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दुनिया गोल

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच पहली बार ट्रंप ने किया मोदी को फोन, जानिए क्या बात हुई?

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली | भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है। यह जानकारी पीएम मोदी ने ट्वीट करके दी है।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच यह पहला मौका है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री से वार्ता की है।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा –

“राष्ट्रपति ट्रंप का फ़ोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर अच्छी बातचीत हुई। भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। यह ज़रूरी है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ खुला, सुरक्षित और सबके लिए उपलब्ध रहे, क्योंकि यह पूरे विश्व के लिए अहम है। हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों पर संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।”

साथ ही, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्ज़ियो गोर ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। दोनों ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खुला रखने पर भी बात हुई।”

गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि ‘होर्मुज़ स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य’ है।

दूसरी ओर, ट्रंप ने नेटो सदस्य देशों व चीन से होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए मदद मांगी है लेकिन अभी तक मदद के लिए कोई देश आगे नहीं आया है।

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दुनिया गोल

बांग्लादेश : ईद की छुट्टी से लौट रहे यात्रियों वाली बस पद्मा नदी में 80 फीट तक डूबी

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फेरी पर चढ़ने के दौरान पद्मा नदी में गिरती यात्रियों से भरी बस (साभार- X)

नई दिल्ली | बांग्लादेश में एक यात्री बस फेरी पर चढ़ाए जाने के दौरान पद्मा नदी में गिर गई जिससे बड़ा हादसा हो गया। अब तक 18 यात्रियों के शव मिले हैं जिसमें बच्चे भी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है कि हादसे के समय मौके पर लोग बस को नदी में डूबता देख स्तब्ध रह गए लेकिन कोई कुछ न कर सका।

हादसे में और भी यात्रियों की मौत की संभावना जतायी जा रही है क्योंकि बस नदी में 80 फीट तक डूब गई है। सेना के साथ मिलकर बचाव दल लापता लोगों को ढूंढ रहा है। यह हादसा बुधवार (25 march) शाम पांच बजे हुआ।

हादसे के दौरान स्तब्ध रह गए लोग और मौके पर पहुंचा रेस्क्यू वाहन।

बांग्लादेश की समाचार वेबसाइट bdnews24 के मुताबिक, बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे, जिसमें से 5-7 लोगों ने तैर कर जान बचा ली।

अधिकारियों ने बताया कि बस ढाका जा रही थी। इसमें सवार कई यात्री ईद की छुट्टियां खत्म कर राजधानी लौट रहे थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।

हादसा राजबाड़ी जिले में दाउलादिया टर्मिनल पर हुआ। हादसे के समय बस नदी पार करने के लिए फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ रही थी और इसी दौरान ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और बस सीधे नदी में जा गिरी।

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अमेरिका की 15 शर्तों के जवाब में ईरान ने रख दीं 5 शर्तें; बोला- ‘युद्ध हमारी शर्तों पर ही खत्म होगा’

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नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को रोकने के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना सौंपी है। पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए यह योजना ईरान को दी गई है।

यह दावा एसोसिएट प्रेस ने एक अधिकारी के हवाले से किया है। दूसरी ओर, अमेरिका के इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए ईरान ने अपनी 15 शर्तें अमेरिका के सामने रख दी हैं।

अमेरिका की 15-सूत्रीय शर्तें

  1. 30 दिनों का युद्धविराम।
  2. नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो में ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना।
  3. भविष्य में कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
  4. ईरान की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की स्थायी प्रतिबद्धता।
  5. संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना।
  6. ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे की IAEA द्वारा पूर्ण निगरानी और देश के भीतर यूरेनियम संवर्धन पर रोक।
  7. क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान का समर्थन समाप्त करना।
  8. क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों को रोकना।
  9. होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना।
  10. ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों को हटाना और संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक’ तंत्र को समाप्त करना।
  11. ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए अमेरिका का समर्थन।
  12. ईरान को घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) रोकने के लिए कहा गया है।
  13. ईरान की मिसाइलों की संख्या और उनकी रेंज सीमित करने की मांग की है।
  14. बिजली उत्पादन के लिए सहयोग देने की भी पेशकश की है।
  15. संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक मैकेनिज्म’ को समाप्त करने का वादा किया गया।

