रिपोर्टर की डायरी
FSL रिपोर्ट में खुलासा- पटना में नीट छात्रा के कपड़ों से मिला था स्पर्म, इन पुलिसकर्मियों पर हुआ ऐक्शन
- 24 जनवरी की देर रात प्रेस रिलीज जारी करके पुलिस ने FSL रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की।
पटना |
पटना के एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदेहास्पद स्थिति में बेहोश होने और फिर अस्पताल में मौत के मामले में एक बार फिर साबित हो गया है कि उसके साथ रेप हुआ था।
छात्रा की मौत की फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की के कपड़ों में मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं। पटना पुलिस ने 24 जनवरी की देर रात प्रेस रिलीज जारी करके यह जानकारी दी। रेप की पुष्टि के बाद छात्रा के परिजनों ने कहा है कि वे रविवार की दोपहर तीन बजे प्रेसवार्ता करेंगे।
स्पर्म का मिलान आरोपियों के डीएनए से होगा
प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि छात्रा ने कथित तौर पर घटना के समय जो अंडर गार्मेंट पहने थे, उनमें से एक में मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं। इसकी डीएनए प्रोफाइलिंग की जा रही है। फिर इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों और ऐसे संदिग्ध लोगों के डीएनए से इसका मिलान कराया जाएगा, जिन्हें एसआईटी ने चिह्नित किया है।
जांच में लापरवाही के लिए थाना प्रभारी, SI सस्पेंड
इस पूरे मामले में पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे, पुलिस लगातार रेप की संभावना से इनकार करती रही और दावा करती रही कि छात्रा ने सुसाइड किया था। अब इस मामले में रेप की पुष्टि होने के बाद पहली बार निलंबन की कार्रवाई हुई है। पटना के चित्रगुप्तनगर थाना की प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं के सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को निलंबित कर दिया गया है। चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में ही वह हॉस्टल पड़ता है, जहां रहकर छात्रा पढ़ रही थी।
एक नजर में जानिए- कब-कब, क्या-क्या हुआ?
- 5 जनवरी को छात्रा अपने घर से नया साल मनाकर हॉस्टल लौटी।
- 6 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में लड़की बेहोश मिली थी, उसे निजी अस्पताल ले जाया गया।
- 7 जनवरी को पटना के प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां एक डॉक्टर ने बताया कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है।
- 9 जनवरी को पिता ने रेप और मर्डर की आशंका जताकर केस दर्ज कराया।
- 10 जनवरी को प्रभात हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कराकर मेदांता अस्पताल ले जाया गया।
- 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई, इससे पहले वह कोमा में थी, सिर्फ एक बार तीन घंटे के लिए होश में आई थी।
- 13 जनवरी को पुलिस ने प्रेस रिलीज़ में कहा कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हुई।
- 15 जनवरी को पटना के PMCH में हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रा से यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता।
- 17 जनवरी को बिहार DGP ने इस मामले में SIT बनाने की घोषणा की।
- 20 जनवरी को हॉस्टल सील किया गया, जिसको लेकर काफी सवाल खड़े हुए।
- 21 जनवरी को पटना पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सेकंड ओपीनियन लेने के लिए इसे पटना एम्स भेज दिया।
- 24 जनवरी को FSL रिपोर्ट में छात्रा के कपड़े से स्पर्म मिला है।
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खगड़िया में पकड़ौआ विवाह: युवक ने कहा- ‘जबरन शादी कराई’, महिला बोली- ‘हम पहले से प्रेमी थे’
- बिहार में आज भी जबरन कराये जा रहे पकड़ौआ विवाह।
- खगड़िया जिले में एक किसान को गाय खरीदने के बहाने पकड़ा।
- जबरन शादी कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
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मुंगेर (बिहार): पुलिस ने थाने में कराई प्रेमी जोड़े की शादी, परिवार ने लिखा दी थी अपहरण की रपट
- मुंगेर पुलिस ने बालिग प्रेमी जोड़े की शादी थाने में करायी।
- पुलिस और ग्रामीण बने बाराती, इलाके में चर्चा बनी शादी।
- प्रेमी जोड़े ने साबित किया वो बालिग, पुलिस ने शादी करायी।
