रिपोर्टर की डायरी
10 साल की बच्ची से रेप कर रहे युवक को लोगों ने खूब पीटा, पुलिस ने जान बचाई
सासाराम | अमित कुमार
रोहतास जिले के सासाराम में दस साल की एक बच्ची को जबरन गोदाम में ले जाकर बलात्कार करने की कोशिश कर रहे एक युवक को बाद में परिजनों ने ढूंढ निकाला और सड़क पर उसकी पिटाई शुरू कर दी।
इस बात की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर आरोपी को छुड़ाया, जिसे गंभीर हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामला प्रतापगंज थानाक्षेत्र में बीते रविवार की शाम का है। आरोप है कि युवक दस साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर गोदाम में ले गया और वहां दुष्कर्म करने लगा।
तभी बच्ची किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर घर जा पहुंची और पूरी बात अपने परिजनों को बताई।
इसके बाद से सोमवार को परिजन एवं स्थानीय लोग आरोपी युवक की तलाश में थे। जैसे ही आरोपी युवक पर लोगों की नजर पड़ी, उसे पीटना शुरू कर दिया।
इस घटना में आरोपी युवक को गंभीर चोटें आईं हैं। सूचना पर सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार एवं नगर थाना अध्यक्ष राजीव रंजन राय भी घटना स्थल पर पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी।
प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू- डीएसपी
“नगर थाने को सूचना प्राप्त हुई कि सदर क्षेत्र में एक व्यक्ति को 10 वर्षीय की बच्ची से रेप की कोशिश के आरोप में भीड़ पीट रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है और मामले की जांच चल रही है। प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।” – दिलीप कुमार, सदर डीएसपी (प्रथम)
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बिहार की अनोखी होली: कहीं घमौर होली तो कहीं बरिऔरा होली के रंग
पटना |
बिहार के अलग-अलग इलाकों में होली अलग-अलग रूपों में मनाई जा रही है। होली के त्योहार की शुरुआत इस बार 2 मार्च की रात होलिका दहन से हो चुकी है। तीन मार्च को गांव-देहात में धुरखेली जैसी परंपरा के तहत धूल-कीचड़ से होली खेली जा रही है। 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। बता दें कि होली के आगमन के पहले बसंत पंचमी के दिन से बिहार में फगुआ गायन की समृद्ध परंपरा रही है।
बिहार के गांवों में होलिका दहन के लिए घर-घर से चंदा के रूप में गोइठा मांगने की प्राचीन परंपरा है जो आज भी गांवों में सामाजिक सहयोग के रूप में प्रचलित है । इस परंपरा के तहत युवा व बच्चों की टोली गांव में बोरियां लेकर घूमती और हर घर जाकर चंदा के रूप में गोइठा मांगती हैं। दरभंगा के ग्रामीण इलाकों में डंफा बजाकर पारंपरिक होली गीत गाने की परंपरा है। भागलपुर में भस्म से होली खेलने की परंपरा है। सहरसा के पश्चिम कहरा प्रखंड के बनगांव की घमौर होली मनाई जाती है। इस होली में लोग एक-दूसरे के कंधे पर सवार होकर जोर आजमाइश करते नजर आते हैं। पटना से सटे दानापुर और आसपास के इलाकों में बसिऔरा होली मनाई जाती है, खास बात यह है कि यह रंग की होली के अगले दिन मनाई जाती है।
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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी
- हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव के वीआईपी ट्रीटमेंट की रील वायरल।
- पुलिस पर दवाब आया तो एसपी ने जांच कराई, एसआई व दो चौकीदार सस्पेंड।
मधेपुरा | रजनीश सिंह
बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।
हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?
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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार
- गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
- 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
- सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।
गोपालगंज | आलोक कुमार
बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।
गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।
प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।
इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।
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