहा था।

ड्यूटी के दौरान इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सब इंस्पेक्टर का नाम पुरेंद्र कुमार सिंह है जो बांका के पंजवारा थाने में तैनात थे। पंजवारा थाना अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस दल ने संकट मोचन चौक के पास एक ट्रक को रुकने का इशारा किया। लेकिन ट्रक चलाने वाले ने इशारे की अनदेखी की और ट्रक नहीं रोका। इस पर SI पुरेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस वाहन से नीचे उतरे और ट्रक रुकवाने की कोशिश करने के दौरान ट्रक की चपेट में आ गए।

घटना होते ही मौके पर मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने ट्रक को भागकर पकड़ लिया। साथ ही, SI पुरेंद्र कुमार सिंह को अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना पर बांका के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र वर्मा भी मौके पर पहुंचे।  इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक है। 

मृतक दारोगा के भाई अमरेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि उनके भाई का परिवार अभी झारखंड के देवघर में रहता है, मौत की सूचना के बाद भाई की पत्नी, दो बेटियां और बेटा गहरे दुख में हैं। मृतक SI पुरेंद्र कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे।

ट्रक को रुकवाने के दौरान हुई दारोगा की मौत की इस घटना ने एक बार फिर उस समस्या की गंभीरता सामने ला दी है, जिससे रात में सफर करने वाले आम लोग हमेशा आशंकित रहते हैं।

यह हादसा बिहार की सड़कों पर रात में तेज रफ्तार ट्रकों से होने वाले खतरों को एक बार फिर उजागर करता है। साथ ही, यह घटना पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल उठाता है।  अब देखना होगा कि ऐसी घटनाओं से क्या प्रशासन ओवरलोडेड और अनधिकृत चालकों पर सख्ती करेगा?  

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।