(नोट – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)
मुंगेर (हवेली खड़गपुर) | प्रशांत कुमार सिंह
अक्सर पुलिस को प्रेमी जोड़े के ऊपर जोर-दबाव बनाते देखा जाता है, पर बिहार के मुंगेर जिले की पुलिस ने मिसाल कायम की है जिससे युवाओं का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा। एक प्रेमी जोड़े की पुलिस थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शादी कराई गई।
यह मामला मुंगेर के हवेली खड़गपुर पुलिस थाने का है, जहां स्थित शिव मंदिर में प्रेमी जोड़े ने सात फेरे लिए। प्रेम विवाह करने वाली युवती का नाम पायल है जो तेघड़ा गांव की रहने वाली है जबकि युवक बृजेश भागलपुर जिले का रहने वाला है। बीती 23 जनवरी को दोनों एक साथ लापता हो गए थे। पायल के पिता अजय शाह का आरोप था कि बृजेश उनकी बेटी का अपहरण करके ले गया है और उन्होंने 28 फरवरी को इस मामले की FIR भी दर्ज करवा दी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी नाबालिग है। इसके बाद खड़गपुर पुलिस लड़की का पता लगाने के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
इसी बीच 2 फरवरी को प्रेमी युगल पुलिस थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि वे बालिग हैं और शादी करना चाहते हैं। पायल ने बताया कि वह अपनी मर्जी से बृजेश के साथ चली गई थी। इस मामले में पुलिस थाना प्रभारी राजेश कुमार ने दोनों परिवारों व कुछ जनप्रतिनिधियों को बुलाकर बात करवाई। फिर आपसी बातचीत और रजामंदी के बाद थाना परिसर के ही मंदिर में दोनों की शादी कराई गई, जिसे देखने के लिए आसपास के लोग भी जुट गए। इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य भी मौजूद रहे।
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बिहार में भोजपुरी रीलों का खतरनाक ट्रेंड: एक हफ्ते में दो महिलाओं की हत्या, परिवार वालो ने रील बनाने के चलते मार डाला
- दरभंगा में रील बनाने वाली पूनम का शव उनके घर पर पड़ा। बेगूसराय में रील क्रिएटर के उसके पति ने मार डाला।
(नोट – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)
बेगूसराय | धनंजय झा
बिहार में भोजपुरी गानों पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन अब यह ट्रेंड महिलाओं की जान लेने लगा है। पिछले एक सप्ताह में राज्य में रील बनाने वाली दो महिलाओं की हत्या हो चुकी है। दोनों मामलों में परिवार और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप है। यह घटनाएं भोजपुरी रीलों से जुड़े झगड़े और सामाजिक विरोध को उजागर कर रही हैं।
दरभंगा –
26 जनवरी को दरभंगा जिले में पूनम नाम की महिला की हत्या हुई। उसका शव ससुराल (सिंघवाड़ा) में मिला। पूनम भोजपुरी गानों पर रील बनाती थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों में पूनम के पति संतोष सहनी, देवर अशोक सहनी, सास सुकुमारी देवी, ननद फुलो देवी और आशा देवी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि रील बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था।
बेगूसराय –
बेगूसराय में एक महिला की हत्या उसके पति ने गोली मारकर की। आरोपी पति ने पहले पुलिस को बताया कि दुश्मनी के कारण किसी ने पत्नी को गोली मारी। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने कबूल लिया कि उसने खुद हत्या की। उसका आरोप है कि पत्नी रील बनाती थी और इंस्टाग्राम पर गुजरात के एक युवक से उसका अफेयर था। बार-बार मना करने पर भी वह मिलने जाती थी, इसलिए उसने हत्या कर दी। पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बढ़ता खतरा और सवाल
भोजपुरी गानों पर डांस करके रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इससे परिवार और समाज में झगड़े, विरोध और अब हत्याएं होने लगी हैं। इन मामलों को महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ-साथ उनके शरीर को कमोडिटी की तरह पेश करने के बढ़ते ट्रेंड के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार को ऐसे कंटेंट पर रोक लगानी चाहिए और सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलानी चाहिए।
जेंडर एंगल –
यह घटनाएं बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना यह है कि सरकार और पुलिस इस पर क्या कदम उठाती है।
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