रिपोर्टर की डायरी
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम सिस्टम के खिलाफ बक्सर की सड़कों पर कौन उतरा?
- बक्सर में सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम सिस्टम के विरोध में निकाला मार्च।
- राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के UGC पर आए फैसले पर असहमति जतायी।
- यूजीसी के समता नियम लागू करने व जजों की नियुक्ति पारदर्शी बनाने की मांग।
(note – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर जाएं।)
बक्सर | अमीषा कुमारी
बिहार के बक्सर जिले में सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम सिस्टम के खिलाफ विपक्षी राजनीतिक दलों ने रैली निकाली और इस व्यवस्था को खत्म किए जाने के नारे लगाए। ये अपनी तरह का खास विरोध प्रदर्शन जिले के SC/ST मोर्चा की ओर से कराया गया। यह प्रदर्शन हाल में सरकार की ओर से लागू UGC समता नियमों को लेकर हुए विरोध और फिर सुप्रीम कोर्ट की इस मामले पर त्वरित सुनवाई के बाद इसे रोके जाने के आदेश को लेकर हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि यूजीसी की ओर से हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए लाए गए समता कानून को दोबारा लागू किया जाए। यह रैली बक्सर के किला मैदान से शुरू होकर आंबेडकर चौक तक निकाली गई। इसमें मुख्य रूप से भाकपा (माले) से डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा, बसपा से बक्सर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अभिमन्यु कुशवाहा और कांग्रेस पार्टी के नेता मौजूद रहे।
विरोध जता रहे नेताओं ने कहा कि यूजीसी के समता नियम की गलत व्याख्या करके इसे वापस करवाया गया, इसको लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रूख से असहमति जतायी और कहा कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कॉलेजियम सिस्टम हटाया जाए।
रिपोर्टर की डायरी
सहरसा (बिहार) : पोस्टमार्टम हाउस में बोन कटर तक नहीं, गोली लगे शव को करना पड़ता है रेफर
- शव की सिलाई के लिए धागा तक उपलब्ध नहीं, कोई आधुनिक सुविधा नहीं।

सहरसा का पोस्टमार्टम हाउस जर्जर हालत में है।

मॉडल सदर अस्पताल परिसर में स्थित है पोस्टमार्टम हाउस
गोली लगे शव को करना पड़ता है रेफर
डीप फ्रीजर न होने से समस्या
“एक्सरे मशीन और डीप फ्रीजर के लिए विभाग को लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है। फिर से पत्र लिखा जाएगा।”
चुनावी डायरी
KC Tyagi : नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न मांगा, फिर JDU छोड़ी, अब RLD से जुड़ गए
- जदयू में शुरुआत से जुड़े थे केसी त्यागी, हाल में दिया था पार्टी से इस्तीफा।
नई दिल्ली | नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) की स्थापना से उनके साथी रहे वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) का दामन थाम लिया है।
नीतीश कुमार और केसी त्यागी का साथ पांच दशक पुराना है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न दिए जाने की मांग की थी, फिर कुछ दिन बाद ही पार्टी से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था।

केसी त्यागी पांच दशक से नीतीश कुमार के सहयोगी रहे हैं और वे उन्हें अंतिम सोशलिस्ट नेता बताते रहे हैं।
केसी त्यागी ने रालोद प्रमुख व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में उनकी पार्टी ज्वाइन की है। गौरतलब है कि जदयू की तरह ही रालोद भी NDA का हिस्सा है। यूपी मेें उसका भाजपा के साथ गठबंधन है।
उन्होंने भविष्य में चुनाव लड़ने के सवाल पर इनकार करते हुए कहा है कि वे पहले ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रह चुके हैं।
त्यागी बोले- ‘RLD व JDU में कोई फर्क नहीं’
चरण सिंह के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू की

