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रिपोर्टर की डायरी

बिहार : मारपीट से तंग आकर महिला ने खाने में जहर मिलाया, पति-ससुर की मौत

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पिता व बेटे के शव के पास रोती परिवार की महिलाएं।
  • किराए के घर में पति, ससुर व देवर के साथ रह रही थी हत्यारोपी महिला।
  • घर में मारपीट से डिप्रेशन में चल रही थी महिला, देवर की हालत नाजुक।

रोहतास | अमित कुमार

बिहार के रोहतास जिले में एक महिला ने खाने में जहर मिलाकर अपने पति, ससुर व देवर को खिला दिया, जिससे पति व ससुर की मौत हो गई है जबकि देवर की हालत नाजुक है। खाने में जहर देकर मौत का यह सनसनीखेज मामला अगरेर थाना क्षेत्र का है। पिता-बेटे की मौत के पीछे भोजन में जहर होने की पुष्टि जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने कर दी है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम गुरुवार को कराया गया है।

अस्पताल ले जाते हुए पिता-पति की मौत

घटना के संबंध में एसपी रौशन कुमार ने बताया कि परिजन की ओर से मिले आवेदन में भोजन में जहर मिलाकर देने का आरोप महिला पर लगाया गया है। अधिकारी ने बताया कि मरने वाले मूलरूप से बक्सर जिला निवासी राजमिस्त्री बेचन चौधरी अपने परिवार के साथ अगरेर गांव में राजू भगत के मकान में रहते थे। बीते बुधवार की रात भोजन खाने के बाद जब हालत बिगड़ी तो तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां ससुर को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि पति व देवर को पीएमसीएच के लिए पटना रेफर कर दिया गया। रास्ते में पति की भी मौत हो गई। पिता का नाम बेचन चौधरी(48) और उनके बेटे विशाल कुमार(19) की मौत हो गई है। वहीं, मृतक बेचन चौधरी के छोटे बेटे विकास कुमार का पीएमसीएच में इलाज चल रहा है।

पारिवारिक कलह में डिप्रेशन में थी महिला

घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि आरोपी महिला पारिवारिक कलह के कारण काफी दिनों से डिप्रेशन में रह रही थी। मारपीट और लड़ाई झगड़े से तंग आकर बुधवार की रात महिला ने अपने पति, ससुर एवं देवर को खाने में जहर मिलाकर दे दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्हें घटना को लेकर फोन आया तब उन्हें जानकारी मिली कि बहू ने जहर मिलाकर दिया है। परिजन के आवेदन पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।

पिता व बेटे के शव के पास रोती परिवार की महिलाएं।

पिता व बेटे के शव के पास रोती परिवार की महिलाएं।

महिला व उसकी मां को गिरफ्तार किया

एसपी रौशन कुमार ने बताया कि महिला व उसकी मां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मौके से पुलिस ने भोजन, मिठाई और सल्फाज भी बरामद की है। मौके पर एफएसएल की टीम भी पहुंची। घटना की सूचना मिलते ही अगरेर थाने की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए सदर अस्पताल सासाराम में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में सासाराम एसडीपीओ 1 कुमार वैभव ने बताया कि पुलिस आरोपी महिला एवं उसकी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी पुलिस ने कुछ भी बताने से इनकार किया है।

खाने में जहर की पुष्टि 

सदर अस्पताल सासाराम के डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगरेर से एक पिता एवं उसके दो पुत्र को अस्पताल लाया गया था, जिसमें पिता तथा एक पुत्र की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि दोनों की जहर खाने से मौत हुई है और एक व्यक्ति का गंभीर स्थिति में इलाज चल रहा है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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