प्रदेश रिपोर्ट
सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज में मधेपुरा मेडिकल छात्रों का हंगामा, जानिए क्या है पूरा मामला
सहरसा | मुकेश कुमार सिंह
सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर मंगलवार को मधेपुरा मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि “उनके फाइनल ईयर के एक साथी छात्र के साथ परीक्षा के दौरान अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया और उसे जबरन परीक्षा देने से रोक दिया गया।”
हंगामे की सूचना मिलते ही सदर पुलिस और अंचलाधिकारी (CO) ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। यह प्रदर्शन पेपर खत्म होने के बाद हुआ।
वॉशरूम से लौटते ही छिना पेपर
प्रदर्शन करने वाले छात्र व छात्राएं MBBS के पांचवें वर्ष (2021 बैच) के हैं। मंगलवार को इस बैच की ‘मेडिसिन पेपर-1’ की परीक्षा थी। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा के छात्र मोहम्मद अब्दुल्ला को पेपर के दौरान नकल करने की कोशिश के आरोप में पेपर देने से रोक दिया गया।
छात्र मोहम्मद अब्दुल्ला का कहना है कि
“वह इंविजीलेटर से अनुमति लेकर वॉशरूम गए थे, वापस लौटने पर जब वह अपनी सीट के पास खड़े होकर कुछ याद कर रहे थे, तभी एक अन्य छात्र से उनकी सामान्य बातचीत हुई। जिसे इंविजीलेटर ने नकल मान लिया। बिना किसी ठोस सबूत के उसका प्रश्नपत्र छीन लिया गया और उसे परीक्षा से बाहर कर दिया गया।”
“एक साल हो जाएगा बर्बाद” – सीसीटीवी फुटेज की मांग
छात्र अब्दुल्ला का कहना है कि “उसने अधिकारियों से सीसीटीवी फुटेज चेक करने की मिन्नतें कीं, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी।”
उनका कहना है कि “उन्होंने टीचर से यहां तक कहा कि अगर उन्हें दोषी माना जा रहा है तो उनका कुछ समय काट लिया जाए या प्रिंसिपल के चेंबर में बैठाकर परीक्षा ली जाए, ताकि उसका कीमती एक साल बर्बाद न हो।”
छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र पर मौजूद कर्मियों ने उसके साथ रूखा व्यवहार किया और करियर खराब करने की धमकी दी।

हंगामा बढ़ने पर पुलिस बुलाई गई।
हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला
घटना की जानकारी मिलते ही मधेपुरा मेडिकल कॉलेज के अन्य छात्र एकजुट होकर इंजीनियरिंग कॉलेज के गेट पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंचे सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि “फिलहाल स्थिति को शांत कराया जा रहा है।” उन्होंने कहा,
“प्रथम दृष्टया किसी गंभीर आरोप की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी। अधिकारियों और छात्रों, दोनों पक्षों से बात कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।”

