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रिपोर्टर की डायरी

मुजफ्फरपुर(बिहार): बिजली के लटके तारों के चलते स्कूल का रास्ता बच्ची के लिए बना मौत का रास्ता, कौन जिम्मेदारी लेगा?

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  • सहेलियों संग पैदल स्कूल जा रही थी छात्रा, खंभा गिरते ही मौत।
  • सड़क पर खंभा गिरते ही करंट फैला, तीन अन्य बच्चियां झुलसीं।
  • सड़क पर लटके तारों के लिए बिजली विभाग पर कोई ऐक्शन नहीं।
मुजफ्फरपुर |
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का हाल इतना खराब है कि पैदल स्कूल जा रही एक बच्ची की जान अचानक खंभा गिरने से चली गई। घर से स्कूल जाने को निकलीं सात छात्राओं के ऊपर अचानक बिजली का खंभा गिर गया जिससे एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन बच्चियां गंभीर रूप से झुलस गईं। बिजली के तार नीचे लटकने के चलते एक ट्रक में खिंचते चले गए, जिससे दवाब से पोल अचानक नीचे जा गिरा। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन का विरोध किया। हालांकि अभी तक बिजली विभाग के खिलाफ कोई जवाबदेही तय नहीं हुई है, न ही किसी पर केस दर्ज हुआ है।
स्कूल जाते समय अचानक गिरा खंभा 
मुजफ्फरपुर जिले में शनिवार सुबह यह दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यह घटना सरैया थाना क्षेत्र के बहिलवारा रूपनाथ दक्षिणी पंचायत के शंकर टोला में सुबह करीब 9:30 बजे हुई। यह इलाका मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले की सीमा पर पड़ता है। सभी सातों बच्चियां वैशाली जिले में पड़ने वाले बेलवार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लिए पैदल जा रही थीं। तभी पीछे से गुजर रहे एक अनियंत्रित ट्रक के पिछले हिस्से में ओवरहेड 440 वोल्ट की बिजली का तार फंस गया। तार खिंचने से खंभा टूटकर गिर गया और सीधा विन्ध्याचली पर आ गिरा।
तीन बच्चियां करंट से झुलसीं  
हादसे की जद में तीन अन्य छात्राएं भी आ गईं जो करंट के चलते झुलस गई हैं। इनका नाम रीमा कुमारी, अंशु कुमारी और दिव्या कुमारी है। सरैया थानाध्यक्ष सुभाष मुखिया ने बताया,
“ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है। घायल लड़कियां खतरे से बाहर हैं, मामले की जांच जारी है।
खंभे के पास बच्ची का बस्ता देख बिलख उठे परिजन 
खंभा गिरते ही स्थानीय लोगों ने भागकर बच्चियों को निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने विन्ध्याचली को मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले जब मौके पर पहुंचे तो अपनी बच्ची का स्कूल बैग, बेल्ट और हेयरबैंड खंभे के पास ही पड़ा पाकर बिलख-बिलखकर रोए। उनका कहना है कि सरकार की लापरवाही के चलते उनकी बेटी की मौत हो गई।
बहन बोली- ट्रक आया और सब बदल गया..

हादसे में मरने वाली छात्रा विन्ध्याचली के पिता सुबोध पासवान पंजाब में मजदूरी करते हैं और वह उनकी चार संतानों में दूसरी बेटी थी। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। विन्ध्याचली के साथ बहन श्वेता कुमारी ने रोते हुए कहा, “हम सब साथ जा रहे थे, अचानक ट्रक आया और सब कुछ बदल गया।” प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि ट्रक का पिछला हिस्सा तार में फंसने से खंभा गिरा।

न्याय व मुआवजे की मांग 
 स्थानीय लोग बताते हैं कि इस इलाके में सड़क पर लटकते तार और जर्जर खंभों की शिकायतें महीनों से हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने दोषी ट्रक चालक की गिरफ्तारी और प्रभावित परिवार को मुआवजे की मांग की है। बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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