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रिपोर्टर की डायरी

पटना NEET छात्रा हत्याकांड: न्याय की पुकार में निकली यात्रा ने 6 जिलों को जोड़ा, सड़कों पर गूंजा- ‘इंसाफ चाहिए’

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नीट छात्रा को न्याय दिलाने के लिए निकाली गई यात्रा का पटना में समापन हुआ।
नीट छात्रा को न्याय दिलाने के लिए निकाली गई यात्रा का पटना में समापन हुआ।
  • नीट आकांक्षी छात्रा हत्याकांड को लेकर निकली न्याय यात्रा।
  • जहानाबाद,  नालंदा, नवादा, गया और अरवल से होते हुए पटना पहुंची।
  • छात्रा की मौत के मामले में जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग।

पटना | प्रीति कुमारी

पटना के हॉस्टल में नीट छात्रा की रेप व हत्याकांड के मामले में मृतिका को न्याय दिलाने की मांग लेकर निकाली गई  ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ का पांच जिलों की यात्रा के बाद पटना में समापन हो गया।

इस यात्रा की शुरूआत 4 फरवरी को जहानाबाद से हुई थी, जहां की रहने वाली नाबालिग छात्रा ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। मेडिकल की पढ़ाई की प्रवेश परीक्षा NEET में अच्छी रैंकिंग पाने के लक्ष्य से वे पटना के निजी हॉस्टल मेें रहकर तैयारी कर रही थी। यह उसका नीट परीक्षा का दूसरा अटेम्प्ट होता, पिछले साल भी उस प्रतिभाशाली छात्रा ने नीट क्लियर कर लिया था लेकिन और बेहतर रैकिंग के लिए उसने एक और साल तैयारी करने का सोचा था। पर वो लक्ष्य हासिल करने से पहले ही वह बीती 11 जनवरी को ऐसी परिस्थितियों में दुनिया छोड़ गई, जो अभी तक गुत्थी बनी हुई है। मौत से पहले छह दिन वह कोमा में थी।

पटना में कांग्रेस ने सड़क प्रदर्शन करके नीट छात्रा के न्याय का मुद्दा उठाया। (साभार - X/INCBihar)

पटना में कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया था, धीरे-धीरे यह राजनीतिक मुद्दा भी बनता चला गया। (फाइल फोटो)

छात्रा की मौत के कारणों को लेकर परिवार को संदेह हुआ क्योंकि पुलिस इसे सुसाइड बता रही थी जबकि लड़की की शरीर की चोटें और एक डॉक्टर के दिए संकेत ने उन्हें आगाह किया कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ था।

इस पूरे मामले पर लड़की का परिवार साहस के साथ न्याय दिलाने के लिए जुटा रहा और धीरे-धीरे सामाजिक सहयोग बढ़ने से पुलिस पर दवाब बना। पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस की थ्योरी गलत है, लड़की के साथ रेप के बाद उसका मर्डर हुआ है।

रेप के बाद मार दी गई छात्रा की मां को जहानाबाद में सांत्वना देते प्रशांत किशोर।

रेप के बाद मार दी गई छात्रा की मां को जहानाबाद में सांत्वना देते प्रशांत किशोर। (फाइल फोटो)

रिपोर्ट आने के बाद फजीहत होने पर पटना पुलिस ने SIT बनाकर जांच शुरू कराई, कुछ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। फिर 31 जनवरी को राज्य सरकार ने घोषणा की कि इस मामले को सीबीआई को सौंपा जाएगा पर अभी तक इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने केस को अपने हाथोें में नहीं लिया है।

तीन फरवरी को मीडिया के सामने पप्पू यादव ने नीट मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के सक्रिय होने की बात कही थी, जो उनकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण माना जा रहा है।

तीन फरवरी को मीडिया के सामने पप्पू यादव ने नीट मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के सक्रिय होने की बात कही थी, जो उनकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण माना जा रहा है। (फाइल फोटो)