इससे पहले अमेरिका की ओर से आए प्रस्ताव की हंसी बताने हुए ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि “ऐसा लगता है कि अमेरिका अब इस स्थिति में पहुंच गया है कि खुद से ही बातचीत कर रहा है।”

गौरतलब है कि ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ उनकी बातचीत चल रही है।

ईरान ने ट्रंप के सामने रख दीं 5 शर्तें

ईरान ने अमेरिका के सामने पांच शर्तें रखी हैं और उसका कहना है कि पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध अमेरिका की शर्तों पर नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही समाप्त होगा।

  • हमले और हत्या की घटनाएं बंद हों।
  • सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो।
  • दोबारा युद्ध ना हो, ठोस तंत्र बने।
  • युद्ध नुकसान की भरपाई, मुआवजा तय हो।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।

ईरान की ओर से जारी शर्तें।

ईरान वार्ता के प्रस्ताव पर कर रहा संदेह

ईरान बातचीत के इन अमेरिकी प्रस्तावों को संदेह से देख रहा है क्योंकि अमेरिका अभी भी पश्चिम एशिया में अपने और सैनिक भेज रहा है।

इससे पहले दो बार उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान ही ईरान पर हमले हो चुके हैं।

28 फरवरी को मौजूदा संघर्ष की शुरुआत के दौरान भी ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही थी। फिलहाल, ईरान ने किसी भी बातचीत का हिस्सा होने से इनकार किया है।

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ट्रंप ने ईरान हमले के लिए अपने रक्षा सचिव पर ही फोड़ा ठीकरा

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नई दिल्ली | ईरान युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश कर जाने के बाद भी अमेरिका यह तर्क नहीं दे सका है कि आखिर उसने अचानक ईरान पर हमला क्यों किया था। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा बयान ने इस अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।

ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान पर हमले को लेकर उन्हें सबसे पहले प्रेरित किया। ट्रंप ने कहा कि पीट ने उनसे कहा था कि ‘चलो इसे करके देखते हैं।’

साथ ही कहा है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस कदम को लेकर कम उत्साहित थे।

इस दावे पर हेगसेथ और वेंस दोनों के ही ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ट्रंप प्रशासन के भीतर से युद्ध को लेकर बदलते स्पष्टीकरणों की कड़ी में यह राष्ट्रपति ट्रंप की नवीनतम टिप्पणी है।

‘हमले के लिए कहने वाले पीट पहले व्यक्ति थे’

सोमवार को टेनेसी राज्य में एक राउंड टेबल बैठक के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ उन पहले लोगों में शामिल थे जिन्होंने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष में तर्क दिया था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, –

“पीट (हेगसेथ), मुझे लगता है कि आप सबसे पहले यह कहने वाले व्यक्ति थे कि चलिए यह (ईरान पर हमला) करते हैं क्योंकि उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दिया जा सकता।”

बता दें कि ईरान युद्ध में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, ट्रंप प्रशासन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। वे अमेरिकी कार्रवाइयों की जानकारी देते हैं। साथ ही युद्ध की आलोचनाओं का भी खंडन कर चुके हैं।

ट्रंप बोले- ‘अपने वरिष्ठ अफसरों से सलाह ली’

ट्रंप ने यह बताया कि हमले से पहले उन्होंने अपने कई वरिष्ठ लोगों से फोन पर बात की। उन्होंने कहा,

“मैंने पीट (हेगसेथ) को फोन किया। मैंने जनरल केन (संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ) को फोन किया। मैंने अपने कई महान लोगों को फोन किया। मैंने कहा कि मिडिल ईस्ट में हमारे सामने एक समस्या है। या तो हम रुक सकते हैं या फिर मिडिल ईस्ट की एक छोटी सी यात्रा (हमला) कर सकते हैं और एक बड़ी समस्या (ईरान) को खत्म कर सकते हैं।”

गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि ट्रंप प्रशासन में ईरान युद्ध को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन में नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के प्रमुख जो केंट पहले ही युद्ध से अहमति जताते हुए इस्तीफा दे चुके हैं।

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