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रिपोर्टर की डायरी

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान – अगले 15 दिनों में बैन होंगे अवैध डीजे

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बिहार में मॉडिफाइड डीजे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बिहार में मॉडिफाइड डीजे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
  •  परिवहन विभाग के सचिव ने सभी जिलों के डीटीओ व एमवीआई को दिए सख्त निर्देश

पटना |

बिहार में सहालग शुरू होते ही सरकार की ओर से एक बड़ा निर्देश जारी किया गया है जिसमें अगले 15 दिनों के अंदर विशेष अभियान चलाकर मॉडिफाइड डीजे बंद होंगे। शादियों के सीजन में तेज आवाज वाले अवैध डीजे के चलते आम लोग खासा परेशान रहते हैं, इसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि 15 दिनों के भीतर बिना अनुमति के संशोधित डीजे गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। अब इस दिशा में तेजी से कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके लिए सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों (डीटीओ) एवं मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

इस अभियान के तहत मोडिफाइड और बिना अनुमति वाले डीजे वाहनों की जांच, चालान काटने और जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आदेश के अनुसार, बिना पंजीकरण या अनुमति के डीजे सिस्टम लगाने, वाहनों में संरचनात्मक बदलाव करने या अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालो पर सख्त जुर्माना लगाया जा रहा है।

रद्द हो सकता है लाइसेंस

सचिव ने चेतावनी दी है कि यह कदम मुख्य रूप से ध्वनि सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और शादी-बारात में होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए उठाया गया है। पटना और अन्य जिलों में सैकड़ों डीजे संशोधित वाहन पकड़े जा चुके हैं। जो लोग अपने वाहनों को कमर्शियल इस्तेमाल के लिए पंजीकृत कराते हैं और बाद में उसे मॉडिफाइड डीजे सिस्टम लगवा देते हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

क्या है नियम

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत बिना अनुमति संरचना परिवर्तन प्रतिबंधित है। इसके अलावा धारा 55 (5) एवं 182 (ए) के अंतर्गत ऐसे वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दंड भी लगाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई हो सकती है। गाड़ी में किसी भी तरफ मोडिफाइड डीजे लगाने पर आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, ऐसे वाहनों के माध्यम से निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि या अन्य प्रकार का प्रदूषण फैलाए जाने पर प्रदूषण संबंधी प्रावधानों के तहत 2 हजार रुपये का चालान किया जाता है।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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