नीट आकांक्षी छात्रा की लड़ाई से पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी जुड़ गए और उन्होंने संसद में तक यह केस उठाया। पर इस बीच 6 फरवरी को सांसद की 31 साल पुराने एक केस में नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी कर ली गई।

जंतर-मंतर पर नीट आकांक्षी छात्रा हत्याकांड को लेकर लोग जुटे, इसे 'बिहार की निर्भया' कहा गया। (फोटो - X/@pappuyadavjapl)

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में इस हत्याकांड को ‘बिहार की निर्भया’ कहा गया। (फोटो – X/@pappuyadavjapl)

फिर भी नीट छात्रा के न्याय की लड़ाई नहीं रुकी और 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर में एक बड़ा प्रदर्शन किया गया, जिसमें नीट छात्रा के माता-पिता व आम बिहारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। और फिर अब 10 फरवरी को इसी मामले में आइसा व ऐपवा संगठनों की महिला कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेरने का प्रयास किया।

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जहानाबाद आकर पीड़ित परिवार से मिले।

दवाब पड़ने के बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जहानाबाद जाकर पीड़ित परिवार से मिले थे। (फाइल फोटो)

मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें डाकबंगला चौराहे पर रोक दिया। यहां प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। यह यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर नालंदा, नवादा, गया और अरवल से होते हुए पटना पहुंची थी। यहां प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट एस्पायरेंट स्टूडेंट को न्याय जल्द से जल्द मिलना चाहिए वरना वे प्रदर्शन और तेज कर देंगे।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

प्रदेश रिपोर्ट

जहानाबाद : हॉस्टल में पढ़ रहे 5 साल के बच्चे से कुकर्म के बाद हुई थी हत्या

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  • PMCH की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे से साथ कुकर्म की पुष्टि।
  • 15 दिन पहले ही बच्चे का हुआ था गुरुकुल हॉस्टल में एडमिशन।

जहानाबाद | शिवा केशरी

बिहार के जहानाबाद के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ रहे पांच साल के बच्चे की हत्या से पहले उसके साथ कुकर्म (अप्राकृतिक यौनाचार) हुआ था। इस बात की पुष्टि गुरुवार को पटना के पीएमसीएच से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है।

शहर से सटे कनौदी बाईपास के पास के गुरुकुल छात्रावास में मासूम का दाखिला सिर्फ 15 दिन पहले हुआ था। यहां वह अपने 7 साल के भाई संग रहकर पढ़ रहा था।

जहानाबाद एसपी अपराजित लोहान ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने छात्रावास में रहने वाले कैंटीन के एक गार्ड सुदामा प्रसाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

इसके पहले स्कूल व हॉस्टल के संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

बता दें कि चार दिन पूर्व सोमवार को निजी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाले पांच वर्षीय एक मासूम बच्चा खून से लथपथ मिला था।

उसके गर्दन, पेट, आंख के ऊपर और उसके गुप्तांग पर धारदार हथियार से काटे जाने के कई जख्म पाए गए थे । घटना को लेकर काफी हंगामा मचा था। मृत लड़के के पिता के बयान पर उसकी हत्या किए जाने की प्राथमिकी थाने में दर्ज हुई थी।

जहानाबाद सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए मृत बच्चे के शव को लाया गया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेहतर जांच रिपोर्ट के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेजा था। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से कई सैंपल इकट्ठा किए थे।

पीएमसीएच में तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम गठित कर मंगलवार की सुबह बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराया गया। गुरुवार को यहां उसकी रिपोर्ट आई जिसमें उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की भी पुष्टि हुई। सोडोमी की पुष्टि होने के बाद परिजनों काफी गुस्से में हैं और उन्होंने सख्त से सख्त सज़ा की मांग की है।

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प्रदेश रिपोर्ट

अररिया में सरेआम युवक की गला काटकर हत्या; भीड़ ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला

