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बिना सबूत डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘प्राइमरी स्कूल पर हमला खुद ईरान ने किया था’

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली | ईरान के मीनाब शहर के गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर हुई हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह हमला ईरान या अन्य किसी देश ने किया होगा।

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सोमवार को ईरानी स्कूल पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी को लेकर सवाल पूछा गया था। इस हमले में 168 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 110 स्कूली बच्चियां शामिल हैं। इन बच्चियों को सामूहिक कब्र बनाकर दफनाया गया था। इस हमले को संभावित रूप से अमेरिकी हमला माना जा रहा है।

ईरान में सामूहिक कब्र बनाकर बच्चियों को दफन किया जा रहा।

ईरान में सामूहिक कब्र बनाकर बच्चियों को दफन किया गया।

इस हमले में इस्तेेमाल हुई टॉमहॉक मिसाइल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- “यह मिसाइल अमेरिका में बनती है लेकिन इसका इस्तेमाल कई देश करते हैं, जिनमें ईरान भी शामिल है।”

इस पर एक अमेरिकी पत्रकार ने सवाल पूछा – राष्ट्रपति ट्रंप आपके कहने का मतलब है कि ईरान ने युद्ध के पहले दिन ही किसी तरह अपने प्राथमिक स्कूल पर खुद ही हमला कर दिया! आपके प्रशासन में आखिर आप ही अकेले व्यक्ति क्यों हैं जो ऐसा कह रहे हैं?

इस पर ट्रंप ने कहा कि “मुझे इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है, हमले की जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट जो भी बताएगी, मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।”

बता दें कि ईरानी स्कूल में जान गंवाने वाली बच्चियों की उम्र 7 से 12 साल के बीच थी। ट्रंप पहले भी बिना सबूत कह चुके हैं कि ईरान ने ऐसा हमला युद्ध में वैश्विक हमदर्दी बटोरने के लिए किया होगा।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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ईरान के साथ युद्ध पर ट्रंप बोले- ‘राष्ट्रपति पुतिन मददगार बनना चाहते हैं’

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By Kremlin.ru, CC BY 4.0, Link
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की रूसी राष्ट्रपति के साथ संबंध की रणनीति लगातार बदलती रही है। (तस्वीर - विकिमीडिया)
  • इस साल में पहली बार अमेरिकी व रूसी राष्ट्रपति के बीच फोन वार्ता हुई।

नई दिल्ली |  रूसी राष्ट्रपति पुतिन, अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध को खत्म करने में भूमिका निभाना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (9 march) को ऐसा दावा किया है।

ट्रंप ने कहा कि उनकी रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक घंटे लंबी फोन वार्ता हुई। इसमें पुतिन ने उन्हें ऐसा ऑफर दिया।से कहा कि वे ईरान युद्ध को खत्म करने में मदद करना चाहते हैं।

ट्रंप ने बताया कि इस फोन वार्ता में यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर भी चर्चा हुई।

ट्रंप ने पुतिन को क्या जवाब दिया?

समाचार एजेंसी रॉयर्टर्स के मुताबिक, ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि उन्होेंने पुतिन के ‘मदद’ के ऑफर के जवाब में उनसे कहा कि “अगर आप यूक्रेन का युद्ध ख़त्म कराने में मदद करें तो वह ज़्यादा मददगार होगा।”

बोले- ‘युद्ध खत्म होता नहीं दिख रहा’

साथ ही ट्रंप ने पत्रकारों से यह भी कहा कि “यूक्रेन यूक्रेन का युद्ध ऐसा संघर्ष है जो ख़त्म होता नहीं दिख रहा है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के बीच गहरी दुश्मनी है और वे किसी समझौते पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।”

हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर भी पुतिन के साथ हुई फोन वार्ता को सकारात्मक माना।

पुतिन से वार्ता के मायने समझिए

  • गौरतलब है कि इस साल पुतिन व ट्रंप के बीच यह पहली फोन वार्ता है और यह ऐसे समय में हुई है जब रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिका ने रूख नरम किया है।
  • दूसरी ओर, हाल में अमेरिकी मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि ईरान को रूस खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है जिसके जरिए वह पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर पा रहा है। इन दावों को लेकर ट्रंप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
  • यह भी ध्यान देने योग्य है कि जिस दिन ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात की, उसी दिन राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनाए गए मोजतबा ख़ामेनेई को बधाई दी।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा था, “तेहरान के लिए रूस अपना अटूट समर्थन और ईरानी दोस्तों के साथ एकजुटता को दोहराता है। वादा करते हैं कि हम एक भरोसेमंद साथी बने रहेंगे।”

