प्रदेश रिपोर्ट
NEET छात्रा केस : पीड़ित पिता ने सीबीआई पर लगाया जानबूझकर चार्जशीट में देरी का आरोप
जहानाबाद | शिवा केशरी
पटना हॉस्टल नीट छात्रा मामले में सीबीआई की लापरवाही पर जहानाबाद के रहने वाले पीड़ित पिता ने दुख और गुस्सा व्यक्त किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि “सीबीआई ने जानबूझकर 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की।”
उन्होंने कहा कि “सीबीआई 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई जिससे मनीष जैसे दुष्ट को डिफॉल्ट बेल मिल गई।”
पटना के निजी हॉस्टल के मालिक का नाम मनीष रंजन है जो छात्रा से रेप व मर्डर मामले का मुख्य आरोपी है।
मृत छात्रा के पिता ने कहा कि
“सीबीआई अब अदालत से भी बड़ी हो गई है। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम जैसे आम लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।”
बता दें पटना की सिविल कोर्ट ने सीबीआई के जांच अधिकारी पर जांच के आदेश दिए हैं।
हालांकि इस मामले पर सीबीआई की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या है डिफॉल्ट बेल?
कानून के अनुसार (CrPC 167), यदि जांच एजेंसी गंभीर मामलों में 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल नहीं करती, तो आरोपी को जमानत पर रिहा होने का कानूनी अधिकार मिल जाता है।