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लाल रंग के कपड़े पहने (इनसेट) युवक ने चाकू से हत्या कर दी, जिससे मृतक का सिर व धड़ अलग हो गया। भीड़ ने आरोपी को मार डाला।
लाल रंग के कपड़े पहने (इनसेट) युवक ने चाकू से हत्या कर दी, जिससे मृतक का सिर व धड़ अलग हो गया। भीड़ ने आरोपी को मार डाला।
  • बिहार के अररिया में सड़क पर गला काटकर युवक ने हत्या की।
  • फिर आरोपी युवक को भीड़ ने घेरकर पीट-पीटकर मार डाला।
  • गुस्साई भीड़ ने आगजनी भी की, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात।

अररिया | हमारे संवाददाता

बिहार के अररिया जिले में गुरुवार सुबह एक व्यक्ति की सरेआम गला काटकर हत्या कर दी गई, जिसमें युवक का सिर व धड़ अलग-अलग हो गया। इस दृश्य को देखकर प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपी को पकड़ लिया और पीट-पीटकर उसे मार डाला।

इस वीभत्स घटना के बाद गुस्साए लोगों ने फारबिसगंज के सुभाष चौक पर आगजनी भी की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।

मृतक पिकअप चालक जिसकी गला काटकर हत्या कर दी गई।

मृतक अली हुसैन एक पिकअप चालक थे, जिनकी गला काटकर हत्या कर दी गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ठेले पर सत्तू बेचने वाले युवक ने चाकू से एक पिकअप चालक पर हमला किया। फिर उसका गला भी रेत दिया।

यह घटना फारबिसगंज मुख्यालय के मार्केट गेट नंबर-2 के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि झगड़ा ठेले की जगह पर पिकअप लगाने को लेकर हुआ।

ठेले के पास हाथ में चाकू लिए खड़े इस युवक को हत्यारोपी बताया जा रहा है।

ठेले के पास हाथ में चाकू लिए खड़े इस युवक को हत्यारोपी बताया गया, जिसे भीड़ ने मार डाला।

घटना के समय प्रत्यक्षदर्शियों ने जो वीडियो शूट किए हैं, उसमें आरोपी युवक के हाथ में चाकू देखा जा सकता है। खास बात यह भी है कि आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश नहीं की।

निर्मम हत्या को देखकर आसपास के लोगों ने आरोपी को घेरकर पीटा, उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां पुलिस ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के सिर के पास खड़ा हत्यारोपी युवक।

मृतक के सिर के पास खड़ा हत्यारोपी युवक।

मृतक पिकअप चालक की पहचान जोगबनी के अमोना निवासी अली हुसैन के रूप में हुई है। भीड़ की हिंसा में मारे गए हत्यारोपी युवक की पहचान रवि चौहान के रूप में हुई है। जो मटियारी के चौहान टोला का रहने वाला था।

सरेआम मर्डर में मारे गए अली हुसैन व भीड़ की हिंसा में मारे गए रवि चौहान के मामलों की पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इनके बीच पहले से कई झगड़ा तो नहीं था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भीड़ में किसने आरोपी युवक पर जानलेवा हमला किया। फिलहाल इस घटना की चर्चा पूरे बिहार में है।

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प्रदेश रिपोर्ट

आर्थिक अपराध इकाई की जांच के घेरे में लखीसराय के पूर्व DM मिथिलेश मिश्र, जानिए क्या है पूरा मामला?