चौधरी चरण सिंह के साथ केसी त्यागी (तस्वीर, साभार – https://charansingh.org/)
केसी त्यागी ने कहा कि “मैंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरएलडी से ही की थी, हम मिलकर चौधरी चरण सिंह का बचा हुआ सपना पूरा करेंगे।”
दरअसल, पूर्व सांसद केसी त्यागी ने भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू की थी। चौधरी साहब के निधन बाद छोटे चौधरी अजित सिंह तथा केसी त्यागी की राहें जुदा हो गईं।
त्यागी सपा में गए फिर जदयू से जुड़े
केसी त्यागी मुलायम सिंह यादव की सपा के साथ चले गए और लंबे समय तक सपा के साथ कदमताल की। सपा में अमर सिंह का प्रभाव बढ़ने तथा उनसे वैचारिक मतभेद होने से सपा छोड़कर वे नीतीश कुमार के साथ चले गए।
जहां से उन्होंने हाल में इस्तीफा दिया।
यूपी चुनाव से पहले चौधरी परिवार में वापसी

दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में केसी त्यागी ने रालोद की सदस्यता ली। (तस्वीर – FB/JayantRLD)
अब 36 साल बाद केसी त्यागी की वापसी चौधरी परिवार में हो रही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि केसी त्यागी की वापसी से पश्चिम उप्र को गाजियाबाद व बागपत समेत पश्चिम उप्र में विधानसभा चुनाव 2027 के लिए मजबूती मिलेगी।
दरअसल, भाजपा से गठबंधन के बाद होने के बाद रालोद से छिटके मुस्लिमों की भरपाई के लिए जयंत चौधरी, गुर्जर, ब्राह्मण व त्यागी समाज समेत पिछड़ों और अनुसूचित जाति के लोगों को अपनी पार्टी से जोड़ने को निरंतर प्रयासरत हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में केसी त्यागी ने चौधरी चरण सिंह को समर्पित किताब ‘संकट की खेती’ का विमोचन जयंत चौधरी से कराया था, फिर वे पार्टी में शामिल हो गए।
रिपोर्टर की डायरी
सुपौल (बिहार) : थाना परिसर के बंद पड़े बाथरूम में लटका मिला महिला कांस्टेबल का शव
सुपौल, बिहार | मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम
बिहार के सुपौल जिले में थाना परिसर के एक न इस्तेमाल होने वाले बाथरूम में एक महिला कांस्टेबल का शव फंदे पर लटका मिला है। घटना की सूचना मिलते ही कोसी रेंज के डीआईजी कुमार व एफएसएल टीम मौके पर पहुंची।
उल्लेखनीय है कि मृतक कांस्टेबल रितु कुमारी की ड्यूटी ईद और रामनवमी पर्व को लेकर किशनपुर थाना में लगाई गई थी, जहां उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है।
घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट और कुछ लिखित दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। मृतिका का मोबाइल फोन भी उनकी जेब से मिला है।
यह घटना जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हुई जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मृतिका की पहचान भोजपुर जिले के पटखैली गांव निवासी रितु कुमारी के रूप में हुई है। वह मुजफ्फरपुर जिला बल में तैनात थीं और वर्तमान में सुपौल के भीमनगर स्थित बीएमपी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थीं।
घटना किशनपुर थाना परिसर स्थित ब्लॉक परिसर के सभा भवन की बताई जा रही है, जहां एक बाथरूम में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला।
बताया जा रहा है कि जिस बाथरूम में शव मिला, वह नियमित उपयोग में नहीं था और उसमें चुनाव से संबंधित सामग्री रखी हुई थी। इस कारण घटना और भी संदिग्ध मानी जा रही है।
किशनपुर थाना अध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का खुलासा किया जाएगा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांस्टेबल रितु कुमारी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थीं। यह भी जानकारी सामने आई है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन साथियों ने समय रहते उन्हें बचा लिया था।
मृतिका के भाई रोहित कुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे विभाग की ओर से फोन कर उनकी बहन की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनकी मृत्यु की खबर मिली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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