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प्रदेश रिपोर्ट

सासाराम (बिहार) : मेडिकल कर्मियों के लिए बने 60 फ्लैटों में खुला ‘तबेला’, करोड़ों का प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा

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60 फ्लैट वाले इस आवासीय परिसर में जानवर बांधे जा रहे हैं, ये परिसर मेडिकल कर्मियों के रहने के लिए बनाया गया था।
60 फ्लैट वाले इस आवासीय परिसर में जानवर बांधे जा रहे हैं, ये परिसर मेडिकल कर्मियों के रहने के लिए बनाया गया था। (तस्वीर - रोहतास संवाददाता)
  • रोहतास जिले में 40 करोड़ की लागत से बना भवन तबेला बना।
  • मेडिकल कर्मियों को एक ही परिसर में रहने के लिए बने थे फ्लैट।
  • 60 फ्लैट वाले आवासीय प्रोजेक्ट का हैंडओवर कई साल से अटका।

सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव

रोहतास जिले के मुख्य चिकित्सा केंद्र (सदर अस्पताल) में भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है। मेडिकल कर्मियों को 24 घंटे अस्पताल परिसर में उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई 60 फ्लैटों की बड़ी बिल्डिंग आज मवेशियों का अड्डा और नशेड़ियों की शरणस्थली बन चुकी है।

बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) ने करीब 8 साल पहले 40 करोड़ रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी।

इस प्रोजेक्ट का काम 90% पूरा हो चुका है लेकिन एजेंसी व ठेकेदार के बीच ‘कमीशन’ और ‘अनियमितताएं’ के फेर में हैंड-ओवर अधर में लटका है।

एक स्थानीय निवासी राहुल कुमार ने कहा कि “ये पूरा इलाका तबेला बन चुका है। जहां डॉक्टरों को रहना था, वहां लोग गाय-भैंस बांध रहे हैं।”

इस बारे में सासाराम के सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि जब से उन्होंने यहां का चार्ज संभाला है, तब से वे इस मामले में कई बार पत्राचार कर चुके हैं। उन्होंने कहा-

“हम तो चाहते हैं कि ये बिल्डिंग जल्द हैंडओवर हो, हमने समय-समय पर वहां की सफाई आदि भी करवाई है। लोकल लोग वहां अपने जानवर बांध रहे हैं। हमने जनप्रतिनिधि उपेंद्र कुशवाहा की डायरी में भी ये मुद्दा लिखवाया था। आगे भी अपने स्तर पर प्रयास जारी रखेंगे।” 

 

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