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अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरानी सुप्रीम लीडर के बेटे बने नए सर्वोच्च नेता

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  • दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को मिली जिम्मेदारी।

नई दिल्ली | अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या हो जाने के एक सप्ताह बाद नए सुप्रीम लीडर चुन लिए गए हैं।

दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को यह जिम्मेदारी दी गई है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब युद्ध अपने 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है और मध्य पूर्व में नए मिसाइल व ड्रोन हमलों की गूंज सुनाई दे रही है।

बीते रविवार (8 march) को ईरान के एक विशेष धार्मिक निकाय के 88 सदस्यों ने सर्वोच्च नेता का चयन किया, फिर सरकारी मीडिया की ओर से इसकी घोषणा की गई। 

इस घोषणा के बाद सांसदों से लेकर विदेश मंत्रालय तक ईरान के विभिन्न संस्थानों और राजनेताओं ने बयान जारी करके नए सुप्रीम लीडर के प्रति निष्ठा जताई, जिसे वहां रहवर नाम से पुकारा जाता है।

रक्षा परिषद के बयान में कहा गया- “हम अंतिम खून की बूंद तक कमांडर-इन-चीफ के आज्ञाकारी रहेंगे।”

ट्रंप बोले- हमारी राय बिना सुप्रीम नेता चुना तो जिंदा नहीं रहेगा

रविवार को ईरान की ओर से नए सुप्रीम लीडर की घोषणा से कुछ घंटे पहले अमेरिकी समाचार मीडिया ABC News को दिए इंटरव्यू में डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था- “अगर ईरान उनकी मंजूरी नहीं लेता है तो ईरान का अगला सुप्रीम लीडर लंबे समय तक नहीं टिकेगा।”

फिर ईरान की ओर से घोषणा होने के बाद इजरायली मीडिया “टाइम्स ऑफ इजरायल” को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कुछ नहीं कहा, वे बस इतना बोले कि “हम देखेंगे कि क्या होता है।”

जंग रोकने का फैसला इजरायल की सहमति से लेंगे

टाइम्स ऑफ इजरायल के इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त करने का फैसला लेने में वे इजरायल के इनपुट को शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनका नहीं होगा बल्कि परस्पर होगा। 

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Crude Oil Price: चार साल में सबसे महंगा हुआ कच्चा तेल, ट्रंप बोले- ‘सुरक्षा के लिए यह छोटी सी कीमत’

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नई दिल्ली|  ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले और ईरान के पश्चिम एशिया में किए जा रहे जवाबी हमले के चलते कच्चे तेल की कीमतों मेें भारी उछाल दर्ज किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड की क़ीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। इससे पहले साल 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद कच्चे तेल का दाम सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचकर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि “यह ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए चुकाने लायक एक ‘छोटी क़ीमत’ है।”

हालिया उछाल की मुख्य वजह वैश्विक तेल आवाजाही के प्रमुख रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ का प्रभावित होना है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी में शिपिंग संकट और गहरा गया है क्योंकि टैंकर फंसे हुए हैं और समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की क़ीमतों में 18 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 108.68 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। वहीं, अमेरिकी तेल WTI क़रीब 20 फ़ीसदी बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।

उत्तरी सागर से निकलने वाले तेल को ब्रेंट क्रूड कहा जाता है।  अमेरिकी क्षेत्र से निकलने वाले प्रमुख कच्चे तेल को WTI कहा जाता है।

ट्रंप ने कच्चे तेल की कीमतों में आए ताजा उछाल को ट्रुथ सोशल पर लिखा,

“कम समय के लिए तेल की क़ीमतें बढ़ी हैं, जो ईरान के परमाणु ख़तरे के ख़त्म होते ही तेज़ी से नीचे आ जाएंगी। अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए यह बहुत छोटी क़ीमत है। सिर्फ़ मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे।”

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