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लखीसराय में एक साल से अधिक समय तक जिलाधिकारी पद पर रहे मिथिलेश कुमार मिश्र ने लोकप्रियता हासिल की, अब वे जांच के दायरे में आ गए हैं।
लखीसराय में एक साल से अधिक समय तक जिलाधिकारी पद पर रहे मिथिलेश कुमार मिश्र ने लोकप्रियता हासिल की, अब वे जांच के दायरे में आ गए हैं।
  • 7 अप्रैल को जिलाधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्र का हुआ था तबादला।

लखीसराय | गोपाल प्रसाद आर्य

बिहार के लखीसराय के जिलाधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्र का तबादला किए जाने के अगले दिन आर्थिक अपराध शाखा उनके कार्यालय पर पहुंची और उनके कार्यकाल की फाइलें खंगाली गईं।

प्रशासनिक सूत्रों से पता लगा है कि पटना मुख्यालय में मिली लिखित शिकायतों के बाद ईओयू ने यह बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ईओयू की टीम बुधवार की शाम को लखीसराय पहुंची।

EOU की रडार पर 16 महीने का कार्यकाल

मिथिलेश मिश्र का लखीसराय में कार्यकाल लगभग एक साल चार महीने का रहा। वे 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  सूत्रों के अनुसार, ईओयू की टीम आज सुबह जिला कार्यालय पहुंचकर जांच आगे बढ़ाएगी। सूत्रों के मुताबिक, आर्थिक अपराध शाखा की जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-

शस्त्र लाइसेंस की जांच – पिछले एक साल में जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों की फाइलों की गहनता से पड़ताल की जाएगी। इसके लिए डिप्टी कलेक्टर शशि भूषण कुमार से रिकॉर्ड तलब किए जा सकते हैं।

कला-संस्कृति और खेल विभाग-  खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन के विभाग से जुड़े दस्तावेजों, सांस्कृतिक आयोजनों और खिलाड़ियों को दिए गए फंड की कार्यप्रणाली की जांच होगी।

धान अधिप्राप्ति- धान खरीद से जुड़े अहम दस्तावेजों और विकास कार्यों की फाइलों को भी बारीकी से देखा जाएगा।

यह जांच अभियान अगले दो से तीन दिनों तक चलने की संभावना है। इस दौरान वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

तबादले के पीछे की कूटनीति और विवाद

मिथिलेश मिश्र के तबादले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सरकार बनने के महज पांच महीने बाद ही उनका तबादला कर उन्हें पटना सचिवालय की सामान्य शाखा में तैनात कर दिया गया है। इसके पीछे दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं-

डिप्टी सीएम से टकराव: चर्चा है कि लखीसराय के डीएम का स्थानीय मंत्रियों और रसूखदारों के साथ तालमेल सही नहीं था। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी नवंबर-25 में वोटिंग के दौरान उन पर अनसुनी करने के आरोप लगाए थे।

नीतीश कुमार का दौरा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लखीसराय आगमन के दौरान हुई कुछ तकनीकी चूकों को भी उनके तबादले की एक वजह माना जा रहा है।

जनता में लोकप्रिय, लेकिन विवादों ने घेरा

एक तरफ जहां उन पर जांच की तलवार लटकी है, वहीं लखीसराय की जनता के बीच उनकी छवि एक ‘काम करने वाले अधिकारी’ की रही है। उनके कार्यकाल में बालगुदर गांव का 30 साल पुराना हिंदू-मुस्लिम जल विवाद सुलझाया गया।

उनके कार्यकाल में लाल पहाड़ी के ऐतिहासिक धरोहर को पहचान दिलाई गई। केंद्रीय विद्यालय के पास बाईपास सड़क का निर्माण शुरू हुआ। शहर के सौंदर्यकरण और म्यूजियम को आधुनिक रूप देने में उनकी अहम भूमिका रही।

इसके अलावा उनके कार्यकाल में फिल्म फेस्टिवल, लखीसराय फेस्टिवल, महिला फुटबॉल खेल आदि उल्लेखनीय कार्यक्रम हुए। इसमें लखीसराय फेस्टिवल का नाम ‘लक्खीसराय फेस्टिवल’ किए जाने को लेकर भी विवाद उपजा था।

फिलहाल लखीसराय का प्रभार पड़ोसी जिले के जिलाधिकारी को सौंपे जाने की चर्चा है।

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